Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में कुछ घंटों के अंतराल में दो हाथी शावकों की मौत, एक की करंट लगने से तो दूसरे के डूबने की आशंका

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छत्तीसगढ़ में कुछ घंटों के अंतराल में दो हाथी शावकों की मौत, एक की करंट लगने से तो दूसरे के डूबने की आशंका

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में हाथी शावकों की मौत के दो अलग-अलग मामलों ने वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में कुछ ही घंटों के अंतराल में दो हाथी शावकों की मौत की जानकारी सामने आई है। एक मामला सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र का है, जहां खेतों के आसपास लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से शावक की मौत हो गई। वहीं रायगढ़ जिले में करीब एक माह के हाथी शावक का शव तालाब में मिला है, जिसकी मौत डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है। दोनों मामलों में वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

सरगुजा में बिजली के तार की चपेट में आया शावक

सरगुजा के उदयपुर वन परिक्षेत्र में एक मादा हाथी शावक की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। वन विभाग के अनुसार, शावक की उम्र करीब 3 से 4 वर्ष बताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हाथियों का झुंड खेतों के आसपास से गुजर रहा था। इसी दौरान शावक का पैर और सूंड खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए बिजली वाले तार में फंस गया और वह काफी देर तक करंट की चपेट में रहा। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तार, उसके बिजली कनेक्शन तथा करंट के स्रोत की जांच शुरू की। विभाग यह भी पता लगा रहा है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए तार में सामान्य सोलर करंट था या उसे किसी अन्य स्रोत से जोड़ा गया था। शावक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

शावक की मौत के बाद रातभर घटनास्थल के आसपास रहा झुंड

स्थानीय लोगों के अनुसार, शावक की मौत के बाद हाथियों का झुंड काफी देर तक घटनास्थल के आसपास मौजूद रहा। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाजें भी रातभर सुनाई देती रहीं। इस दौरान आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल रहा।

वन विभाग की टीम इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि क्षेत्र में हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है और फसलों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

रायगढ़ में तालाब में मिला करीब एक माह के शावक का शव

दूसरी घटना रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र के छैडोरिया गांव के पास सामने आई। यहां बुधवार सुबह एक तालाब में हाथी शावक का शव मिला। वन विभाग ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। प्रारंभिक तौर पर शावक की मौत तालाब में डूबने से होने की आशंका जताई गई है।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शावक एक बड़े हाथियों के झुंड का हिस्सा था। इलाके में करीब 50 से अधिक हाथियों का दल विचरण कर रहा था। आशंका है कि रात के समय झुंड पानी पीने के लिए तालाब के पास पहुंचा होगा और इसी दौरान शावक गहरे पानी में चला गया होगा। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

वन विभाग कर रहा दोनों मामलों की जांच

दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग ने जांच तेज कर दी है। सरगुजा मामले में बिजली के तार और उसके कनेक्शन की जांच की जा रही है, जबकि रायगढ़ में शावक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और आवश्यक नमूनों की जांच भी कराई जा रही है।

लगातार सामने आ रही हाथियों की मौत की घटनाएं मानव-हाथी संघर्ष और वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर सामने ला रही हैं। ऐसे इलाकों में खेतों की सुरक्षा और हाथियों के सुरक्षित आवागमन के बीच संतुलन बनाए रखना वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।

इन दोनों घटनाओं ने छत्तीसगढ़ में हाथियों और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते संपर्क के दौरान वन्यजीव सुरक्षा के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया है। मौत के अंतिम कारण संबंधित जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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