Media24Media.com: वन विभाग की सतर्कता से टला बड़ा खतरा, केरावाहारा में तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

वन विभाग की सतर्कता से टला बड़ा खतरा, केरावाहारा में तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया

Document Thumbnail

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगी आगे की प्रक्रिया

रायपुर- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के केराबाहरा गांव में आतंक मचाने वाला एक तेंदुआ 1 अगस्त 2026 की सुबह वन विभाग द्वारा सुरक्षित पकड़ लिया गया। यह तेंदुआ पिछले एक महीने से अधिक समय से लगातार रिहायशी इलाके में आ रहा था और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। छत्तीसगढ़ वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया और जानवर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया।

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार गरियाबंद वनमंडल के वन परिक्षेत्र गरियाबंद अंतर्गत ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। वन विभाग की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टाल दिया गया।

तेंदुए की गतिविधियों पर रखी जा रही थी विशेष निगरानी

वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुए ने पहले क्षेत्र में पालतू मवेशियों पर हमला किया था। इसके अलावा विद्यालय परिसर और आबादी के आसपास भी उसकी मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इसे देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए।

केज ट्रैप और रेस्क्यू टीम की रणनीति रही सफल

वनमंडलाधिकारी ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन और वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में ग्राम जोवा और केरावाहारा में केज ट्रैप लगाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया था। इस कार्रवाई के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ से आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश भी प्राप्त किए गए थे।

सुरक्षित रेस्क्यू के बाद स्वास्थ्य पर रखी जा रही निगरानी

वन विभाग की लगातार निगरानी और सुनियोजित रणनीति के चलते तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में आ गया। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसके स्वास्थ्य और व्यवहार पर निगरानी शुरू कर दी। मौके पर भीड़ न जुटे, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।

विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण में उसकी शारीरिक स्थिति, किसी संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

अफवाहों से बचें, वन विभाग को दें तुरंत सूचना

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। तेंदुए से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम नियमानुसार उठाए जा रहे हैं।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.