Media24Media.com: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक का खुलासा, प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार; 36 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला

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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक का खुलासा, प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार; 36 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला

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रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में 20 अगस्त को आयोजित बीएससी (कृषि) द्वितीय वर्ष की ‘कीटशास्त्र’ परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 36 घंटे के भीतर मामले का खुलासा किया।


लिफाफे में छेद कर बनाया पेपर का वीडियो

पुलिस के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे में सुई की मदद से छोटा छेद किया गया। इसके बाद मोबाइल कैमरे से प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई।

आरोप है कि प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र की सामग्री अपने कॉलेज के कुछ छात्रों को 11 हजार रुपये में उपलब्ध कराई। इसके बाद यह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य छात्रों तक पहुंच गया।

छह आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा छात्र अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में दो अन्य संदिग्ध आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े उपकरण, केबल, सुई और फेविकोल समेत अन्य सामग्री बरामद की है।

100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की 100 से अधिक सदस्यों वाली टीम को जांच में लगाया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई और कार्रवाई की।

पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ ही पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री ने दिए थे सख्त कार्रवाई के निर्देश

पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। पुलिस की कार्रवाई को इसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।A

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