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एशियन गेम्स में भारत की शानदार शुरुआत, अब तक 7 पदक; महिला क्रिकेट ने दिलाया पहला गोल्ड

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नई दिल्ली- जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 22 सितंबर तक भारत की झोली में कुल 7 पदक आ चुके हैं, जिनमें 1 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं।

महिला क्रिकेट टीम ने जीता पहला गोल्ड

भारत का पहला स्वर्ण पदक महिला क्रिकेट टीम ने जीता। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का महिला क्रिकेट स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन बनाए, जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम 69 रन पर ऑलआउट हो गई।

शूटिंग में भारत का दबदबा

भारत के चार रजत पदकों में से सभी शूटिंग से आए हैं। एलावेनिल वलारिवन ने महिला 10 मीटर एयर राइफल में व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में दो रजत पदक जीते। पुरुष 10 मीटर एयर राइफल में हिमांशु धिल्लों ने व्यक्तिगत रजत और भारतीय टीम ने टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता।

कांस्य पदक भी भारत के नाम

शूटिंग में रुद्रांक्ष पाटिल ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। वहीं सुचिका तारियाल ने महिला ट्रेडिशनल MMA के 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर भारत के खाते में एक और पदक जोड़ा।

भारत की पदक तालिका

पदक           संख्या
🥇 स्वर्ण1
🥈 रजत4
🥉 कांस्य2
कुल7

एशियन गेम्स अभी जारी हैं और भारत के कई खिलाड़ी शूटिंग, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, वुशु, कबड्डी, हॉकी समेत अन्य खेलों में मुकाबले खेल रहे हैं। भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने जापान को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है, जिससे एक और पदक पक्का हो गया है। (

नोट: पदक तालिका प्रतियोगिता के दौरान लगातार बदल रही है; ऊपर के आंकड़े 22 सितंबर 2026 के उपलब्ध अपडेट के अनुसार हैं।

Asian Games 2026 — India medal tally and winners list

एशियन गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन, शूटिंग में फिर चमके भारतीय खिलाड़ी

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नई दिल्ली- जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। सोमवार, 21 सितंबर को भारत ने शूटिंग, टेबल टेनिस, कबड्डी और हॉकी समेत कई खेलों में दमदार प्रदर्शन किया। भारत की नजरें अब पदकों की संख्या बढ़ाने पर हैं।

शूटिंग में भारत का जलवा

शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्रांक्ष पाटिल की भारतीय टीम ने रजत पदक अपने नाम किया।

भारत ने इस स्पर्धा में 1890.1 अंक हासिल किए, जबकि चीन ने स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने कांस्य पदक जीता। हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई।

इससे पहले भारतीय महिला निशानेबाजों ने भी 10 मीटर एयर राइफल में दो रजत पदक जीतकर भारत का पदक खाता खोला था।

मिश्रित मार्शल आर्ट्स में भी पदक पक्का

भारत की सुचिका तारियाल ने महिलाओं की पारंपरिक 60 किलोग्राम मिश्रित मार्शल आर्ट्स स्पर्धा में सेमीफाइनल तक पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया।

सेमीफाइनल में सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ मुकाबले का फैसला वजन के नियम के आधार पर हुआ। सुचिका को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने फैसले पर असहमति जताई। इसके बावजूद भारत के खाते में इस स्पर्धा का कांस्य पदक आया।

टेबल टेनिस में पाकिस्तान पर भारत की जीत

महिला टेबल टेनिस टीम ने पाकिस्तान को 3-0 से हराकर शानदार शुरुआत की।

भारत की सुतीर्था मुखर्जी, सिंड्रेला दास और श्रीजा अकुला ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर भारत को एकतरफा जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने अपने ग्रुप में लगातार तीसरी जीत दर्ज की।

महिला हॉकी टीम की बड़ी जीत

महिला हॉकी में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने इंडोनेशिया के खिलाफ 14-1 की बड़ी जीत दर्ज की।

इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा दिखाया और गोल अंतर को भी मजबूत किया।

कबड्डी में भी भारत की मजबूत शुरुआत

भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने भी अभियान की शुरुआत जीत के साथ की। भारतीय टीम ने जापान के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।

कबड्डी में भारत अपने खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान में उतरा है।

 तैराकी में श्रीहरि नटराज फाइनल में पहुंचे

तैराकी में भारतीय खिलाड़ी श्रीहरि नटराज ने पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। हालांकि फाइनल में वह 10वें स्थान पर रहे।

भारत के तैराकी दल के लिए यह दिन मिश्रित परिणामों वाला रहा।

भारत की नजरें अब और पदकों पर

एशियन गेम्स के शुरुआती मुकाबलों में भारत ने शूटिंग में लगातार पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा महिला क्रिकेट में भारत ने फाइनल में जगह बनाकर एक और पदक पक्का किया है।

भारत के खिलाड़ी हॉकी, कबड्डी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, तैराकी, वुशु और अन्य खेलों में भी लगातार मुकाबले खेल रहे हैं।

भारत के लिए बड़ी तस्वीर

शूटिंग में पदकों की बरसात, हॉकी में बड़ी जीत, टेबल टेनिस में पाकिस्तान पर 3-0 की जीत और कबड्डी में मजबूत शुरुआत—एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल लगातार सुर्खियां बटोर रहा है।

अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें आने वाले मुकाबलों पर हैं, जहां भारत के खिलाड़ी और पदक जीतने के लिए मैदान में उतरेंगे।

Asian Games 2026: भारत का खुला मेडल खाता, शूटिंग में महिला टीम ने जीता सिल्वर; हॉकी टीम ने भी मचाया धमाल

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 नागोया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में भारत ने अपने अभियान का शानदार आगाज किया है। भारत ने शूटिंग में महिला टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर प्रतियोगिता में अपना पदक खाता खोल दिया है। वहीं भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराकर धमाकेदार शुरुआत की है।


