Media24Media.com: यूरोप में साइबर हमले से मचा हड़कंप, हैकर्स ने सैंकड़ों सुपरमार्केट के फ़्रिज को गर्म कर आग लगा दिया

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यूरोप में साइबर हमले से मचा हड़कंप, हैकर्स ने सैंकड़ों सुपरमार्केट के फ़्रिज को गर्म कर आग लगा दिया

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फ्रांस के कई बड़े रिटेल स्टोर के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर साइबर हमले की खबर, तापमान बढ़ने से खाद्य पदार्थों को नुकसान; पुराने फर्मवेयर की सुरक्षा पर उठे सवाल


पेरिस। यूरोप में साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। फ्रांस में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद खाद्य कारोबार और औद्योगिक उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, हैकरों ने कई सुपरमार्केट के कनेक्टेड रेफ्रिजरेटरों के नियंत्रण में सेंध लगाकर उनका तापमान बढ़ा दिया। कुछ रिपोर्टों में पेरिस में करीब 150 रेफ्रिजरेटर में आग लगने का दावा भी किया गया है। हालांकि, आग लगने की घटनाओं और प्रभावित उपकरणों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि अब सुपरमार्केट में इस्तेमाल होने वाले रेफ्रिजरेशन सिस्टम इंटरनेट से जुड़े डिजिटल नियंत्रणों के जरिए संचालित होते हैं। ऐसे सिस्टम में सुरक्षा की खामी सामने आने पर खाद्य पदार्थों के भंडारण से लेकर दुकानों के संचालन तक पर असर पड़ सकता है।

छह घंटे तक बढ़ता रहा फ्रिज का तापमान

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस के कुछ सुपरमार्केट में हैकरों ने रेफ्रिजरेशन सिस्टम के नियंत्रण को प्रभावित किया। इसके बाद कई उपकरणों का तापमान सामान्य स्तर से काफी ऊपर चला गया। इंटरमार्चे रिटेलर की मूल कंपनी लेस मौस्केटियर्स के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया कि कुछ रेफ्रिजरेटर लगभग छह घंटे तक प्रभावित रहे और उनका तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

यदि रेफ्रिजरेटर लंबे समय तक इस तरह गर्म रहें, तो उनमें रखे मांस, डेयरी उत्पादों और अन्य जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित सामान को हटाना या नष्ट करना पड़ सकता है।

हालांकि, तापमान बढ़ने और उपकरणों में आग लगने के बीच संबंध की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।

कई बड़ी सुपरमार्केट कंपनियां जांच के दायरे में

रिपोर्टों में फ्रांस की कई प्रमुख रिटेल कंपनियों के स्टोर प्रभावित होने की बात कही गई है। इनमें कैरेफोर, मोनोप्रिक्स, औचन, इंटरमार्चे और ई-लेक्लर्क जैसे नाम शामिल हैं।

बताया गया है कि हमले में रेफ्रिजरेशन उपकरणों के डिजिटल नियंत्रण को निशाना बनाया गया। हालांकि, किन-किन स्टोरों में कितने उपकरण प्रभावित हुए और सभी कंपनियों को किस स्तर का नुकसान हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कैसे हैक हुए सुपरमार्केट के फ्रिज?

इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि हैकरों ने रेफ्रिजरेशन सिस्टम तक पहुंच कैसे बनाई। आधुनिक सुपरमार्केट में फ्रिज और कोल्ड-स्टोरेज उपकरणों का तापमान सेंसर, कंट्रोलर और नेटवर्क से जुड़े सिस्टम के जरिए नियंत्रित किया जाता है।

रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने के बाद रेफ्रिजरेशन उपकरणों की सामान्य प्रक्रिया में बदलाव किया। इससे कुछ उपकरणों का तापमान बढ़ गया। हालांकि, हैकिंग का सटीक तरीका, इस्तेमाल की गई तकनीक और हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

इस घटना ने यह भी दिखाया है कि साइबर सुरक्षा की कमजोरियां केवल कंप्यूटर और मोबाइल तक सीमित नहीं हैं। इंटरनेट से जुड़े औद्योगिक उपकरण भी हमलों का निशाना बन सकते हैं।

पुराने फर्मवेयर पर चल रहे थे प्रभावित उपकरण

रेफ्रिजरेशन और औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों से जुड़ी कंपनी डैनफॉस के हवाले से आई रिपोर्टों में कहा गया है कि प्रभावित उपकरणों में पुराने फर्मवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा था। कंपनी ने कथित तौर पर ग्राहकों को सिस्टम अपडेट करने के लिए पहले भी चेतावनी दी थी।

फर्मवेयर वह सॉफ्टवेयर होता है, जो किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के बुनियादी संचालन को नियंत्रित करता है। यदि इसमें सुरक्षा संबंधी खामियां मौजूद हों और उन्हें समय पर ठीक न किया जाए, तो हमलावर उनका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे जोखिम कम करने के लिए उपकरणों को नियमित रूप से अपडेट करना, नेटवर्क की पहुंच सीमित रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना जरूरी है।

फ्रांस में जांच के निर्देश, दूसरे देशों पर भी नजर

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी को निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता हमले के तरीके, प्रभावित उपकरणों और संभावित नुकसान का पता लगाना है।

कुछ रिपोर्टों में स्पेन, पुर्तगाल, पोलैंड, जर्मनी और बेल्जियम में भी संभावित असर की आशंका या जानकारी का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन सभी देशों में एक ही साइबर हमले के कारण फ्रिज प्रभावित होने की पुष्टि संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों से की जानी चाहिए।

खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर क्यों बढ़ी चिंता?

सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम में गड़बड़ी होने पर केवल उपकरण ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री खराब होने का जोखिम भी पैदा हो जाता है। यदि किसी हमले का दायरा कई शहरों या देशों तक फैलता है, तो दुकानों के संचालन और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

इस घटना के बाद कनेक्टेड उपकरणों की सुरक्षा, पुराने सॉफ्टवेयर को अपडेट करने और औद्योगिक नेटवर्क को अलग रखने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। जांच से यह स्पष्ट होगा कि यह हमला किसी एक तकनीकी कमजोरी का नतीजा था या इसके पीछे व्यापक साइबर अभियान काम कर रहा था।

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