Media24Media.com: 9 साल तक दुर्ग में किराए के मकान में रही बांग्लादेशी महिला, जुलाई में हुई थी गिरफ्तारी; अब भेजा गया वापस

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9 साल तक दुर्ग में किराए के मकान में रही बांग्लादेशी महिला, जुलाई में हुई थी गिरफ्तारी; अब भेजा गया वापस

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 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में करीब नौ साल तक किराए के मकान में रहने वाली बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर को 23 अक्टूबर को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया। जुलाई 2026 में गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर जेल में रखा गया था। अब पुलिस उसके आधार कार्ड और राशन कार्ड सहित अन्य भारतीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। इन दस्तावेजों को कहां और किस प्रक्रिया के तहत बनवाया गया था, इसकी पड़ताल की जा रही है।


2017 से दुर्ग में रह रही थी महिला

पुलिस के मुताबिक, रीना अख्तर वर्ष 2017 से दुर्ग जिले में रह रही थी। इस दौरान वह किराए के मकान में रही और सिलाई-कढ़ाई के साथ घरेलू काम भी करती थी। उसके दुर्ग और रायपुर में रहने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को उसके कई बार पश्चिम बंगाल जाने और एक बार बांग्लादेश जाकर वापस दुर्ग लौटने की जानकारी भी मिली थी।

जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन के लिए चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस को रीना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जुलाई 2026 में उसे गिरफ्तार कर रायपुर जेल भेज दिया गया।

STF, खुफिया विभाग और BSF की मदद से कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद रीना अख्तर को बांग्लादेश वापस भेजने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद 23 अक्टूबर को दुर्ग पुलिस की टीम पश्चिम बंगाल पहुंची। वहां खुफिया विभाग और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सहयोग से उसे बांग्लादेश भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में दुर्ग पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF), खुफिया विभाग और BSF की संयुक्त भूमिका रही।

आधार और राशन कार्ड की भी होगी जांच

पुलिस के अनुसार, दुर्ग में रहने के दौरान रीना अख्तर ने आधार कार्ड और राशन कार्ड समेत कुछ भारतीय दस्तावेज बनवा लिए थे। अब इन दस्तावेजों की वैधता और इन्हें जारी करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि संबंधित दस्तावेज किन परिस्थितियों में और किन माध्यमों से बनवाए गए थे।

एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि रीना के भारतीय दस्तावेजों के संबंध में जानकारी मिली है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर नियमों के अनुसार इन्हें रद्द कराने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के साथ उनके पास मौजूद दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा रहा है।

संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूचना देने की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी विदेशी नागरिक के अवैध रूप से रहने या फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें। शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हेल्पलाइन नंबर: 1800-233-1905

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