इस बार एशियन गेम्स में भारत के 500 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। दूसरे दिन शूटिंग, हॉकी, क्रिकेट, बैडमिंटन समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

शूटिंग में भारत को पहला मेडल

महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में एलावेनिल वलारिवान, सोनम मस्कर और विदर्शा विनोद की भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

भारतीय तिकड़ी ने चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। इस सिल्वर के साथ भारत ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में अपना आधिकारिक पदक खाता खोल लिया।

एलावेनिल और सोनम ने फाइनल में बनाई जगह

महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वालिफिकेशन में एलावेनिल वलारिवान ने 633.5 अंक के साथ सातवां स्थान हासिल किया और फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वहीं सोनम उत्तम मस्कर ने क्वालिफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल करते हुए मेडल राउंड में जगह बनाई।

इस तरह व्यक्तिगत स्पर्धा के मेडल राउंड में भारत की दो निशानेबाजों की चुनौती देखने को मिलेगी।

महिला हॉकी टीम की भी धमाकेदार शुरुआत

भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी एशियन गेम्स में शानदार आगाज किया। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई वाली टीम ने ग्रुप स्टेज के मुकाबले में उज्बेकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त दी।

इस मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार दीपिका रहीं, जिन्होंने अकेले 8 गोल दागे। इनमें पांच गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए। यह एशियन गेम्स हॉकी में किसी एक खिलाड़ी द्वारा एक मैच में किए गए सर्वाधिक गोलों का रिकॉर्ड बताया जा रहा है।

भारत ने मुकाबले में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। तीसरे क्वार्टर की समाप्ति तक टीम 16-0 से आगे थी। आखिरी क्वार्टर में तीन और गोल दागकर भारत ने 19-0 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

22-0 के रिकॉर्ड से तीन गोल पीछे रहा भारत

उज्बेकिस्तान के खिलाफ 19-0 की जीत एशियन गेम्स में भारत की बड़ी जीत में शामिल हो गई है। भारतीय महिला हॉकी टीम की सबसे बड़ी जीत 1982 के एशियन गेम्स में हांगकांग के खिलाफ आई थी, जब भारत ने 22-0 से मुकाबला जीता था। इसके बाद 2018 में कजाकिस्तान के खिलाफ भारत ने 21-0 से जीत दर्ज की थी।

एशियन गेम्स के शुरुआती मुकाबलों में शूटिंग का सिल्वर और महिला हॉकी की बड़ी जीत ने भारतीय दल के अभियान को जोरदार शुरुआत दी है। अब भारतीय खिलाड़ियों की नजरें आने वाले मुकाबलों में पदकों की संख्या बढ़ाने पर होंगी।

एशियन गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत आज, जापान में भारत की बड़ी चुनौती

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नई दिल्ली- एशिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में से एक 20वें एशियन गेम्स 2026 की आज जापान के आइची-नागोया में आधिकारिक शुरुआत हो रही है। प्रतियोगिता 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। हालांकि क्रिकेट, फुटबॉल और कुछ अन्य खेलों की प्रतियोगिताएं उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी हैं।

भारत की 503 खिलाड़ियों की मजबूत टीम

इस बार भारत ने एशियन गेम्स के लिए 503 खिलाड़ियों का दल भेजा है। इसमें 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं।

भारतीय दल करीब 36 खेलों में हिस्सा लेगा। इनमें एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, तीरंदाजी, क्रिकेट, कबड्डी और कई अन्य खेल शामिल हैं।

भारत का यह दल पिछले एशियन गेम्स के मुकाबले छोटा है, लेकिन टीम में कई अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शामिल हैं।

आज होगा भव्य Opening Ceremony

आज जापान के नागोया स्थित Paloma Mizuho Stadium में एशियन गेम्स का उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा।

भारतीय समय के अनुसार उद्घाटन समारोह दोपहर करीब 2:30 बजे शुरू होने की जानकारी दी गई है। जापान भारतीय समय से लगभग साढ़े तीन घंटे आगे है।

इस समारोह के साथ एशियन गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत मानी जाएगी।

मनु भाकर और ताजिंदरपाल सिंह तूर बने भारत के ध्वजवाहक

उद्घाटन समारोह में भारत के लिए मनु भाकर और ताजिंदरपाल सिंह तूर को ध्वजवाहक चुना गया था।

मनु भाकर दो बार की ओलंपिक पदक विजेता हैं, जबकि ताजिंदरपाल सिंह तूर एशियन गेम्स में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

हालांकि आज सुबह ताजिंदरपाल तूर की जगह कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत को पुरुष ध्वजवाहक बनाए जाने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक तूर की आधिकारिक किट समय पर नहीं पहुंच पाई, जिसके कारण अंतिम समय में बदलाव करना पड़ा।

भारत का अभियान पहले ही शुरू हो चुका है

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत की प्रतियोगिताएं आधिकारिक उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी हैं।

भारत का अभियान 17 सितंबर को टेकबॉल से शुरू हुआ था। महिला क्रिकेट टीम ने भी प्रतियोगिता में अपना मुकाबला खेल लिया है।

महिला क्रिकेट में भारत ने जापान को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। भारत की जीत में गेंदबाज श्रीचरणी ने चार विकेट लिए, जबकि शेफाली वर्मा ने 15 गेंदों पर नाबाद 40 रन बनाए।

भारत की नजरें कई खेलों में पदकों पर

इस बार भारतीय खिलाड़ियों से कई खेलों में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।

खास तौर पर नजरें रहेंगी:

  • तीरंदाजी

  • बॉक्सिंग

  • एथलेटिक्स

  • बैडमिंटन

  •  शूटिंग

  •  कुश्ती

  •  हॉकी

  •  कबड्डी

  •  क्रिकेट

इसके अलावा सर्फिंग, MMA और ई-स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में भी भारतीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

पिछले एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन

पिछले एशियन गेम्स में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था और 100 से ज्यादा पदक जीतने वाला देश बना था।

2022 में आयोजित हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने 107 पदक जीते थे—जिसमें 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य शामिल थे। इस प्रदर्शन के बाद इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों पर काफी उम्मीदें हैं।

कब तक चलेंगे एशियन गेम्स?

