Media24Media.com: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में दोहरे हत्याकांड पर बड़ा फैसला: तीन दोषियों को फांसी, एक को उम्रकैद

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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में दोहरे हत्याकांड पर बड़ा फैसला: तीन दोषियों को फांसी, एक को उम्रकैद

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सूरजपुर- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस हेड कांस्टेबल की पत्नी और नाबालिग बेटी की निर्मम हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तीन दोषियों को मृत्युदंड और एक अन्य दोषी को उम्रकैद की सजा दी है। यह फैसला 8 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।

किन दोषियों को क्या सजा मिली?

दोषी का नाम    अदालत की सजा
कुलदीप साहू (32)        मृत्युदंड
चंद्रकांत चौधरी (28)        मृत्युदंड
फूल सिंह उर्फ रिंकू (28)        मृत्युदंड
आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी (20)        उम्रकैद

फैसला जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने सुनाया। सरकारी वकील सुरेश शर्मा ने इसकी जानकारी दी।

आखिर क्या हुआ था उस रात?

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यह मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है। पुलिस और अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना की शुरुआत दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई थी।

  1. पुलिसकर्मी पर हमला: मुख्य दोषी कुलदीप साहू ने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात आरक्षक घनश्याम सोनी पर गर्म तेल फेंका था।

  2. पुलिस की तलाश: घटना के बाद पुलिस ने कुलदीप को पकड़ने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, उसने पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने की कोशिश की और वहां से भाग निकला।

  3. घर में घुसकर हमला: इसके बाद वह पुलिस हेड कांस्टेबल के घर में घुस गया, जहां उसकी पत्नी और बेटी मौजूद थीं। अभियोजन के मुताबिक, उसके साथियों ने भी वारदात में मदद की।

  4. मां-बेटी की हत्या: अभियोजन पक्ष ने अदालत में बताया कि महिला के साथ यौन हिंसा की गई और मां-बेटी दोनों की हत्या कर दी गई।

  5. शवों को दूसरी जगह फेंका: पुलिस के अनुसार, शवों को घर से लगभग चार किलोमीटर दूर पिढ़ा गांव के पास फेंक दिया गया था।

पोस्टमार्टम और जांच में क्या सामने आया?

अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश जानकारी के अनुसार:

  • मृत महिला के शरीर पर चोट के 33 निशान पाए गए।

  • नाबालिग बच्ची के शरीर पर चोट के 28 निशान मिले।

  • मामले की जांच में खून के निशान, आरोपियों के कपड़े, फिंगरप्रिंट और DNA से जुड़े साक्ष्यों का इस्तेमाल किया गया।

अदालत ने फांसी की सजा क्यों सुनाई?

अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, नाबालिग बच्ची की हत्या और वारदात की परिस्थितियों को देखते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी।

रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। तीन को मृत्युदंड और एक को उम्रकैद दी गई। 

फैसले के बाद क्या हुआ?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य दोषी कुलदीप साहू को दोषसिद्धि के बाद अदालत परिसर से बाहर निकलते समय मुस्कुराते हुए देखा गया था। इस व्यवहार को लेकर लोगों में नाराजगी की खबरें आईं।

मृतक परिवार के एक सदस्य ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद थी।

क्या तीनों को तुरंत फांसी दी जाएगी?

नहीं। मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद भी कानूनी प्रक्रिया बाकी है।

  • मृत्युदंड की पुष्टि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से होना आवश्यक है।

  • दोषियों को दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ अपील करने का अधिकार है।

  • इसलिए अदालत द्वारा मृत्युदंड सुनाया जाना और वास्तव में फांसी का निष्पादन होना अलग-अलग चरण हैं।


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