Media24Media.com: सरगुजा में तीन सरकारी शिक्षक निलंबित, जानिए पूरा मामला

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सरगुजा में तीन सरकारी शिक्षक निलंबित, जानिए पूरा मामला

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शिक्षा विभाग ने तीन शासकीय शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, दो प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक को अलग-अलग आपराधिक मामलों में निलंबित किया गया है। इनमें एक शिक्षक को अदालत से पांच साल की सजा मिल चुकी है, जबकि अन्य दो शिक्षक कथित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में आरोपी हैं।

प्रधान पाठक विजय कुमार यादव: हत्या के प्रयास के मामले में सजा

सराहनीय पहल: कलेक्टर नदी पारकर ऐसे पहुंचे गांव, फिर ली बच्चों की क्लास | Surguja DM Vilas Bhoskar crossed river to inspect government schools created a stir

पदस्थापना- शासकीय प्राथमिक शाला पेण्डरखी, विकासखंड उदयपुर

मामला: आपराधिक प्रकरण में दोषसिद्धि

  • रिपोर्टों के अनुसार, विजय कुमार यादव के खिलाफ वर्ष 2019 में मारपीट और हत्या के प्रयास से संबंधित आपराधिक मामला दर्ज हुआ था।

  • प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय, अंबिकापुर ने 3 जनवरी 2026 को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

  • इसके बाद उन्हें केंद्रीय जेल, अंबिकापुर में रखा गया।

  • उच्च न्यायालय में अपील के दौरान उन्हें सशर्त जमानत मिली और अक्टूबर 2026 में जेल से रिहाई हुई।

  • शिक्षा विभाग ने उनकी दोषसिद्धि और सेवा संबंधी नियमों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की।

प्रधान पाठक राजकुमार पैकरा: वित्तीय धोखाधड़ी का मामला

Livelihood College Ambikapur (@lhcambikapur) on X

पदस्थापना- शासकीय प्राथमिक शाला कटघोरियापारा, विकासखंड उदयपुर

मामला: कथित वित्तीय धोखाधड़ी

रिपोर्टों के मुताबिक, राजकुमार पैकरा के खिलाफ अंबिकापुर के मणिपुर थाने में वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था।

  • उन्हें 20 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया।

  • गिरफ्तारी के बाद वे न्यायिक अभिरक्षा में रहे।

  • रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 1 अक्टूबर 2026 को जमानत मिली।

  • शिक्षा विभाग ने गिरफ्तारी और न्यायिक अभिरक्षा से जुड़े तथ्यों के आधार पर निलंबन का आदेश जारी किया।

सहायक शिक्षक त्रिपाल टोप्पो: क्रिप्टोकरेंसी और शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा आरोप

Homepage | Commissioner Surguja Division | Tradition Meets Transparent Governance | India

पदस्थापना- शासकीय प्राथमिक शाला जरहाडीह, विकासखंड उदयपुर

पद: सहायक शिक्षक (एलबी)

त्रिपाल टोप्पो के खिलाफ भी मणिपुर थाने में वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

  • उन्हें 31 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया।

  • गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

  • रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें 6 अक्टूबर 2026 को जमानत मिली।

  • विभाग ने मामले और न्यायिक अभिरक्षा की अवधि को ध्यान में रखते हुए निलंबन की कार्रवाई की।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में इस मामले को क्रिप्टोकरेंसी और शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर कथित ठगी से जोड़ा गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों से आरोपों की पूरी जांच-रिपोर्ट या अदालत में अंतिम नतीजे की पुष्टि नहीं होती।

निलंबन के बाद क्या होगा?

शिक्षा विभाग की कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि तीनों शिक्षकों की नौकरी स्थायी रूप से समाप्त कर दी गई है।

  • निलंबन: विभागीय जांच या संबंधित नियमों के तहत कर्मचारी को अस्थायी रूप से सेवा से अलग रखा जाता है।

  • मुख्यालय: निलंबन अवधि के दौरान संबंधित शिक्षकों के लिए अलग-अलग कार्यालयों में मुख्यालय निर्धारित किए जाने की जानकारी है।

  • जीवन निर्वाह भत्ता: लागू सेवा नियमों के अनुसार पात्रता होने पर भत्ता दिया जा सकता है।

  • आगे की कार्रवाई: विभागीय प्रक्रिया और संबंधित न्यायालयीन मामलों की स्थिति के अनुसार आगे का निर्णय हो सकता है।

खबर का मुख्य निष्कर्ष

सरगुजा जिले में यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तीनों मामले सरकारी शिक्षकों के आचरण और सेवा नियमों से जुड़े हैं। एक मामले में अदालत से सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि अन्य दो मामलों में धोखाधड़ी के आरोपों के आधार पर कार्रवाई हुई है।

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