Media24Media.com: छत्तीसगढ़ में दशहरा की खुशियां मातम में बदलीं: सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत, एक दर्जन से अधिक घायल

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छत्तीसगढ़ में दशहरा की खुशियां मातम में बदलीं: सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत, एक दर्जन से अधिक घायल

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में विजयादशमी और दशहरा उत्सव के दौरान अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कोरबा, कांकेर और रायगढ़ में हुए विभिन्न हादसों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि बेमेतरा जिले में दशहरा मेले से लौट रहे ग्रामीणों से भरा ट्रैक्टर पलटने से करीब 12 लोग घायल हो गए। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। इन घटनाओं ने त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कोरबा: दुर्गा विसर्जन के बाद लौट रहे दो युवकों की मौत

कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र में रामपुर-नोनबिर्रा मार्ग पर मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। इलेक्ट्रिक स्कूटी पर सवार यशवंत गुप्ता (24) और शुभम गुप्ता (20) को एक अज्ञात भारी वाहन ने टक्कर मार दी। दोनों युवक दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से जुड़े धार्मिक कार्य पूरे करने के बाद लौट रहे थे।

बताया गया कि गांव में नौ दिनों तक दुर्गा पूजा का आयोजन हुआ था। विसर्जन के बाद दोनों युवक पूजा सामग्री लौटाने के लिए पुजारी के घर गए थे। वहां से वापस आते समय उनकी स्कूटी भारी वाहन की चपेट में आ गई। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद वाहन चालक के मौके से फरार होने की सूचना है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर वाहन तथा चालक की पहचान करने में जुटी है।

कांकेर: बाईपास पर दो युवकों की मौत, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

कांकेर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के बाईपास पर मंगलवार देर रात सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई। मृतक नंदनमारा क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।

हादसे के बाद बुधवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने बाईपास पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं है और वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए आवश्यक इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। उनका कहना था कि इन कमियों के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने सड़क पर स्ट्रीट लाइट लगाने, स्पीड ब्रेकर बनाने और ओवरब्रिज के निर्माण की मांग की। प्रशासन तथा पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की। मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

रायगढ़: दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत

रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र में मंगलवार रात हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

पहली घटना में चार युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेले की ओर जा रहे थे। बेहरामार गांव के पास उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। इस हादसे में कृष्णा राठिया (15) और जितेंद्र राठिया की मौके पर मौत हो गई। धर्मेंद्र राठिया और कुंदन राठिया गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किए जाने की सूचना है।

दूसरी घटना छाल चौक के पास हुई। यहां परिवार के साथ पैदल दशहरा मेला देखने जा रहे बुजुर्ग चंद्रदेव सिंह ठाकुर को पीछे से आ रही मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक ही बाइक पर चार लोगों का सवार होना, तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े भारी वाहन से टक्कर जैसे पहलू जांच के दायरे में हैं।

बेमेतरा: 40 से अधिक लोगों को ले जा रहा ट्रैक्टर पलटा, करीब 12 घायल

बेमेतरा जिले के नवागढ़ क्षेत्र में दशहरा उत्सव से लौट रहे ग्रामीणों से भरा ट्रैक्टर सल्हेघोरी गांव के पास पलट गया। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैक्टर पर 40 से अधिक लोग सवार थे।

दुर्घटना में करीब 12 लोग घायल हो गए। घायलों को नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। इनमें से चार लोगों की हालत गंभीर बताई गई।

घटना की सूचना मिलने पर राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे तथा घायलों की स्थिति का जायजा लिया। बड़ी संख्या में लोगों को ट्रैक्टर पर ले जाने से जुड़े सुरक्षा पहलुओं की जांच आवश्यक मानी जा रही है।

त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

लगातार सामने आए इन हादसों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की व्यवस्थाओं पर चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों और मेलों के दौरान देर रात तक आवागमन, तेज रफ्तार, हेलमेट सहित सुरक्षा नियमों की अनदेखी, सड़क पर पर्याप्त रोशनी का अभाव और वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे आयोजनों के दौरान यातायात नियंत्रण, संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की तैनाती, उचित प्रकाश व्यवस्था, गति सीमा का पालन और ट्रैक्टर जैसे कृषि वाहनों पर यात्रियों को ले जाने से रोकने जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं।

अपील: त्योहारों की खुशियां सुरक्षित रहें, इसके लिए वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनें, वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाएं और यातायात नियमों का पालन करें। थोड़ी-सी सावधानी कई परिवारों को अपूरणीय दुख से बचा सकती है।


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