Media24Media.com: #महासमुंद

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #महासमुंद. Show all posts
Showing posts with label #महासमुंद. Show all posts

गांजा तस्करी पर बसना पुलिस का एक्शन, 28.465 किलो गांजा बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन निश्चय के तहत बसना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने गांजा तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 28.465 किलो गांजा बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।


पुलिस को देखकर कार मोड़कर भागने लगे

पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से काले रंग की वेगनआर कार क्रमांक MP 18 ZH 8555 में गांजा लेकर कुछ लोग बसना की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर बसना थाना और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने थाना परिसर के सामने सड़क पर नाकाबंदी कर वाहनों की निगरानी शुरू की।

इसी दौरान संदिग्ध कार सामने से आती दिखाई दी। पुलिस की नाकाबंदी देखकर चालक ने अचानक कार मोड़ ली और तेज गति से भागने लगा। पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने उसका पीछा किया।

कार में गांजा जलाकर भागने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, आरोपी कार को ग्राम चोरभट्ठी से मेदनीपुर जाने वाले मार्ग पर रोककर उसमें रखी गांजे से भरी बोरियों में आग लगाने लगे। इसके बाद कार को लॉक कर मौके से भागने का प्रयास किया।

पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने पीछा कर रहे दो आरोपियों को दौड़ाकर पकड़ लिया। वहीं, एक आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कार का सामने का शीशा तोड़कर अंदर लगी आग बुझाई।

तीन अधजली बोरियों में मिला गांजा

कार की तलाशी लेने पर डिक्की में तीन अधजली प्लास्टिक बोरियां मिलीं। इनमें कुल 28.465 किलो गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ओडिशा के बलांगीर निवासी विनोद राणा से गांजा खरीदकर अपने साथी शिवा सिंह के साथ शहडोल, मध्यप्रदेश ले जा रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, नाकाबंदी देखकर पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने गांजे सहित कार में आग लगाकर साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की थी।

मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम जुटी हुई है।

लाफिन कला के ग्रामीण बने प्रेरणा, बारिश में कीचड़ से बदहाल रहता था पुराना गौठान, अब 20 हजार स्क्वायर फीट में ढला सीमेंट का फर्श

No comments Document Thumbnail

सरकारी बजट की आस छोड़ ग्रामीणों ने खुद 15 लाख की लागत से बना दी कांक्रीट की गौठान,  साढ़े छह लाख से ज्यादा हो चुके खर्च; मंदिर निर्माण के लिए भी जुटा चुके हैं 50 लाख का चंदा


महासमुंद। कहते हैं कि अगर नीयत साफ हो और इरादे मजबूत हों, तो सरकारी व्यवस्था की ढिलाई भी गांव के विकास की राह नहीं रोक सकती। महासमुंद जिले के ग्राम लाफिन कला के ग्रामीणों ने इसे सच कर दिखाया है। सालों से बारिश के दिनों में कीचड़ से सराबोर रहने वाले गौठान और गोवंशों की दुर्दशा से दुखी होकर ग्रामीणों ने अब किसी सरकारी अनुदान या बजट की राह ताकना पूरी तरह छोड़ दिया है।


ग्राम विकास समिति ने खुद पहल करते हुए करीब 15 लाख रुपये के बजट से 20 हजार स्क्वायर फीट के विशाल गौठान को पूरी तरह कांक्रीट करने का बीड़ा उठाया है। इस जनसहयोग वाले प्रोजेक्ट में अब तक साढ़े 6 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च कर कांक्रीट ढलाई का बड़ा हिस्सा पूरा भी कर लिया गया है। इस अनोखी पहल से न केवल पशुओं को कीचड़ से राहत मिली है, बल्कि गोबर उठाने और गौठान की साफ-सफाई में भी बड़ी आसानी हो रही है।


ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष रामकुमार साहू ने बताया कि गांव का गौठान सालों से खुले मैदान में संचालित हो रहा था। हर मानसून में यहां गहरा कीचड़ जम जाता था। स्थिति इतनी भयावह हो जाती थी कि बेजुबान गोवंशों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती थी और उन्हें घंटों कीचड़ में ही खड़े रहना पड़ता था। मवेशियों की इस तड़प को देखकर ग्राम समिति ने एक आपात बैठक बुलाई और ग्रामीणों के सामने गौठान के पक्कीकरण की योजना रखी। गांव के हर परिवार ने इसमें सहमति जताई और ग्राम विकास समिति की राशि से कांक्रीट ढलाई का काम शुरू किया गया।

