Media24Media.com: वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वाेच्च बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वाेच्च बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Document Thumbnail

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता हमारे वीर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वाेच्च बलिदान का परिणाम है। दशकों तक नक्सल हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बना है। इस ऐतिहासिक परिवर्तन के पीछे उन असंख्य वीर जवानों का त्याग और बलिदान है, जिन्होंने प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अमर शहीदों का बलिदान सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय साय ने आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के प्रांगण में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से कर्तव्य पथ पर सर्वाेच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके प्रति कृतज्ञता और संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की अमर शौर्यगाथा को स्मरण करने का दिन है। हमारे पुलिस और सुरक्षा बल कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी वीरता और समर्पण के कारण ही समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण सुनिश्चित होता है।


उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े दस्ते का अदम्य साहस के साथ सामना किया था। इस संघर्ष में हमारे 10 वीर जवानों ने सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हमें उन सभी पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दी है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की महान परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी दिन है। एक जवान जब देश और समाज की सुरक्षा के लिए कर्तव्य पथ पर खड़ा होता है, तब उसके पीछे उसके पूरे परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी जुड़ा होता है। इसलिए हमारे शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की जिम्मेदारी और सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शहीद परिवारों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। शहीदों के परिजनों ने जिस साहस और धैर्य के साथ अपने प्रियजनों के बलिदान को राष्ट्रसेवा के गौरव में परिवर्तित किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रदेश अपने अमर शहीदों और उनके परिवारों के योगदान को कभी नहीं भूलेगा।

’नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में जवानों ने रचा शौर्य का इतिहास’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस वर्ष का पुलिस स्मृति दिवस विशेष महत्व रखता है। प्रदेश ने नक्सलवाद के विरुद्ध लंबे संघर्ष के बाद शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों का योगदान अविस्मरणीय है।

उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने जीवन की परवाह किए बिना नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष किया। उनके अदम्य साहस और पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता सुनिश्चित हुई है। अनेक जवानों ने इस संघर्ष में सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनका शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन का संकल्प साकार हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों के साहस से बस्तर में शांति और विश्वास का नया वातावरण बना है।

’जहां कभी भय का साया था, वहां अब पहुंच रही विकास की रोशनी’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं और सेवाएं पहुंच रही हैं तथा लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था और शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सुरक्षा और विकास के समन्वित प्रयासों से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की नई यात्रा प्रारंभ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद अब प्रदेश के सामने शांति को स्थायी बनाने और विकास की गति को और तेज करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हमारी सरकार बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को समृद्धि और खुशहाली की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलता विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है।

’पुलिस बल के आधुनिकीकरण और जवानों के कल्याण पर विशेष जोर’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस और सुरक्षा बलों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से सशक्त बनाने, बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा जवानों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कानून का शासन, नागरिकों की सुरक्षा और जनता का विश्वास राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान अपने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ प्रदेश की शांति, सुरक्षा और प्रगति के प्रहरी बने रहेंगे। अमर शहीदों का त्याग और बलिदान वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

’कर्तव्य पथ पर बलिदान देने वाले वीर जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा’

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुलिस स्मृति दिवस पर अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और जनसेवा के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 की अवधि में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के अनेक वीर जवानों ने वीरगति प्राप्त की। इन जवानों ने अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण के साथ कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर किए। उनका बलिदान पूरे प्रदेश के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सलवाद को पीछे धकेलने में असाधारण साहस और पराक्रम का परिचय दिया है। आज हमारे जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जवानों की वीरता के साथ उनके परिवारों का त्याग, धैर्य और साहस भी उतना ही महान है।

’नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में मिली निर्णायक सफलता रू पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम’

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों का वीरतापूर्वक सामना करते हुए शहीद हुए 10 पुलिस जवानों की शौर्यगाथा का स्मरण किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक कर्तव्य पथ पर सर्वाेच्च बलिदान देने वाले पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के त्याग से देश की सुरक्षा, शांति और लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।

पुलिस महानिदेशक गौतम ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक माओवादी हिंसा की गंभीर चुनौती से जूझता रहा है। इस कठिन संघर्ष में छत्तीसगढ़ पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों, साहस और बलिदान से सशस्त्र नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक छत्तीसगढ़ पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में 84 नक्सली मारे गए। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह वीर जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।

पुलिस महानिदेशक ने शहीद परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी जवान की शहादत के साथ उसके परिवार का त्याग, धैर्य और मौन संघर्ष भी जुड़ा होता है। शहीद परिवार छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों और जवानों से अमर शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए कानून के शासन, जनसुरक्षा, शांति और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

’राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका में मुख्यमंत्री  साय ने अर्पित किया श्रद्धासुमन’

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका भी पहुंचे। उन्होंने अमर जवान स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर कर्तव्य पथ पर सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री  साय और उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने शहीद जवानों के नामों की पट्टिका पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वाेच्च बलिदान का स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीर सपूतों का बलिदान छत्तीसगढ़ की स्मृतियों में सदैव अमर रहेगा और उनका शौर्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र एवं समाज की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा सहित पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी और शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Next Story Older Post Home
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.