Media24Media.com: जल्द बदल सकता है नोटों का रूप! ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का होगा फील्ड ट्रायल, RBI ने शुरू की तैयारी

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जल्द बदल सकता है नोटों का रूप! ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों का होगा फील्ड ट्रायल, RBI ने शुरू की तैयारी

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 नई दिल्ली। भारत में जल्द ही कागज के बजाय पॉलिमर यानी प्लास्टिक आधारित नोटों का इस्तेमाल देखने को मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल की दिशा में तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली विशेष सामग्री की आपूर्ति के लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।


पॉलिमर करेंसी को सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ माना जाता है। दुनिया के कई देशों में पहले से इस तरह के नोट चलन में हैं। भारत में भी अब इसके परीक्षण की तैयारी ऐसे समय में की जा रही है, जब करेंसी को ज्यादा टिकाऊ और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

RBI की सहायक कंपनी कर रही प्रक्रिया

पॉलिमर नोट से जुड़े इस प्रोजेक्ट की प्रक्रिया भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) की ओर से शुरू की गई है। BRBNMPL भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।

प्रोजेक्ट के तहत पॉलिमर नोटों की छपाई के लिए जरूरी विशेष सामग्री उपलब्ध कराने वाली कंपनियों का चयन किया जा रहा है। इसके लिए कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

68 हजार रीम विशेष सामग्री की जरूरत

प्रस्तावित खरीद में BOPP (Biaxially Oriented Polypropylene) आधारित विशेष पॉलीप्रोपाइलीन सामग्री का इस्तेमाल किया जाना है। यह सामग्री पॉलिमर नोटों की प्रिंटिंग और स्याही की बेहतर पकड़ के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए कुल करीब 68 हजार रीम सामग्री की जरूरत बताई गई है। इसमें 10 रुपये के पॉलिमर नोटों के लिए करीब 34 हजार रीम और 20 रुपये के नोटों के लिए इतनी ही मात्रा प्रस्तावित है।

UFlex और अमेरिकी कंपनी ने मिलकर लगाई बोली

इस प्रोजेक्ट में घरेलू कंपनी UFlex और अमेरिका की Spectra Systems के बीच साझेदारी भी सामने आई है। दोनों कंपनियों ने मिलकर पॉलिमर नोट परियोजना के लिए बोली जमा की है।

इस साझेदारी में UFlex की पॉलिमर निर्माण से जुड़ी विशेषज्ञता और Spectra Systems की बैंकनोट सुरक्षा एवं पहचान तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, बोली प्रक्रिया में शामिल होने को लेकर UFlex से प्रतिक्रिया मांगी गई थी, लेकिन कंपनी की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।

कई देशों में पहले से चल रहे पॉलिमर नोट

पॉलिमर करेंसी दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल की जा रही है। इन नोटों की खासियत यह है कि ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में पानी और रोजमर्रा के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान को बेहतर तरीके से सहन कर सकते हैं। इनकी उम्र भी अपेक्षाकृत लंबी मानी जाती है।

भारत में फिलहाल यह प्रक्रिया फील्ड ट्रायल के स्तर पर है। इसका मतलब है कि अभी पॉलिमर नोटों को देश में नियमित रूप से चलन में लाने का फैसला नहीं हुआ है। 10 और 20 रुपये के नोटों के परीक्षण के परिणामों के आधार पर आगे की दिशा तय की जा सकती है।

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