कांक्रीट गौठान के 3 बड़े फायदे

1. कीचड़ से शत-प्रतिशत मुक्ति: फर्श सीमेंटेड होने से अब बारिश का पानी आसानी से बह जाता है और मवेशी आराम से सूखी और साफ जगह पर बैठ सकते हैं।
2. संक्रमण और बीमारियों पर लगाम: कीचड़ और जलभराव न होने से गोवंशों में पैर की सड़ांध, खुरपका और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगभग खत्म हो गया है।
3. जैविक खाद प्रबंधन में आसानी: समतल कांक्रीट धरातल होने से अब गोबर और गौमूत्र का संग्रहण बेहद आसान और त्वरित हो गया है।

चंदे से बना चुके हैं 50 लाख का भव्य मंदिर

लाफिन कला के ग्रामीणों के लिए जनसहयोग से गांव की सूरत बदलना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी ग्रामीणों ने सामाजिक समरसता और एकजुटता की मिसाल पेश करते हुए करीब 50 लाख रुपये का चंदा आपस में इकट्ठा किया था। इस राशि से गांव में श्रीराम जानकी मंदिर का भव्य निर्माण कराया गया और गांव के बीचों-बीच स्थित तालाब के मध्य में दर्शनीय शिवलिंग आकार के शिव मंदिर की स्थापना की गई। सरकारी तंत्र पर निर्भर रहने के बजाय अपनी समस्याओं का समाधान खुद तलाशने की ग्रामीणों की इस सोच की पूरे इलाके में सराहना हो रही है।

धान बेचने किसानों को नहीं जाना पड़ेगा दूर, महासमुंद में 20 नए उपार्जन केंद्रों को मंजूरी

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद : राज्य शासन ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए महासमुंद जिले में 20 नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोले जाने की अनुमति प्रदान की है। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा आदेश जारी किया गया है।


किसानों एवं जनप्रतिनिधियों की मांग के अनुरूप कलेक्टर के माध्यम से भेजे गए प्रस्ताव के तहत राज्य शासन द्वारा महासमुंद जिले के डोंगरगांव, झिटकी, बोईरगांव, कलमीदादर, कौसरा, नवागांवकला, बरोली, मुनगाडीह, कोसमपाली, कायतापाली, दुर्गापाली, उमरिया, बगाईजोर, मोहका, संतपाली, गिधली, जम्हर, किसड़ी, तुरेंगा एवं सिनोधा में नवीन धान उपार्जन केन्द्र खोले जाने की अनुमति प्रदान की गई है।

नवीन धान उपार्जन केन्द्रों की स्थापना से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में धान विक्रय की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को दूरस्थ उपार्जन केन्द्रों तक धान ले जाने की परेशानी से राहत मिलेगी तथा परिवहन में लगने वाले समय और खर्च की भी बचत होगी।

महासमुंद में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, बाप-बेटे गिरफ्तार; 5.24 लाख का माल जब्त

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद। ओडिशा से मध्य प्रदेश अवैध गांजा लेकर जा रहे दो तस्करों को कोमाखान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 8.920 किलो गांजा, एक बाइक और दो मोबाइल फोन समेत कुल 5 लाख 24 हजार रुपये का सामान जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपी रिश्ते में बाप-बेटे हैं और मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के रहने वाले हैं।


पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार चेकिंग और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो व्यक्ति ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते गांजा लेकर मध्य प्रदेश की ओर जा रहे हैं।

सूचना मिलते ही कोमाखान पुलिस ने ग्राम घोयनाबाहरा नाके के पास नाकाबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध बाइक क्रमांक MP 50 JE 7254 वहां पहुंची, जिसे पुलिस टीम ने रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपियों के बैग से गांजा बरामद हुआ।

टिटलागढ़ से गांजा खरीदकर बालाघाट ले जा रहे थे

पूछताछ में आरोपियों की पहचान अर्जुन पटले (52) और उसके बेटे हिमांशु पटले (19) के रूप में हुई। दोनों वार्ड क्रमांक 14, ग्राम कोसमी, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश के निवासी हैं।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी ओडिशा के टिटलागढ़ से गांजा खरीदकर उसे मध्य प्रदेश के बालाघाट में खपाने की तैयारी में थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया है।