एशियन गेम्स 2026:

19 सितंबर – 4 अक्टूबर 2026
आइची-नागोया, जापान

एशिया के अलग-अलग देशों के खिलाड़ी कई खेलों में पदकों के लिए मुकाबला करेंगे।

भारत के लिए क्यों खास है यह आयोजन?

एशियन गेम्स भारत के खिलाड़ियों के लिए सिर्फ पदक जीतने का मंच नहीं है, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले अपनी क्षमता परखने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

इस बार भारत की 503 खिलाड़ियों की टीम कई अलग-अलग खेलों में चुनौती पेश कर रही है। इसलिए अगले दो हफ्तों तक भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें आइची-नागोया पर रहेंगी।

एक बात साफ है—एशियन गेम्स की आधिकारिक शुरुआत आज हो रही है, लेकिन भारत की पदक की दौड़ पहले ही शुरू हो चुकी है 

भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, श्रीलंका को 72 रन से हराकर 8वीं बार जीता महिला एशिया कप

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दुबई- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर एशिया में अपना दबदबा साबित कर दिया है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से करारी शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड 8वीं बार महिला एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की।

2024 के फाइनल में श्रीलंका के हाथों मिली हार का बदला भी भारतीय टीम ने शानदार अंदाज में ले लिया। इस बार फाइनल में भारत ने बल्ले और गेंद दोनों से ऐसा प्रदर्शन किया कि श्रीलंकाई टीम पूरे मुकाबले में दबाव से बाहर नहीं निकल सकी।

शैफाली और स्मृति ने मचाई तबाही

टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय ओपनर्स शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने टीम को तूफानी शुरुआत दिलाई।

शैफाली ने महज 39 गेंदों में 68 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने भी 39 गेंदों में 59 रन बनाकर शानदार अर्धशतक जड़ा।

दोनों बल्लेबाजों के बीच 129 रनों की शानदार साझेदारी हुई, जिसने भारत को बड़े स्कोर की नींव दी। शैफाली ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक रहा।

भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 184 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की कमर तोड़ी

184 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी।

भारतीय स्पिनर श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। वहीं अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।

श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने 36 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के लगातार दबाव के सामने उनकी टीम पूरी तरह बिखर गई।

श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 72 रन से जीत लिया।

2024 की हार का लिया बदला

इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि भारत ने दो साल पहले मिली हार का हिसाब भी बराबर कर दिया।

2024 के महिला एशिया कप फाइनल में श्रीलंका ने भारत को हराकर पहली बार खिताब जीता था। उस मुकाबले में श्रीलंका ने शानदार रन चेज करते हुए भारत को मात दी थी।

लेकिन 2026 के फाइनल में हरमनप्रीत कौर की टीम ने कोई मौका नहीं दिया और शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत रखी।

पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा भारत

भारत का प्रदर्शन सिर्फ फाइनल तक ही सीमित नहीं रहा। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और अजेय रहते हुए खिताब अपने नाम किया।

ग्रुप स्टेज में भारत ने पाकिस्तान सहित अपने विरोधियों को हराया। पाकिस्तान के खिलाफ तो भारतीय स्पिनरों ने कमाल करते हुए उसे सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट कर दिया था। भारत ने 56 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया था।

इसके बाद सेमीफाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

दीप्ति शर्मा का भी शानदार टूर्नामेंट

भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पूरे टूर्नामेंट में गेंद से जबरदस्त प्रदर्शन किया। फाइनल से पहले ही वह 11 विकेट लेकर टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज थीं।

फाइनल में भी उन्होंने तीन विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

स्मृति मंधाना ने भी रचा इतिहास

इस एशिया कप में स्मृति मंधाना ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

हांगकांग के खिलाफ 124 रन की शानदार पारी के दौरान मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया और मिताली राज के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

भारत की बेटियों की ऐतिहासिक जीत

फाइनल का पूरा स्कोरकार्ड:

भारत – 183/5 (20 ओवर)
शैफाली वर्मा – 68 रन
स्मृति मंधाना – 59 रन

श्रीलंका – 111 रन ऑलआउट
श्री चरणी – 4 विकेट
दीप्ति शर्मा – 3 विकेट

नतीजा: भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया।

खास उपलब्धि: भारत 8वीं बार महिला एशिया कप चैंपियन बना।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि एशियाई क्रिकेट में उसका दबदबा कायम है। शैफाली और स्मृति की तूफानी बल्लेबाजी, श्री चरणी और दीप्ति शर्मा की शानदार गेंदबाजी और पूरी टीम के बेहतरीन प्रदर्शन ने भारत को एक और ऐतिहासिक खिताब दिला दिया।

भारत की बेटियों ने सिर्फ एशिया कप नहीं जीता, बल्कि पूरे देश को गर्व करने का एक और मौका दे दिया।

India vs Afghanistan 1st T20I: दिल्ली में भारत-अफगानिस्तान की भिड़ंत, ओपनिंग कॉम्बिनेशन पर सबकी नजर

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दिल्ली- भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की T20I सीरीज का पहला मुकाबला आज, 13 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबले को लेकर क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह है। भारत की नजर जहां सीरीज में जीत के साथ शुरुआत करने पर होगी, वहीं अफगानिस्तान की टीम भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

