Media24Media.com: कोकड़ी की 11.22 हेक्टेयर वनभूमि पर प्रस्तावित रिसॉर्ट को लेकर ग्रामीणों का विरोध

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कोकड़ी की 11.22 हेक्टेयर वनभूमि पर प्रस्तावित रिसॉर्ट को लेकर ग्रामीणों का विरोध

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ग्रामीणों ने कहा—यह भूमि पशु चराई और ग्रामीणों की जरूरतों का प्रमुख सहारा, औद्योगिक/व्यावसायिक उपयोग में न दी जाए

पटेवा- ग्राम कोकड़ी में प्रस्तावित रिसॉर्ट निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत खट्टा के आश्रित ग्राम कोकड़ी में स्थित शासकीय भूमि, जो वर्तमान में घास/चरागाह मद में दर्ज है, गांव के पशुधन और ग्रामीणों की आजीविका के लिए महत्वपूर्ण है। इसी भूमि के एक हिस्से को रिसॉर्ट निर्माण के लिए चिन्हांकित किए जाने की जानकारी के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।


ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर महासमुंद को दिए गए आवेदन के अनुसार खसरा नंबर 164 की कुल 11.22 हेक्टेयर भूमि घास चरागाह मद में दर्ज है। आवेदन में बताया गया है कि इसमें से लगभग 2.40 हेक्टेयर भूमि को रिसॉर्ट निर्माण के लिए चिन्हांकित कर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को आवंटित किए जाने की प्रक्रिया का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कोकड़ी गांव में पशुओं के निस्तारी और चराई के लिए यह प्रमुख उपलब्ध भूमि है। इसके अलावा ग्रामीणों के मुताबिक आसपास अन्य पर्याप्त शासकीय भूमि या चराई की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इस भूमि का व्यावसायिक उपयोग होने से गांव के पशुपालकों और ग्रामीणों के सामने भविष्य में परेशानी खड़ी हो सकती है।

ग्राम सभा में भी उठ चुका है मुद्दा

दस्तावेजों के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर भी इस विषय को लेकर चर्चा की गई है। बैठक की कार्यवाही में ग्रामीणों द्वारा वन/चराई से जुड़ी भूमि को सुरक्षित रखने तथा प्रस्तावित औद्योगिक/व्यावसायिक उपयोग पर आपत्ति दर्ज किए जाने का उल्लेख दिखाई देता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खसरा नंबर 164 की पूरी 11.22 हेक्टेयर भूमि को ग्राम कोकड़ी के निस्तारी एवं चराई के लिए सुरक्षित रखा जाए और इसे किसी अन्य औद्योगिक अथवा व्यावसायिक कार्य में न दिया जाए।

ग्रामीणों की मांग—पहले गांव की जरूरत, फिर विकास

ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास या पर्यटन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास कार्य के लिए ऐसी भूमि का चयन नहीं होना चाहिए जो गांव के पशुधन, चराई और दैनिक जरूरतों का आधार हो।

ग्रामीणों ने कलेक्टर महासमुंद एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर भूमि की वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित आवंटन तथा ग्रामवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की आपत्ति और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेता है।


दस्तावेजों में उपलब्ध तथ्य:

  • स्थान : ग्राम कोकड़ी, तहसील पटेवा, जिला महासमुंद

  • खसरा नंबर : 164

  • कुल भूमि : 11.22 हेक्टेयर

  • ग्रामीणों के अनुसार रिसॉर्ट हेतु चिन्हांकित भूमि : लगभग 2.40 हेक्टेयर

  • मुख्य मांग : भूमि को ग्राम के निस्तारी/चराई के लिए सुरक्षित रखा जाए

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