5.24 लाख रुपये का सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—

8.920 किलो गांजा — कीमत करीब ₹4.46 लाख
स्प्लेंडर बाइक — कीमत ₹60 हजार
2 मोबाइल फोन — कीमत ₹18 हजार

सहित कुल ₹5 लाख 24 हजार रुपये का सामान जब्त किया है।

कोमाखान पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

महासमुंद में स्वतंत्रता दिवस पर अनूठी पहल: माँ पैथोलॉजी एवं माँ मेडिकल स्टोर ने किया निःशुल्क बूंदी वितरण

No comments Document Thumbnail

महासमुंद । स्वतंत्रता दिवस के पावन और गौरवशाली अवसर पर महासमुंद शहर में जनसेवा की एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। बस स्टैंड स्थित 'माँ पैथोलॉजी सर्विसेस' और जिला अस्पताल खरोरा के सामने संचालित 'माँ मेडिकल स्टोर' के संचालक ललित कुमार चक्रधारी द्वारा शहर के मिनी स्टेडियम के सामने आम नागरिकों के लिए निःशुल्क बूंदी (प्रसाद) वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


​ शहर में पहली बार ऐसा आयोजन

आयोजकों के अनुसार, महासमुंद शहर में यह पहला अवसर था, जब किसी निजी संस्थान या व्यवसाई द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर इतने बड़े पैमाने पर आम जनता के लिए निःशुल्क बूंदी वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अनूठे जनसेवा के कार्य की सराहना की जा रही है।

​ हजारों नागरिकों ने ग्रहण किया प्रसाद

15 अगस्त के पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभक्ति का अभूतपूर्व उत्साह नजर आया। मिनी स्टेडियम के सामने आयोजित इस वितरण कार्यक्रम में शहर के हजारों गणमान्य नागरिकों, युवाओं, बुजुर्गों और आम लोगों ने पहुँचकर प्रसाद स्वरूप बूंदी ग्रहण की। कार्यक्रम स्थल पर लोगों का तांता लगा रहा। इस पुनीत कार्य और सेवा भावना के लिए स्थानीय नागरिकों ने संचालक ललित कुमार चक्रधारी का हृदय से आभार व्यक्त किया।

​ स्टाफ और सहयोगियों का रहा विशेष योगदान

इस भव्य कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने में माँ पैथोलॉजी लैब तथा माँ मेडिकल स्टोर के पूरे स्टाफ एवं सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान सभी ने पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ अपनी सेवाएँ दीं।
​इस अवसर पर मुख्य रूप से जनक यादव, नरेश यादव, नेहरू पटेल, दिव्या, खिलेश चक्रधारी, गीता यादव, तरणी ध्रुव, खेमेश्वरी विश्वकर्मा, जैसमीन और महेश ध्रुव सहित संस्थान का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और कार्यक्रम को सफल बनाया।

महासमुंद: चंडी मंदिर के पीछे जंगल में चल रहे जुआ फड़ पर पुलिस का छापा, 12 गिरफ्तार, 4 फरार

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद। जिले में जुए के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बागबाहरा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ग्राम घुचापाली स्थित प्रसिद्ध चंडी मंदिर के पीछे जंगल में चल रहे एक बड़े जुआ फड़ पर दबिश देकर 12 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वहीं, अंधेरे का फायदा उठाकर 4 आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।


मुखबिर की सूचना पर देर रात घेराबंदी पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि चंडी मंदिर के पीछे जंगल में बड़े पैमाने पर जुआ खिलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम का गठन कर देर रात मौके पर घेराबंदी की गई। पुलिस की धमक देखते ही जुआरियों में हड़कंप मच गया और वे भागने लगे। हालांकि, मुस्तैद पुलिस जवानों ने घेराबंदी कर 12 आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।

नकद समेत गाड़ियां और मोबाइल जब्त इस कार्रवाई में पुलिस ने जुआ फड़ से भारी मात्रा में मशरूका बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • नकद राशि: ₹3,60,100 (तीन लाख साठ हजार एक सौ रुपये)

  • वाहन: 5 मोटरसाइकिल और 2 कारें

  • अन्य सामान: 14 मोबाइल फोन, 52 पत्ती ताश और रोशनी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एक सीएफएल बल्ब।

जब्त की गई इस पूरी संपत्ति की कुल कीमत ₹20,35,100 (बीस लाख पैंतीस हजार एक सौ रुपये) आंकी गई है।