इस मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल भारत के ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर बना हुआ है। टीम मैनेजमेंट के सामने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और अनुभवी संजू सैमसन में से किसे पारी की शुरुआत का मौका दिया जाए, इसे लेकर चर्चा तेज है। इंग्लैंड के खिलाफ पिछली T20I सीरीज में दोनों खिलाड़ियों को अलग-अलग मौकों पर आजमाया गया था।

अभिषेक शर्मा का ओपनिंग स्लॉट मजबूत माना जा रहा है। उनके साथ वैभव सूर्यवंशी या संजू सैमसन में से किसी एक को उतारने की रणनीति पर विचार हो सकता है। हालांकि, ईशान किशन की फिटनेस और टीम कॉम्बिनेशन भी अंतिम प्लेइंग XI को प्रभावित कर सकता है।

दूसरी ओर, अफगानिस्तान के पास राशिद खान, मोहम्मद नबी और नूर अहमद जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। कप्तान इब्राहिम जादरान ने भी संकेत दिया है कि उनकी टीम भारत के प्रमुख खिलाड़ियों के खिलाफ खास रणनीति के साथ मैदान पर उतरेगी। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अफगान टीम के रडार पर हैं।

यह मुकाबला दिल्ली में चल रहे BRICS Summit के बीच हो रहा है, जिसके चलते सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। DDCA ने साफ किया है कि मैच निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही खेला जाएगा।

तीन मैचों की यह सीरीज 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली जाएगी। पहला मुकाबला शाम 7 बजे से शुरू होने की जानकारी दी गई है।

मैच से पहले बड़ा सवाल

क्या भारत अनुभव पर भरोसा करेगा या युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका देकर भविष्य की तैयारी करेगा? दिल्ली में होने वाले पहले T20I में टीम इंडिया का ओपनिंग कॉम्बिनेशन मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहने वाला है।

FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज, 51 साल बाद खिताब की तलाश में भारत

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नई दिल्ली- हॉकी का सबसे बड़ा मंच एक बार फिर सज चुका है। FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से बेल्जियम और नीदरलैंड्स में हो रहा है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम इस टूर्नामेंट में 1975 के बाद पहली बार विश्व कप खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

भारत अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगा। मुकाबला नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वागेनर स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम की अगुवाई कप्तान हरमनप्रीत सिंह कर रहे हैं।

भारत के लिए यह टूर्नामेंट खास इसलिए भी है क्योंकि टीम ने अपना एकमात्र पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब 1975 में कुआलालंपुर में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर जीता था। अब 51 साल बाद भारतीय टीम उस गौरव को दोहराने और विश्व हॉकी में एक नया अध्याय लिखने के लक्ष्य के साथ उतरी है।

भारतीय टीम पूल D में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ है। भारत के लिए शुरुआत से ही मुकाबले चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, लेकिन टीम को हालिया प्रदर्शन और 2025 एशिया कप जीत से आत्मविश्वास मिला है।

15 से 30 अगस्त तक चलने वाले इस विश्व कप में पुरुष और महिला वर्ग की 16-16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें इस बात पर हैं कि क्या हरमनप्रीत सिंह की टीम 1975 की ऐतिहासिक सफलता को दोहराकर लंबे इंतजार को खत्म कर पाएगी।

भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट शुरू, ऐतिहासिक 600वें टेस्ट में भारत ने चुनी बल्लेबाजी

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गॉल- भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार को गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू हो गया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह भारत का 600वां टेस्ट मैच है।

भारत 600 टेस्ट खेलने वाली दुनिया की तीसरी टीम और ऐसा करने वाली पहली एशियाई टीम बन गई है। इससे पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ही इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचे हैं।

गॉल की पिच को देखते हुए भारत ने अपनी टीम में स्पिन को खास तवज्जो दी है। भारत की प्लेइंग इलेवन में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार के रूप में तीन स्पिन विकल्प शामिल हैं, जबकि तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा संभाल रहे हैं।

भारत की पारी की शुरुआत यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने की। पहले दिन के शुरुआती सत्र में भारत ने अच्छी शुरुआत करते हुए लंच तक 101 रन पर एक विकेट बना लिया था।

यह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी दोनों टीमों के लिए अहम है। भारत इस सीरीज के जरिए WTC अभियान में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

छत्तीसगढ़ की दो खिलाड़ी भारतीय महिला जूनियर हॉकी टीम में, चीन में होने वाले एशिया कप में दिखाएंगी दम

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राष्ट्रीय टीम में चुनी गईं कांसाबेल की मधु सिदार और बोड़ला की गीता यादव खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर, बिलासपुर में ले रहीं प्रशिक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दोनों खिलाड़ियों को दी बधाई, वीडियो-कॉल पर बात कर तैयारियों की भी ली जानकारी

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के लिए खेल जगत से आज एक और बड़ी खुशखबरी आई है। बिलासपुर के खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की दो खिलाड़ियों गीता यादव और मधु सिदार का चयन भारत की जूनियर महिला हॉकी टीम में हुआ है। ये दोनों चीन के मोकी में आगामी 30 अगस्त से 13 सितम्बर तक होने वाले जूनियर एशिया कप में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा और दम दिखाएंगी। 

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने गीता यादव और मधु सिदार से वीडियो-कॉल पर बात कर भारतीय टीम में चयन पर बधाई दी। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को जूनियर एशिया कप हॉकी में अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए उनकी तैयारियों की भी जानकारी ली। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम ने भी दोनों खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। 

भारतीय जूनियर हॉकी टीम में चयनित ये दोनों ही खिलाड़ी प्रदेश की पहली आवासीय खेल अकादमी में वरिष्ठ प्रशिक्षक राकेश टोप्पो एवं मुख्य प्रशिक्षक अजीत लकड़ा से हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। 

