Media24Media.com: ‘जीवन जागृति हर मानव की प्यास’, तेंदुवाही में पांच दिवसीय मानव व्यवहार सूत्र कार्यशाला

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‘जीवन जागृति हर मानव की प्यास’, तेंदुवाही में पांच दिवसीय मानव व्यवहार सूत्र कार्यशाला

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‘मानव व्यवहार सूत्र कार्यशाला’ में शामिल होंगे अनेक सत्संगी

तेंदुवाही में 17 से 21 अक्टूबर तक होगा पांच दिवसीय आयोजन, बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों से किया जा रहा संपर्क

महासमुंद- मानव जीवन की जिज्ञासाओं को समझने, मानवीय मूल्यों को विकसित करने और जीवन जीने की सही समझ प्रदान करने के उद्देश्य से मानवीय शिक्षा शोध केंद्र, तेंदुवाही, जिला महासमुंद में 17 से 21 अक्टूबर तक पांच दिवसीय ‘मानव व्यवहार सूत्र कार्यशाला’ का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में शामिल होने के लिए विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, समाजसेवकों और ग्राम सेवकों से संपर्क कर उन्हें आमंत्रित किया जा रहा है।

कार्यशाला की विशेषता यह है कि इसमें प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क भोजन, आवास, जीवन विद्या अध्ययन तथा आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। आयोजन का संपूर्ण व्यय मानवीय शिक्षा शोध केंद्र, तेंदुवाही तथा चेतना विकास मूल्य शिक्षा से जुड़े अभिभावक विद्यालय, कोकड़ी, जिला महासमुंद द्वारा वहन किया जाएगा।

‘मानव बनाने की फैक्ट्री’ के रूप में विकसित हो रहा आश्रम

मानवीय शिक्षा शोध केंद्र, तेंदुवाही के संचालक एवं शिक्षक गेंदलाल कोकड़िया का उद्देश्य लोगों को जीवन, व्यवहार, पारिवारिक संबंधों और मानवीय मूल्यों से जुड़े प्रश्नों पर विचार करने का अवसर प्रदान करना है। वे इस केंद्र को ऐसे अध्ययन स्थल के रूप में विकसित कर रहे हैं, जहां व्यक्ति अपने जीवन से जुड़ी जिज्ञासाओं को समझने और उनके समाधान खोजने के लिए अध्ययन कर सके।

कोकड़िया के अनुसार, वे अपने वेतन की 100 प्रतिशत राशि इस आश्रम के संचालन में लगाते हैं। उनके द्वारा अब तक 60 लाख रुपये से अधिक की राशि आश्रम के संचालन में लगाए जाने की जानकारी दी गई है। उनका कहना है कि वे किसी से दान-चंदा या आर्थिक सहयोग की अपेक्षा किए बिना अपने वेतन के आधार पर इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। यहां आने वाले प्रतिभागी अध्ययन और परिश्रम के माध्यम से जीवन को बेहतर ढंग से समझने का प्रयास करते हैं।

2,000 से अधिक बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों तक पहुंचने का प्रयास

मानव व्यवहार सूत्र कार्यशाला की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए क्षेत्र के अनेक शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों से संपर्क किया गया है। आयोजक के अनुसार, अब तक 2,000 से अधिक बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों तक संपर्क करने का प्रयास किया गया है।

संपर्क किए गए विद्यालयों में सरस्वती शिशु मंदिर, झलप; सरस्वती शिशु मंदिर, पिरदा-बसना; पटेवा शासकीय विद्यालय; स्वामी आत्मानंद विद्यालय; कोकड़ी शासकीय विद्यालय और सलिहाभांटा शासकीय विद्यालय सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं।

जीवन से जुड़ी जिज्ञासाओं के समाधान के लिए आमंत्रण

गेंदलाल कोकड़िया ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, समाजसेवकों और ग्राम सेवकों से आग्रह किया है कि वे अपने जीवन से जुड़ी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के साथ कार्यशाला में शामिल हों। पांच दिनों के इस आयोजन में प्रतिभागियों को जीवन विद्या का अध्ययन करने, अपने व्यवहार को समझने तथा मानवीय संबंधों और मूल्यों पर विचार करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपील की है कि वे दशहरा अवकाश का सदुपयोग करते हुए इस कार्यशाला में भाग लें। इच्छुक प्रतिभागी आयोजन से संबंधित जानकारी और सहभागिता के लिए मोबाइल नंबर 9691323121 पर संपर्क कर सकते हैं।

‘जीवन जागृति हर मानव की प्यास’ के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यशाला लोगों को अपने जीवन, व्यवहार और मानवीय मूल्यों को समझने की दिशा में अध्ययन एवं संवाद का अवसर प्रदान करने का प्रयास है।


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