कड़ी धाराओं में मामला दर्ज, भेजे गए जेल बागबाहरा पुलिस ने पकड़े गए सभी 12 आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 (छोटे संगठित अपराध) के तहत अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार 4 अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

महासमुंद में बिजली गिरने से बड़ा हादसा, बेटे की मौत, पिता जिंदगी की जंग लड़ रहा

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद। तुमगांव थाना क्षेत्र में आज शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। घटना की चपेट में आने से बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से झुलस गए। घायल पिता का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।


बताया जा रहा है कि मौसम खराब होने के दौरान दोनों खेत की ओर गए हुए थे, तभी अचानक तेज गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली गिर गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल पहुंचाया गया।

इधर, छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। रायपुर में शुक्रवार सुबह गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश की संभावना जताई है। वहीं 17 मई से मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेन्ड्रा रोड में 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

महासमुंद में ₹1.5 करोड़ का एलपीजी घोटाला: भाजपा नेता और खाद्य अधिकारियों समेत 4 हिरासत में

No comments Document Thumbnail

 ​छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में करीब 1.5 करोड़ रुपये के बड़े एलपीजी घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में पुलिस ने गौरव गैस एजेंसी के संचालक और भाजपा नेता पंकज चंद्राकर समेत चार मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। 


​ ऐसे रचा गया साजिश का जाल

​पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरा घोटाला मार्च के आखिरी हफ्ते से लेकर 8 अप्रैल 2026 के बीच अंजाम दिया गया। इस खेल में खाद्य विभाग के अधिकारी और प्लांट मैनेजर भी शामिल थे। ​ मुख्य साजिश: महासमुंद जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर ने प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव के साथ मिलकर योजना बनाई।

पंकज चंद्राकर

​ गैस की हेराफेरी: इन्होंने गैस से भरे 6 बड़े कैप्सूल को अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को सौंप दिया। वहां से गैस को धीरे-धीरे निकालकर अलग-अलग टैंकरों के जरिए खुले बाजार में अवैध रूप से बेच दिया गया।


​जीपीएस (GPS) ने खोल दी पोल

आरोपियों ने पूरी सावधानी बरती थी, लेकिन कैप्सूल वाहनों में लगे GPS सिस्टम ने उनका राज खोल दिया। ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि:
​31 मार्च से 5 अप्रैल के बीच कुल 6 बार गैस निकाली गई। ​कुल 90 मीट्रिक टन गैस की अवैध रूप से चोरी की गई।

​रिकॉर्ड में मिला बड़ा झोल

​जब पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए: ​रिकॉर्ड के मुताबिक, सिर्फ 47 टन गैस खरीदी गई थी। ​स्टॉक पहले से ही जीरो था, फिर भी 107 टन गैस की बिक्री दिखा दी गई। ​यह भारी अंतर ही चोरी और कालाबाजारी का सबसे बड़ा सबूत बना।

​ कर्मचारियों ने कबूला सच

​प्लांट के कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने उच्च अधिकारियों के दबाव में यह काम किया। गैस को पहले बड़े बुलेट टैंक में भरा जाता था और फिर कच्चे बिलों के आधार पर रायपुर और आसपास के इलाकों में सप्लाई कर दिया जाता था।

​ वर्तमान स्थिति: कौन अंदर, कौन बाहर?

​पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है:-
​पंकज चंद्राकर (संचालक, गौरव गैस एजेंसी)
​निखिल वैष्णव (प्लांट मैनेजर)
​अजय यादव (खाद्य अधिकारी)
​मनीष यादव (सहायक खाद्य अधिकारी)
​वहीं, ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

NH-353 पर बड़ी कार्रवाई: बस से 600 चांदी के पायल जब्त, कीमत करीब 46.68 लाख

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद। जिले के रेहटीखोल नाका (NH-353) पर पुलिस चेकिंग के दौरान एक यात्री बस से बड़ी मात्रा में चांदी के पायल बरामद किए गए हैं। सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में 600 नग पायल जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 46.68 लाख रुपये बताई जा रही है।


पुलिस के अनुसार, ओडिशा की ओर से आने वाले वाहनों की नियमित जांच के दौरान श्री श्याम ट्रैवल्स की एक बस को रोका गया। तलाशी के दौरान एक यात्री संदिग्ध स्थिति में पाया गया, जो नीले रंग का पिट्ठू बैग लेकर यात्रा कर रहा था।