ऐसा रहा है टीम इंडिया तक दोनों खिलाड़ियों का सफर

मधु सिदार

मधु सिदार हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले जशपुर जिले के कांसाबेल के छोटे से गांव पोंगरो की रहने वाली है। उनके माता-पिता कृषक हैं। वह सब-जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप 2024-25, स्कूल नेशनल 2024-25 तथा हरियाणा में सब-जूनियर इंटर जोन चैम्पियनशिप-2025 में भागीदारी कर चुकी हैं। उनकी टीम ने आंध्रप्रदेश में 1 अगस्त से 12 अगस्त 2025 तक आयोजित हॉकी इंडिया नेशनल चैम्पियनशिप में चतुर्थ स्थान हासिल किया था। मधु इस साल मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में आयोजित देश के पहले खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स में भी खेल चुकी है। वह अप्रैल-2026 से बेंग्लुरू में भारतीय टीम के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं।

गीता यादव

कबीरधाम जिले के बोड़ला की गीता यादव ने हॉकी का प्रारंभिक प्रशिक्षण कोच श्री शिवा चौहान से प्राप्त किया है। गीता के अंतरराष्ट्रीय करियर का सफर वर्ष-2024 में प्रारंभ हुआ, जब उन्होंने 12 नवम्बर से 21 नवम्बर 2024 तक नीदरलैण्ड और बेल्जियम टूर में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उसके बाद 15 मई से 2 जून 2025 तक अर्जेंटीना टूर और 5 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक इंग्लैण्ड और स्कॉटलैण्ड टूर में भी वह भारतीय टीम का हिस्सा थीं।

राष्ट्रमंडल खेल 2026: बिंद्यारानी देवी ने जीता कांस्य, पीएम मोदी ने दी बधाई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं की 58 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी सोरोकाइबाम को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह सफलता उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने बिंद्यारानी देवी को उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ भी दीं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा:

“भारोत्तोलन में भारत के लिए एक और पदक! ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 58 किलोग्राम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर बिंद्यारानी देवी सोरोकाइबाम पर हमें गर्व है। उनकी सफलता उनके कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।

#CWG2026”

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान: शुभमन गिल कप्तान, सारांश जैन नया चेहरा, जडेजा की वापसी

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 India Squad for Sri Lanka: श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी गई है। युवा बल्लेबाज शुभमन गिल टीम की कप्तानी संभालेंगे। इस टीम में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन के रूप में एक नए चेहरे को शामिल किया गया है, जबकि वाशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट मैच से बाहर रहेंगे।


रवींद्र जडेजा की वापसी, सारांश जैन बने सरप्राइज कॉल-अप

अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से आराम दिए जाने के बाद दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की टीम में वापसी हुई है। वहीं, टीम चयन में सबसे चौंकाने वाला नाम मध्य प्रदेश के 28 वर्षीय ऑलराउंडर सारांश जैन का रहा। बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाएं हाथ से ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करने वाले सारांश ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 54 मैचों में 2200 से अधिक रन बनाने के साथ-साथ 188 विकेट चटकाए हैं।

इसके अलावा, अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने वाले स्पिनर मानव सुथार और युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को भी 15 सदस्यीय टीम में बरकरार रखा गया है।

4 विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों पर भरोसा

चयनकर्ताओं ने श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम में 4 विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को जगह दी है। तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान जसप्रीत बुमराह संभालेंगे, जिन्हें मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ का साथ मिलेगा।

भारत की 15 सदस्यीय टेस्ट टीम

शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरैल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, सारांश जैन, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़।

दौरे का पूरा शेड्यूल

भारतीय टीम 4 अगस्त को श्रीलंका के लिए रवाना होगी, जहाँ वह टेस्ट सीरीज से पहले 7 अगस्त से कोलंबो में चार दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी।

  • पहला टेस्ट: 15 से 19 अगस्त (गॉल)
  • दूसरा टेस्ट: 23 से 27 अगस्त (कोलंबो)

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला पदक जीतने वाले झंडू कुमार का सम्मान, केंद्रीय मंत्री ने दिए ₹10 लाख

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नई दिल्ली- केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार को अपने आवास पर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने झंडू कुमार को ₹10 लाख की नकद पुरस्कार राशि भी प्रदान की।

बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट श्रेणी में 190 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया और भारत का खाता खोला।

सम्मान समारोह के बाद झंडू कुमार ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री से मिलना उनके लिए बेहद गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि कभी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि खेलों में उपलब्धि के लिए उन्हें इस तरह सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मंडाविया ने उनसे स्कॉटलैंड में प्रतियोगिता के अनुभवों के बारे में विस्तार से बातचीत की, जो उनके लिए यादगार पल रहा।

झंडू कुमार का संघर्ष बेहद प्रेरणादायक रहा है। खेलों में पहचान बनाने से पहले वे अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सब्जियां बेचते थे और ई-रिक्शा चलाते थे। वर्ष 2023 में भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग टीम के मुख्य कोच राजेंद्र राहेलू ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, गांधीनगर में प्रशिक्षण का अवसर दिया।

झंडू कुमार ने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी उपलब्धि पर सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी, तो वह पल उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन देश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाता है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।

इससे पहले झंडू कुमार खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2024 में रजत पदक और 2025 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अब उनका अगला लक्ष्य 18 से 24 अक्टूबर 2026 के बीच जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदक जीतना है।

झंडू कुमार ने कहा कि देश के नेतृत्व से मिलने वाला समर्थन खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह एशियन पैरा गेम्स में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का पूरा प्रयास करेंगे।


भारत का स्वर्णिम गौरव: मीराबाई चानू ने रचा इतिहास

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भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है। उन्होंने ग्लासगो में आयोजित 2026 राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में महिलाओं की 48 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उनके करियर का लगातार तीसरा राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक है।

