Media24Media.com: महासमुंद में खैर लकड़ी तस्करी का खुलासा, 70 टन लकड़ी और 1.70 करोड़ रुपये जब्त

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

महासमुंद में खैर लकड़ी तस्करी का खुलासा, 70 टन लकड़ी और 1.70 करोड़ रुपये जब्त

Document Thumbnail

 महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खैर लकड़ी की कथित अवैध तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर पुलिस ने तस्करी से अर्जित बताई जा रही 1 करोड़ 70 लाख रुपये की नकदी बरामद कर जब्त की है। पुलिस के अनुसार, यह रकम आरोपी मनीष अग्रवाल और संजय छाबड़िया से जुड़े कथित तस्करी नेटवर्क से संबंधित है।


महासमुंद पुलिस अवैध वनोपज परिवहन और धोखाधड़ी के इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार स्थित मकान पर कार्रवाई कर 81 लाख रुपये नकद जब्त किए थे।

हिमाचल प्रदेश में दबिश, 1.70 करोड़ रुपये जब्त

पुलिस के मुताबिक, खैर लकड़ी की कथित तस्करी के मामले की आगे जांच और आरोपियों की तलाश के दौरान महासमुंद पुलिस की विशेष टीम हिमाचल प्रदेश पहुंची। यहां उन ठिकानों पर दबिश दी गई, जहां कथित तौर पर मनीष अग्रवाल को अवैध खैर लकड़ी की खपत और बिक्री में मदद की जा रही थी।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मनीष अग्रवाल और संजय छाबड़िया से जुड़े कथित नेटवर्क से संबंधित 1,70,00,000 रुपये नकद बरामद किए। पुलिस ने रकम को विधिवत जब्त कर लिया है। अब नकदी के स्रोत और तस्करी से उसके संबंध की जांच की जा रही है।

फर्जी एनओसी से खैर लकड़ी के परिवहन का मामला

यह मामला वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के कथित अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए एनटीपीएस (NTPS) एनओसी (NOC) में कूटरचना कर दस्तावेज का वास्तविक रूप में उपयोग किया गया था। इसी आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी और दस्तावेजों में कूटरचना से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा स्थित मकान पर दबिश देकर 81 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए दूसरे राज्यों में भी कार्रवाई की गई।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी

महासमुंद पुलिस का कहना है कि अवैध खैर लकड़ी के परिवहन, कथित तस्करी से अर्जित रकम और इसमें सहयोग करने वाले लोगों की भूमिका की जांच जारी है। जब्त नकदी से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.