पूछताछ में उसने अपना नाम राज किशोर शर्मा उर्फ राजू (58 वर्ष), निवासी कटक (ओडिशा) बताया। बैग की तलाशी लेने पर तीन प्लास्टिक डिब्बों में रखे 600 नग चांदी के पायल बरामद हुए, जिनका कुल वजन 18.590 किलोग्राम है।

आभूषणों के संबंध में वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपी कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 94 के तहत कार्रवाई करते हुए चांदी के जेवर जब्त कर लिए।

पुलिस ने जब्त पायलों की कीमत लगभग 46,68,090 रुपये आंकी है। मामले की सूचना आयकर विभाग और राजस्व सूचना निदेशालय (DRI), छत्तीसगढ़ को आगे की जांच के लिए भेज दी गई है।

महासमुंद को मिलेगी बड़ी राहत: सिकासार-कोडार लिंक परियोजना से दूर होगा सूखा, 178 गांवों को फायदा

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद। जिले के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत सिकासार-कोडार लिंक परियोजना के तहत अब गरियाबंद के सिकासार जलाशय का अतिरिक्त पानी महासमुंद के कोडार जलाशय तक पहुंचाया जाएगा।


करीब ₹3400 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 88 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसके माध्यम से एक जलाशय को दूसरे से जोड़ा जाएगा। यह प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना होगी, जिसमें स्टील की अंडरग्राउंड पाइप का उपयोग किया जा रहा है।

परियोजना से महासमुंद जिले के कई गांवों को सिंचाई सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा, वहीं पेयजल संकट से भी राहत मिलने की उम्मीद है। वाष्पीकरण से नष्ट होने वाले लगभग 25 प्रतिशत पानी को संरक्षित कर उसका बेहतर उपयोग किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

सरकार ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और वर्ष 2029 से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

हालांकि, इस योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे कुछ क्षेत्रों के हितों के खिलाफ बताया है, जबकि सत्ता पक्ष इसे प्रदेश में जल प्रबंधन और सिंचाई विस्तार की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना समय पर पूरी होती है, तो महासमुंद जिले में जल संकट की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

रायगढ़, बालोद और महासमुंद में संशोधित गाइडलाइन दरें 20 फरवरी से लागू

No comments Document Thumbnail

रायपुर। प्रदेश में 20 नवम्बर 2025 से लागू नवीन गाइडलाइन दरों के तहत आवश्यकतानुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संशोधन प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा रहे हैं।

इसी क्रम में रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित जिलों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा समग्र विचार-विमर्श के उपरांत रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों के संशोधित प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नई गाइडलाइन दरें रायगढ़, बालोद और महासमुंद जिलों में 20 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक, संपत्ति क्रेता-विक्रेता तथा अन्य संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों एवं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि शेष जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त संशोधित प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करते हुए क्रमशः नई गाइडलाइन दरें जारी की जाएंगी। यह कदम प्रदेश में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महासमुंद : जिले की 551 ग्राम पंचायतों में मॉडल जीपीडीपी को लेकर प्रशिक्षण प्रक्रिया जारी

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। जिले में ग्राम पंचायतों की समग्र एवं आवश्यकता आधारित विकास योजना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मॉडल ग्राम पंचायत विकास योजना (मॉडल जीपीडीपी) को लेकर व्यापक प्रशिक्षण प्रक्रिया संचालित की जा रही है। जिला पंचायत द्वारा दिए गए निर्देश के तहत महासमुंद जिले के सभी 551 ग्राम पंचायतों में ब्लॉकवार फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसी क्रम में आज महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली विकासखंडों में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मॉडल जीपीडीपी के क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत योजना निर्माण समिति की भूमिका तथा सभी विभागों और समुदाय के सहयोग से नीड-बेस्ड जीपीडीपी योजना का निर्माण कर ग्राम सभा से पारित कराने की प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान पीएआई इंडिकेटर्स के अनुरूप 9 एलएसडीजीएस थीम के आधार पर योजनाओं के निर्माण, समावेशी योजना प्रक्रिया तथा पंचायत स्तर पर समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

महासमुंद विकासखंड में आयोजित प्रशिक्षण में 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, शिक्षक एवं पीएचई मैकेनिक शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों को विभागीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से प्रदान किया जा रहा है। फाउंडेशन की ओर से महेंद्र आर्य ने वीडियो माध्यम से मॉडल जीपीडीपी की अवधारणा, इसकी चरणबद्ध प्रक्रिया, फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका एवं पंचायत की सामूहिक सहभागिता को सरल रूप में समझाया। साथ ही प्रतिभागियों की समझ को मजबूत करने के लिए एक इंटरैक्टिव गतिविधि भी कराई गई। 

