Media24Media.com: बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, 11 जिलों में 19.57 लाख लोग प्रभावित; पटना में गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

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बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, 11 जिलों में 19.57 लाख लोग प्रभावित; पटना में गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

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पटना- बिहार में लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर कर दिया है। राज्य के 11 जिलों में करीब 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से ऊपर पहुंच गया है, जिसके बाद निचले और डाउनस्ट्रीम इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

रविवार सुबह 6 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से 5 सेंटीमीटर अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले एक से तीन दिनों में हथीदह और उसके बाद के गेज स्टेशनों पर भी जलस्तर बढ़ने का खतरा है।

11 जिलों के 330 पंचायतों पर असर

बाढ़ का असर पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया समेत 11 जिलों की 330 ग्राम पंचायतों में बताया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों, तटबंधों, निचले क्षेत्रों और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

गंगा के अलावा गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हथीदह में गंगा का जलस्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

NDRF-SDRF की टीमें और 1,345 नावें तैनात

बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद और संभावित निकासी के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत-बचाव संसाधन लगाए हैं। NDRF की 10 और SDRF की 27 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात हैं। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 1,345 नावें लगाई गई हैं।

110 सामुदायिक रसोई चल रहीं

बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए विभिन्न जिलों में 110 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी और बाढ़ के पानी के पास जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

ट्रेनों पर भी असर

बाढ़ और बढ़ते जलस्तर का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। पटना-गया रेलखंड पर पानी का स्तर बढ़ने के कारण कुछ ट्रेनों को रद्द और कुछ को डायवर्ट किया गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, राहत सामग्री उपलब्ध कराना और तटबंधों व संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करना है। आने वाले दिनों में जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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