मीराबाई चानू ने प्रतियोगिता में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और भारत को इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपना दबदबा कायम रखा, बल्कि एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।

स्वर्ण पदक जीतने के बाद भावुक मीराबाई ने कहा कि इस सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और उनके परिवार व कोच का अमूल्य योगदान है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से पहले वजन सीमा बनाए रखने के लिए उन्हें कई कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देशभर से मीराबाई चानू को बधाइयाँ मिल रही हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने करोड़ों भारतीयों को गर्व का अवसर दिया है और युवा खिलाड़ियों के लिए एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है।

मुख्य बातें:

  • 🥇 मीराबाई चानू ने जीता लगातार तीसरा Commonwealth Games स्वर्ण।

  • 🏋️ महिलाओं की 48 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में हासिल की जीत।

  • भारत के लिए 2026 राष्ट्रमंडल खेलों का पहला स्वर्ण पदक।

  • 🌟 देशभर में खुशी की लहर, मीराबाई की ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाइयों का दौर।

भारत ने इंटरनेशनल ओलंपियाड 2026 में रचा इतिहास, 12 गोल्ड और 7 सिल्वर मेडल जीतकर दुनिया में लहराया तिरंगा

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नई दिल्ली- भारत के युवा वैज्ञानिकों और गणितज्ञों ने वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित भारतीय छात्रों ने 12 स्वर्ण (Gold) और 7 रजत (Silver) पदक जीतकर अब तक की सबसे शानदार उपलब्धियों में से एक हासिल की। खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय भौतिकी (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) ओलंपियाड में भारतीय टीम ने सभी स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान प्राप्त किया।

इस ऐतिहासिक सफलता पर परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy-DAE) ने छात्रों, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत की 'युवा शक्ति' और देश में वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखारने के लिए वर्षों से किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है।

चार अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन

वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय टीम का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—

  • अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) – सभी 5 स्वर्ण पदक, संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान।

  • अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड (IChO) – सभी 4 स्वर्ण पदक, संयुक्त रूप से विश्व में प्रथम स्थान।

  • अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड (IBO) – 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक।

  • अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (IMO) – 2 स्वर्ण और 4 रजत पदक।

इस तरह भारत ने कुल 12 गोल्ड और 7 सिल्वर पदक जीतकर वैश्विक मंच पर अपनी वैज्ञानिक और गणितीय प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

DAE अध्यक्ष ने दी बधाई

परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव एवं परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के समर्पण तथा दशकों में विकसित मजबूत संस्थागत व्यवस्था का परिणाम है।

HBCSE की अहम भूमिका

इस उपलब्धि के पीछे होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के इस राष्ट्रीय केंद्र को परमाणु ऊर्जा विभाग का सहयोग प्राप्त है। HBCSE देशभर से प्रतिभाशाली छात्रों का चयन कर उन्हें चरणबद्ध प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कराता है।

HBCSE के निदेशक प्रो. अर्नब भट्टाचार्य ने कहा कि विभाग के निरंतर सहयोग के कारण भारत का ओलंपियाड कार्यक्रम विश्व के सबसे सम्मानित कार्यक्रमों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि छात्रों की यह सफलता विज्ञान और गणित में उत्कृष्टता की संस्कृति को और मजबूत करेगी।

दशकों की मेहनत का परिणाम

परमाणु ऊर्जा विभाग का कहना है कि उसका योगदान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। विभाग ने HBCSE और TIFR के माध्यम से वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विशेषज्ञों का एक मजबूत राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया है, जिसने वर्षों से देश की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

DAE ने सभी पदक विजेता छात्रों, टीम लीडर्स, मेंटर्स, वैज्ञानिक पर्यवेक्षकों, शिक्षकों और सहयोगी संस्थानों को बधाई देते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), अंतरिक्ष विभाग (DOS) और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग की भी सराहना की।

भारत के वैज्ञानिक भविष्य की नई उड़ान

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 की यह ऐतिहासिक सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत वैज्ञानिक शिक्षा और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि न केवल देश के युवाओं को प्रेरित करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की महाशक्ति बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

37वें अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, चारों छात्रों ने जीते पदक

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12 से 19 जुलाई 2026 के दौरान विलनियस, लिथुआनिया में आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड (International Biology Olympiad-IBO 2026) में भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए चारों प्रतिभागी छात्रों ने पदक अपने नाम किए। भारतीय दल ने 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

पदक विजेता

  • भाव्या गुणवाल (महेंद्रगढ़, हरियाणा) – स्वर्ण पदक

  • सौमिल मैती (हावड़ा, पश्चिम बंगाल) – रजत पदक

  • निशित कलानी (पाली, राजस्थान) – रजत पदक

  • अनमोल कुमार (मानसा, पंजाब) – रजत पदक

भारतीय दल के साथ टीम लीडर के रूप में प्रो. रेखा वरताक (सेवानिवृत्त, एचबीसीएसई-टीआईएफआर, मुंबई) और डॉ. अनुपमा रोनाड (एचबीसीएसई-टीआईएफआर) मौजूद थीं। वैज्ञानिक पर्यवेक्षक (Scientific Observers) के रूप में डॉ. रंजीतसिंह देवकर (एम.एस. विश्वविद्यालय, बड़ौदा) तथा डॉ. सिद्धेश घाग (यूएम-डीएई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन बेसिक साइंसेज, मुंबई) ने दल का मार्गदर्शन किया।

इस वर्ष आयोजित ओलंपियाड में 78 देशों के 307 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में कुल 31 स्वर्ण, 61 रजत तथा 91 कांस्य पदक प्रदान किए गए।