महासमुंद : बागबाहरा मंडी सचिव निलंबित, अवैध धान परिवहन मामले में कार्रवाई

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने बागबाहरा कृषि उपज मंडी समिति के सचिव कुशल राम ध्रुव को गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्य में उदासीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार विपणन वर्ष 2025-26 में 28 दिसंबर 2025 को ग्राम टेमरी निवासी कृषक राधेश्याम साहू के घर के पास ओडिशा राज्य से अवैध रूप से धान ट्रक से लाकर खाली किया जा रहा था। इस दौरान 03 ट्रैक्टर में धान पलटा गया। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बागबाहरा के द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार मंडी प्रशासन द्वारा नियमानुसार आवश्यक पंचनामा, जप्ती एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई एवं मंडी के सुपूर्द नहीं किया गया।

कलेक्टर खाद्य शाखा के प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड द्वारा यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में ध्रुव का मुख्यालय छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड, संभागीय कार्यालय रायपुर रहेगा। इस दौरान वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि में ध्रुव के स्थान पर मंडी निरीक्षक दिनेश कुमार साहू को कृषि उपज मंडी समिति बागबाहरा के सचिव का प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा गया है।

महासमुंद : ओड़िशा से अवैध धान परिवहन पर कार्रवाई, दो अलग-अलग मामलों में 420 कट्टा धान एवं ट्रक जब्त

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध धान परिवहन और भंडारण पर संयुक्त टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कल देर रात बागबाहरा एवं आज सरायपाली ब्लॉक में कार्रवाई कर अवैध धान एवं ट्रक वाहन जब्त किया गया।

सरायपाली विकासखंड के ग्राम कोलीहादेवरी में आज डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा के नेतृत्व में राजस्व टीम द्वारा ओड़िशा से कोचियों के माध्यम से अवैध रूप से लाकर डंप किए गए 420 कट्टा धान को मौके पर ही जब्त किया गया। कार्रवाई के पश्चात डिप्टी कलेक्टर द्वारा ओड़िशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती जांच नाका सिरपुर का भी निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने एवं कड़ी निगरानी रखने के आवश्यक निर्देश दिए गए।

इसी तरह बागबाहरा ब्लॉक अंतर्गत देर रात ओड़िशा सीमा के पास टूहलू चौकी क्षेत्र में की गई, जहां अवैध रूप से धान परिवहन करते हुए एक मिनी ट्रक को पकड़ा गया। वाहन में भरा धान जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया तथा जब्त धान को कोमाखान थाना क्षेत्र में मंडी को सुपुर्द किया गया। अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं खरीदी के विरुद्ध आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

महासमुंद : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का छत्तीसगढ़ दौरा कार्यक्रम

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। भारत के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत 01 जनवरी को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे प्रातः 09:30 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल, रायपुर पहुंचेंगे। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री शेखावत 09:55 बजे रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान करेंगे तथा 10:05 बजे सिरपुर हेलीपैड, महासमुंद पहुंचेंगे।

सिरपुर आगमन के पश्चात केंद्रीय मंत्री शेखावत सड़क मार्ग से सर्किट हाउस, सिरपुर पहुंचेंगे, जहां वे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात सर्किट हाउस में दोपहर भोज के लिए समय आरक्षित रहेगा। दोपहर 01:00 बजे केंद्रीय मंत्री शेखावत सर्किट हाउस, सिरपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान करेंगे तथा 01:30 बजे भोरमदेव मंदिर के हेलीपैड, कबीरधाम पहुंचेंगे।

महासमुंद : सुचारू रूप से धान खरीदी व्यवस्था जारी

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। राज्य सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम झालखम्हरिया सेवा सहकारी समिति में सुव्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। समिति में आफ लाइन और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था नियमित रूप से लागू की गई है, जिससे धान विक्रय के दौरान न तो भीड़ है और न ही भगदड़ की स्थिति। किसान पूरी सुविधा और संतोष के साथ अपना धान विक्रय कर रहे हैं।

