Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का कहर: सुकमा में 6 साल के बच्चे की मौत, कांकेर में नदी में बहे दो छात्रों के शव बरामद

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छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का कहर: सुकमा में 6 साल के बच्चे की मौत, कांकेर में नदी में बहे दो छात्रों के शव बरामद

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सुकमा- छत्तीसगढ़ में लगातार हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। तेज बहाव और जलभराव के कारण अलग-अलग जिलों में हादसे सामने आए हैं। सुकमा में नाले के तेज बहाव में बहने से 6 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, वहीं कांकेर के पखांजूर क्षेत्र में बांडे नदी में बहे दो स्कूली छात्रों के शव भी बरामद कर लिए गए हैं। इन घटनाओं से प्रभावित इलाकों में शोक का माहौल है। 

 सुकमा में नाले के तेज बहाव में बहा मासूम

सुकमा जिले के मूलेर गांव के इत्तपारा इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार 6 वर्षीय बच्चा कुछ अन्य बच्चों के साथ नाले की ओर गया था। इसी दौरान वह अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया और पानी में बह गया।

बच्चे के काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने नाले और आसपास के इलाके में काफी खोजबीन की। काफी प्रयास के बाद बच्चे का शव बरामद किया गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। 

परिवार में पसरा मातम

मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों से होने वाले खतरे को सामने ला दिया है।

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान क्षेत्र के छोटे-बड़े जलस्रोतों में पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ जाता है।

कांकेर में पिकनिक के दौरान नदी में बह गए थे दो छात्र

दूसरी घटना कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र की है। यहां इरपानर क्षेत्र से 9 बच्चे पिकनिक मनाने बांडे नदी के पास गए थे। नदी में पानी का बहाव तेज था। इसी दौरान दो स्कूली छात्र अभिजीत विश्वास और साहिल बर्मन तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए।

घटना के बाद पुलिस, ग्रामीणों और बचाव दल ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया। नदी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

दोनों छात्रों की तलाश के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ SDRF की टीम ने अभियान चलाया। स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र की टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया। गोताखोरों और बचाव दल ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की।

करीब 30 घंटे तक चले अभियान के बाद दोनों छात्रों के शव बरामद किए गए। इसके बाद शवों को नदी से बाहर निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

बारिश के दौरान नदी-नालों से दूर रहने की अपील

लगातार बारिश के बाद छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों से उफनते नदी-नालों के पास नहीं जाने और बच्चों को जलस्रोतों से दूर रखने की अपील की जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान नदी या नाले का पानी शांत दिखाई देने पर भी नीचे तेज बहाव हो सकता है। इसलिए पुल, घाट या नदी किनारे जाने में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।

 प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती

सुकमा और कांकेर की घटनाओं ने बारिश के मौसम में दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में रेस्क्यू और आपदा प्रबंधन की चुनौती को भी सामने ला दिया है। खासकर बस्तर संभाग के जंगल और नदी-नालों वाले क्षेत्रों में अचानक बढ़ने वाला जलस्तर लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

फिलहाल दोनों घटनाओं में संबंधित प्रशासन और पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई है। परिवारों में शोक का माहौल है।



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