चुनौतीपूर्ण रही प्रतियोगिता

आईबीओ-2026 की परीक्षाओं का आयोजन विलनियस विश्वविद्यालय के लाइफ साइंसेज सेंटर द्वारा किया गया, जिसमें माध्यमिक स्तर के जीवविज्ञान ज्ञान को उच्च स्तर पर परखा गया।

कुल छह घंटे की प्रयोगात्मक परीक्षा में प्रतिभागियों को चार विशिष्ट क्षेत्रों में जटिल वैज्ञानिक प्रयोग करने पड़े—

  • आणविक जीवविज्ञान एवं जैव रसायन (Molecular Biology & Biochemistry) में प्लास्मिड पर प्रतिबंध एंजाइम (Restriction Digestion), एगारोज़ जेल विश्लेषण तथा एंजाइम परीक्षण।

  • पशु शरीर क्रिया विज्ञान (Animal Physiology) में एस्पिरिन की फार्माकोकाइनेटिक्स का अध्ययन तथा विशेष मोबाइल एप एवं लाइट बॉक्स कलोरीमीटर की सहायता से रक्त नमूनों का विश्लेषण।

  • पशु आकारिकी एवं वर्गीकरण (Animal Morphology & Systematics) में कीट नमूनों का वर्गीकरण तथा मुखांगों (Mouth Parts) का सूक्ष्म विच्छेदन।

  • पादप कम्प्यूटेशनल जीवविज्ञान (Plant Computational Biology) में ImageJ सॉफ्टवेयर की सहायता से पौधों की जड़ों की लंबाई का विश्लेषण, विभिन्न पौध प्रजातियों का उच्च-आयामी मैक्रोफीनोटाइप अध्ययन तथा जटिल ट्रांसक्रिप्टोम विश्लेषण।

सैद्धांतिक परीक्षा भी रही अत्यंत कठिन

प्रयोगात्मक परीक्षा के अतिरिक्त प्रतिभागियों को दो चरणों में आयोजित छह घंटे की सैद्धांतिक परीक्षा भी देनी पड़ी। इसमें 100 अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रश्न शामिल थे, जो वास्तविक वैज्ञानिक अनुसंधान एवं क्षेत्रीय अध्ययनों पर आधारित थे।

प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की केवल तथ्यात्मक जानकारी ही नहीं, बल्कि समस्या-समाधान क्षमता का भी मूल्यांकन किया गया। परीक्षा में कोशिका एवं आणविक जीवविज्ञान, पादप एवं प्राणी विज्ञान, आनुवंशिकी एवं विकासवाद, पारिस्थितिकी, प्राणी व्यवहार विज्ञान तथा जैव वर्गिकी जैसे विषय शामिल थे।

भारतीय दल को बधाई

भारत के सभी पदक विजेता छात्रों तथा पूरे भारतीय प्रतिनिधिमंडल को इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई।

देशभर के शिक्षकों, मार्गदर्शकों तथा एचबीसीएसई (HBCSE) की जीवविज्ञान ओलंपियाड इकाई ने प्रशिक्षण शिविरों एवं प्रस्थान-पूर्व ओरिएंटेशन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही राष्ट्रीय संचालन समिति, शिक्षक संगठनों तथा भारत सरकार की वित्तपोषण एजेंसियों के सतत सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया गया।

भारत का शानदार रिकॉर्ड

यह अंतरराष्ट्रीय जीवविज्ञान ओलंपियाड में भारत की 26वीं भागीदारी थी।

अब तक इस प्रतियोगिता में भारत के 104 छात्र भाग ले चुके हैं, जिनमें—

  • 17 स्वर्ण पदक

  • 69 रजत पदक

  • 17 कांस्य पदक

  • 1 सम्मानजनक उल्लेख (Honourable Mention)

प्राप्त हुए हैं।

पिछले 10 वर्षों में भारत का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। इस अवधि में भारतीय प्रतिभागियों की स्वर्ण पदक सफलता दर 25 प्रतिशत तथा रजत पदक सफलता दर 68 प्रतिशत रही है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती वैज्ञानिक प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।

पहले वनडे में भारत की शानदार जीत, इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया

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भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली है।

मैच में शुभमन गिल ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए 80 रनों की शानदार पारी खेली और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑलराउंडर की भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें खूब सराहा जा रहा है।

भारत के गेंदबाज़ों ने शुरुआत से ही इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाए रखा, जिसके कारण इंग्लिश टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। इसके बाद भारतीय बल्लेबाज़ों ने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाते हुए लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।

इस जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उसकी नज़र सीरीज़ के अगले मुकाबले को जीतकर सीरीज़ अपने नाम करने पर होगी।



भारत की महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतकर बनाया नया कीर्तिमान

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई दी है।

'क्रिकेट के मक्का' कहे जाने वाले लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतना किसी भी क्रिकेटर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होती है। भारतीय महिला टीम की यह शानदार जीत देश में महिला क्रिकेट के निरंतर विकास, खिलाड़ियों के अदम्य साहस, कौशल, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट चरित्र का प्रमाण है।

यह ऐतिहासिक विजय भारतीय क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला टीम की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है। साथ ही, यह उपलब्धि उन लाखों युवा लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी, जो भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखती हैं।

बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास ने कहा:

"यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे गौरवपूर्ण क्षणों में से एक है। लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतना अत्यंत विशेष उपलब्धि है और यह इस टीम के साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचायक है। खिलाड़ियों ने इस चुनौती को शानदार ढंग से स्वीकार किया और पूरे देश को गौरवान्वित किया। मैं बीसीसीआई के पूर्व मानद सचिव एवं वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष जय शाह के दूरदर्शी नेतृत्व और महिला क्रिकेट के विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की भी सराहना करता हूँ, जिसने ऐसी उपलब्धियों की मजबूत नींव रखी है। बीसीसीआई की ओर से मैं हरमनप्रीत कौर, सभी खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ को इस अविस्मरणीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ।"