समिति प्रबंधक भोज राम साहू ने बताया कि आज कुल 24 किसानों के टोकन काटे गए, जिनके माध्यम से 1090 क्विंटल धान की खरीदी की गई। अब तक समिति में 27,482 क्विंटल धान की सफलतापूर्वक खरीदी हो चुकी है। वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत किसान धान विक्रय कर चुके हैं, जिसमें 535 किसान शामिल हैं। समिति में कुल 1077 किसान पंजीकृत हैं। धान उठाव की व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो रही है। अब तक लगभग 50 प्रतिशत धान का उठाव हो चुका है और परिवहन या भंडारण में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।

धान विक्रय के लिए पहुँचे युवा किसान देव कुमार साहू ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन के माध्यम से बिना किसी परेशानी के 105 कट्टा (लगभग 42 क्विंटल) धान विक्रय हेतु लाया है। उनकी लगभग 2 एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने कहा कि समिति में पर्याप्त मात्रा में हमाल उपलब्ध हैं, जिससे धान तौल एवं उठाव में समय की कोई बर्बादी नहीं होती। पूरी प्रक्रिया शासन के निर्देशानुसार सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है।

समिति प्रबंधक ने यह भी बताया कि धान विक्रय के पश्चात किसानों के बैंक खातों में राशि का तत्काल अंतरण किया जा रहा है, जिससे किसानों में खुशी और संतोष दिखाई दे रहा है।

बीती रात महासमुंद जिले में अवैध धान 2,986 कट्टा धान जब्त

No comments Document Thumbnail

महासमुंदखरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अवैध धान भंडारण, परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाने के लिए महासमुंद जिले में जांच-पड़ताल कर अवैध धान की जब्ती का सिलसिला जारी है। बीती रात तथा शुक्रवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में की गई कार्रवाई में कुल 2,986 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया।

कलेक्टर स्वयं प्रतिदिन धान खरीदी केंद्रों एवं जांच चौकियों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने आज बागबाहरा विकासखंड के अंतर्राज्यीय जांच चौकी टेमरी, नर्रा और खट्टी सहित परसुली धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया और अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर रविp साहू, एसडीएम नमिता मारकोले एवं तहसीलदार नीतिन ठाकुर मौजूद थे। 

आज शुक्रवार को पिथौरा क्षेत्र में एसडीएम बजरंग वर्मा के नेतृत्व में ग्राम श्रीरामपुर में मायाधार के घर से 81 कट्टा धान जब्त किया गया। ग्राम छूवालीपतेरा में दयाराम जांगड़े के घर से 320 बोरी संदिग्ध धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। बसना क्षेत्र में ग्राम जामनीडीह के दो प्रकरणों में 589 कट्टा और 53 कट्टा धान जब्त किया है। ग्राम पल्सापाली में दो प्रकरणों में 133 कट्टा और 59 कट्टा तथा ग्राम बांसुला में 153 कट्टा, ग्राम मोहका में 55 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया। 

इसी तरह सरायपाली क्षेत्र में एसडीएम अनुपमा आनंद के नेतृत्व में ग्राम चारभाठा से 400 कट्टा, ग्राम सिंगबाहल में उपेंद्र साहू के घर व्यापारी दीपक साहू का 260 कट्टा, ग्राम चिराकूटा में आनंद प्रधान के घर एवं गोदाम से कुल 488 कट्टा और 160 कट्टा, ग्राम कोइलबाहल से 235 कट्टा धान जब्त किया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान के अवैध परिवहन, भंडारण एवं खरीदी के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान, केराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में राज्य के 12 जिलों को किया सम्मानित

No comments Document Thumbnail

रायपुर। जल संरक्षण एवं सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर छत्तीसगढ़ के 12 जिलों रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बालोद, बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग और सूरजपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कल आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय जनभागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने इन जिलों को सम्मानित किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण की दिशा में देशभर में विशेष पहचान बनाई है। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के अभिनव प्रयासों और जनभागीदारी ने जल संचयन की दिशा में नए आयाम हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के नागरिकों और जिला प्रशासन को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जल संचयन के प्रति लोगों में आई यह चेतना जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार प्रेरणादायी होगा। 

रायपुर जिले को जल संचय जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। देशभर के नगर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम स्थान पर रहा, जबकि पूर्वी जोन कैटेगरी 01 में रायपुर जिला तीसरे स्थान पर रहा। रायपुर जिले और नगर निगम ने मिलकर सामुदायिक सहभागिता को जल संचय का व्यापक अभियान बनाया। रायपुर नगर निगम द्वारा 33,082 कार्य और जिला प्रशासन द्वारा 36,282 कार्य किए गए हैं।

