Media24Media.com: धुआं-धुआं खार्ग! अमेरिका ने ईरान के 5 तेल टैंकरों को बनाया निशाना

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धुआं-धुआं खार्ग! अमेरिका ने ईरान के 5 तेल टैंकरों को बनाया निशाना

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 नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच कच्चे तेल टैंकरों को निशाना बनाकर उन्हें इस कदर क्षतिग्रस्त कर दिया कि वे आगे संचालन की स्थिति में नहीं रहे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से दो बार हमला करने के प्रयास के बाद की गई।


अमेरिकी युद्धपोत पर दो बार हमले की कोशिश

CENTCOM ने मंगलवार को बताया कि पिछले दो दिनों में IRGC ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, दोनों प्रयास विफल रहे। अमेरिकी युद्धपोत मिसाइल हमलों से बचने में सफल रहा और इसके बाद भी क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखीं। इन घटनाओं में किसी अमेरिकी सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं है।

पांच ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई

CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए IRGC के कथित तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच टैंकरों को निशाना बनाया। ओमान की खाड़ी में एम/टी कविज, एम/टी चारमीनार, एम/टी होराइजन 1 और एम/टी रीस्को को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा ईरान के खार्ग द्वीप के पास एम/टी डेर्या पर भी कार्रवाई की गई।

चालक दल को पहले कराया गया सुरक्षित बाहर

अमेरिकी सेना के मुताबिक, कार्रवाई से पहले टैंकरों के चालक दल को जहाज खाली करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद टैंकरों को इस तरह क्षतिग्रस्त किया गया कि वे आगे परिचालन में इस्तेमाल नहीं किए जा सकें। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत हमले से सुरक्षित बच गया और क्षेत्र में अपनी गश्त जारी रखी।

तेल तस्करी नेटवर्क का लगाया आरोप

अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान इन तेल टैंकरों का इस्तेमाल अरबों डॉलर के एक गुप्त तेल नेटवर्क के लिए करता है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इस नेटवर्क से मिलने वाली रकम IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों की गतिविधियों को आर्थिक मदद पहुंचाती है। CENTCOM ने यह भी दावा किया कि ईरान इन टैंकरों को प्रभावी सुरक्षा उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है।

5 सितंबर को भी हुई थी कार्रवाई

ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। CENTCOM के अनुसार, 5 सितंबर को भी अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी कच्चे तेल टैंकरों को नष्ट किया था। यह कार्रवाई अमेरिकी विमानवाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाने के ईरानी प्रयास के बाद की गई थी। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर ईरान के हालिया हमले के प्रयास विफल रहे हैं।

ईरान ने दो टैंकरों को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की

वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया ने अमेरिकी कार्रवाई में दो ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की है। रिपोर्टों के मुताबिक, एक टैंकर जास्क के पास और दूसरा खार्ग द्वीप के करीब प्रभावित हुआ। चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दिए जाने की खबरों के बीच खाड़ी क्षेत्र में तेल परिवहन और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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