Media24Media.com: पैरा एशियन गेम्स में मनीष नरवाल ने जीता सिल्वर मेडल, लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 का कोटा भी हासिल

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पैरा एशियन गेम्स में मनीष नरवाल ने जीता सिल्वर मेडल, लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 का कोटा भी हासिल

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भारत के स्टार पैरा निशानेबाज मनीष नरवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने फाइनल में 233.7 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 के लिए भारत का कोटा स्थान भी हासिल किया।

फाइनल में 233.7 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया

मनीष नरवाल ने मंगलवार को जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। आठ निशानेबाजों के बीच हुए मुकाबले में उन्होंने कुल 233.7 अंक अर्जित किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने 241.3 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता और एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड भी बनाया। चीन के यांग चाओ 213.6 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। भारत के एक अन्य निशानेबाज रुद्रांश खंडेलवाल सातवें स्थान पर रहे।

लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 के लिए मिला कोटा

मनीष नरवाल की इस उपलब्धि का महत्व केवल एशियन पैरा गेम्स में पदक जीतने तक सीमित नहीं है। इस रजत पदक के साथ उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालंपिक खेलों के लिए कोटा स्थान भी हासिल किया।

वह इस प्रतियोगिता में पैराशूटिंग के जरिए पैरालंपिक कोटा हासिल करने वाले भारत के तीसरे निशानेबाज बने। उनसे पहले मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीतकर कोटा स्थान हासिल किया था। 

कोटा स्थान हासिल करना भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे 2028 पैरालंपिक में निशानेबाजी के क्षेत्र में देश की भागीदारी की संभावनाएं मजबूत होती हैं। हालांकि, संबंधित स्पर्धा में अंतिम खिलाड़ी चयन और पात्रता की प्रक्रिया लागू नियमों के अनुसार होगी।

बीमारी और शारीरिक परेशानी के बावजूद शानदार प्रदर्शन

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ से आने वाले मनीष नरवाल की उपलब्धि को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्हें टाइफाइड, धुंधली नजर और कंधे में सूजन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इन चुनौतियों के बीच उनका रजत पदक जीतना उनके प्रदर्शन को और उल्लेखनीय बनाता है। 

पैरालंपिक और एशियन पैरा गेम्स में पहले भी कर चुके हैं कमाल

मनीष नरवाल भारतीय पैरा निशानेबाजी के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने 2020 टोक्यो पैरालंपिक में मिश्रित 50 मीटर पिस्टल SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2024 पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया।

2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भी उन्होंने इसी 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। अब 2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय पदकों की सूची में एक और उपलब्धि जोड़ दी है। 

उनकी लगातार सफलता भारतीय पैरा खेलों में निशानेबाजी की मजबूत उपस्थिति को दर्शाती है।

भारत के लिए गौरव का पल

एशियन पैरा गेम्स में मनीष नरवाल का रजत पदक भारतीय दल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके प्रदर्शन से भारत की पदक तालिका को मजबूती मिली है और लॉस एंजिलिस पैरालंपिक 2028 की तैयारियों को भी नई दिशा मिली है।

मनीष नरवाल की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तकनीक, एकाग्रता और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता कितनी महत्वपूर्ण है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें उनके आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और पैरालंपिक की तैयारियों पर रहेंगी।

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