राजनांदगांव जिले को ईस्ट जोन के अंतर्गत राष्ट्रीय जल अवार्ड में प्रथम स्थान तथा जनभागीदारी केटेगरी 01 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 2 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। यहां 58,967 जल संचय के कार्य जनभागीदारी से पूर्ण किए गए हैं। बालोद जिले को केटेगरी 01 में बेस्ट परफॉर्मिंग के लिए पहला स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। यहां 92,742 नई जल संरचनाएँ निर्मित की गई। 

महासमुंद जिले को कैटेगरी 2 अंतर्गत प्रथम स्थान के लिए सम्मानित किया है। यहां 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को कैटेगरी 2 के तहत दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 01 करोड़ रूपए की पुरस्कार राशि दी गई है। यहां 30,927 संरचनाओं का निर्माण किया गया है। गरियाबंद जिला को केटेगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। यहां 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव के कार्य किए गए हैं। 

बिलासपुर को केटेगेरी 03 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए की पुरस्कार राशि मिली है। यहां 21,058 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य किया गया है। दुर्ग जिले को केटेगरी-03 में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 5010 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। बलरामपुर जिले को केटेगरी-03 में 6वें स्थान के लिए सम्मानित किया गया है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 8644 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। 

धमतरी जिले को केटेगरी 3 में 8वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 7674 जन संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। रायगढ़ जिले को केटेगरी 3 में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 19088 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। सूरजपुर जिले को केटेगरी 3 में 12वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है तथा यहां 5797 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है।

जल संचय, जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान

No comments Document Thumbnail

रायपुर। जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जल संचय, जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान द्रौपदी मुर्मू ने जिले को उत्कृ एकष्ट कार्य के लिए एक करोड़ रूपए की राशि से सम्मानित किया है। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस पुरस्कार को ग्रहण किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। 

गौरतलब है कि जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिला को बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आज आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने महासमुंद जिले में जल संचय, जन भागीदारी में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिया। जिससे जिले को एक करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री सीआर पाटिल, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना एवं अन्य अतिथियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। जिले की ओर से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता अजय खरे भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण के लिए यह उपलब्धि मिली है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण महासमुंद जिले वासियों को दिया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं संपूर्ण जिले वासियों के अथक प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता के फलस्वरूप जल संचयन एवं जन भागीदारी अभियान में जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सका है। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित पूरे जिले वासियों के प्रति आभार प्रकट किया है। लंगेह ने जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान में बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर महासमुंद जिले को भारत के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त होने पर संपूर्ण जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।


महासमुंद : कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने जिले के 06 तहसीलदारों को एस्मा अधिनियम 1979 अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने जिले के सभी 06 तहसीलदारों को एस्मा अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 अर्थात् खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी की अवधि तक धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 लागू किया गया है।

धान खरीदी वर्ष 2025-26 के सुचारू रूप से संचालन हेतु दिए गए आदेश तहत आपके तहसील में पदस्थ राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों को धान खरीदी कार्य में ड्यूटी लगाई गई थी, जिसके तारतम्य में राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों द्वारा 15 नवंबर 2025 को संबंधित धान उपार्जन केन्द्रों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया गया, साथ ही 16 नवंबर 2025 को आयोजित धान खरीदी संबंधी प्रशिक्षण में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे, जो छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस कृत्य से 15 नवम्बर 2025 को धान खरीदी वर्ष 2025-26 प्रभावित हुई तथा आगामी खरीदी भी प्रभावित होने की संभावना है। आपके अधीनस्थ राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों को उनके कर्तव्य का पालन करने तथा आयोजित प्रशिक्षण में उपस्थिति हेतु उत्तरदायित्व आपको सौंपा गया था।

धान खरीदी कार्य में संलग्न राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था, जिसका पालन आपके द्वारा जानबूझकर नहीं किया गया, जो आपके द्वारा आपके शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के प्रति घोर लापरवाही तथा स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है। अतः आप 24 घंटे के भीतर समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करें कि क्यों न आपके विरूद्ध छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के अंतर्गत कार्यवाही संस्थित की जावे। निर्धारित समयावधि में उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की संपूर्ण उत्तरदायित्व आपकी स्वयं की होगी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.