बीसीसीआई के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने कहा:

"यह ऐतिहासिक जीत महिला क्रिकेट में वर्षों से किए गए सतत निवेश और विश्वास का परिणाम है। बीसीसीआई ने मजबूत घरेलू ढाँचे, बेहतर अवसरों और पेशेवर सहयोग के माध्यम से महिला क्रिकेटरों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया है। मैं बीसीसीआई के पूर्व मानद सचिव एवं वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष श्री जय शाह के दूरदर्शी नेतृत्व को भी श्रेय देना चाहता हूँ। उनके ऐतिहासिक निर्णय—केंद्रीय अनुबंधित महिला खिलाड़ियों के लिए समान वेतन, घरेलू महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में वृद्धि तथा महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की शुरुआत—ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी है। लॉर्ड्स में मिली यह ऐतिहासिक जीत उन्हीं प्रयासों और सबसे बढ़कर खिलाड़ियों एवं सहयोगी स्टाफ की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।"

बीसीसीआई भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचों, सहयोगी स्टाफ और उनसे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता है। यह जीत आने वाली पीढ़ियों की महिला क्रिकेटरों को प्रेरित करेगी तथा भारत में महिला क्रिकेट के विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड 2026 में भारतीय छात्रों का स्वर्णिम प्रदर्शन, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (International Physics Olympiad - IPhO) 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय दल के कनिष्क जैन, ऋद्धेश अनंत बेंदाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन छात्रों की यह उपलब्धि देश की युवा शक्ति (युवा शक्ति) की असीम क्षमता तथा विज्ञान और अनुसंधान के प्रति उनके समर्पण का एक और उत्कृष्ट उदाहरण है।

मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले एक दशक में भारतीय विद्यार्थियों ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के विभिन्न संस्करणों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर लिखा:

“हमारे युवाओं का शानदार प्रदर्शन!

कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय दल के कनिष्क जैन, ऋद्धेश अनंत बेंदाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी को हार्दिक बधाई।

उनकी यह उपलब्धि हमारी युवा शक्ति की असीम क्षमता तथा विज्ञान और अनुसंधान के प्रति उनके जुनून का एक और प्रेरणादायक उदाहरण है। यह भी अत्यंत प्रशंसनीय है कि पिछले एक दशक में हमारे विद्यार्थियों ने इस मंच के विभिन्न संस्करणों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।”

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी पहनेंगे ‘मेक इन इंडिया’ जूट परिधान, प्राकृतिक रेशों को मिलेगा वैश्विक मंच

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नई दिल्ली- भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय जूट बोर्ड (National Jute Board) ने टिकाऊ (सस्टेनेबल) वस्त्रों को बढ़ावा देने और प्राकृतिक रेशों में भारत की नवाचार क्षमता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी और टीम के सदस्य पहली बार जूट-विस्कोस (Jute-Viscose) मिश्रित कपड़े से बने विशेष परिधान पहनेंगे।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "मेक इन इंडिया" और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा देने के विजन से प्रेरित है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय जूट बोर्ड ने 100 प्रतिशत जैव-अवक्रमणीय (Biodegradable) जूट-विस्कोस मिश्रित कपड़े को एक टिकाऊ और आधुनिक वस्त्र विकल्प के रूप में विकसित किया है।

नई दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आधिकारिक किट अनावरण एवं विदाई समारोह में केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी. टी. उषा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह पहला अवसर होगा जब किसी अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल प्रतियोगिता में भारतीय दल जूट आधारित परिधान पहनकर दुनिया के सामने उतरेगा। इससे न केवल भारत के जूट उद्योग को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि भारतीय निर्माताओं की कारीगरी और जूट किसानों के योगदान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलेगा।

जूट-विस्कोस मिश्रित कपड़े का विकास कोलकाता की ग्लॉस्टर जूट मिल्स के सहयोग से किया गया, जबकि इन परिधानों की डिजाइन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT), नई दिल्ली ने तैयार की है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 72 देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। भारत की ओर से 124 सदस्यीय दल, जिसमें 78 पुरुष और 46 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा।

राष्ट्रीय जूट बोर्ड का मानना है कि यह पहल जूट विविधीकरण कार्यक्रम को नई गति देगी, जूट उत्पादों के लिए देश और विदेश में नए बाजार खोलेगी तथा प्राकृतिक रेशों को वैश्विक स्तर पर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह देश के लाखों जूट किसानों के लिए गर्व और प्रोत्साहन का विषय भी बनेगी।


वायु सेना मार्शल अर्जन सिंह स्मृति हॉकी टूर्नामेंट के 7वें संस्करण का सफल आयोजन

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 मार्शल ऑफ द एयर फोर्स अर्जन सिंह स्मृति हॉकी टूर्नामेंट के 7वें संस्करण का आयोजन 23 जून से 3 जुलाई 2026 तक एयर फोर्स स्टेशन, जलहल्ली स्थित अमित सिंह बख्शी हॉकी स्टेडियम में सफलतापूर्वक किया गया। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों ने भाग लिया।

टूर्नामेंट का समापन समारोह 3 जुलाई 2026 को प्रातः 7:30 बजे आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि एयर मार्शल सीथेपल्ली श्रीनिवास, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, प्रशिक्षण कमान (Training Command) रहे।

समापन समारोह में भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बलजीत कौर तथा ओलंपियन एवं भारतीय पुरुष हॉकी खिलाड़ी पी.आर. श्रीजेश विशिष्ट अतिथि (Guest of Honour) के रूप में उपस्थित रहे।

टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना की टीमों के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में भारतीय वायु सेना ने 2-1 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।

भारतीय वायु सेना के सार्जेंट आनंद लकड़ा को 'मैन ऑफ द मैच' तथा एजीवी (एस) अग्यापाल को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' घोषित किया गया।

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