Media24Media.com: भारत-मलेशिया के बीच लोक प्रशासन और सुशासन सुधारों पर दूसरी संयुक्त कार्य समूह बैठक आयोजित

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भारत-मलेशिया के बीच लोक प्रशासन और सुशासन सुधारों पर दूसरी संयुक्त कार्य समूह बैठक आयोजित

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18 अगस्त 2026 को ‘लोक प्रशासन और सुशासन सुधारों के क्षेत्र में सहयोग’ पर भारत-मलेशिया संयुक्त कार्य समूह (JWG) की दूसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के अपर सचिव पुनीत यादव तथा मलेशिया की ओर से लोक सेवा (विकास) के उप महानिदेशक दातुक डॉ. मोहद बखारी बिन इस्माइल ने की।

बैठक में DARPG, विदेश मंत्रालय (MEA), कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग (HCI) और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (NCGG) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व किया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए पुनीत यादव ने भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे बहुआयामी संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत जन-सम्पर्क, साझा मूल्यों और पारस्परिक हितों पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) तक बढ़ाया गया और फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग को और गति मिली।

संयुक्त कार्य समूह ने 13 नवंबर 2024 को आयोजित अपनी पहली बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की। पहली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि एवं स्वीकृति की गई तथा सहमत गतिविधियों के समन्वय और क्रियान्वयन के लिए दोनों पक्षों से संपर्क अधिकारियों (Points of Contact) को नामित किया गया।

बैठक में भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के तहत चल रहे क्षमता निर्माण सहयोग पर भी चर्चा हुई। मलेशियाई पक्ष ने शैक्षणिक मॉड्यूल, संस्थागत एवं क्षेत्रीय भ्रमण, कार्यक्रम समन्वय और प्रतिभागियों को प्रदान की गई आतिथ्य-सुविधाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। वर्ष 2026 और 2027 के बैचों के लिए प्रस्तावित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। मलेशियाई पक्ष ने वरिष्ठ मलेशियाई अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संभावनाएँ तलाशने के प्रस्ताव का स्वागत किया।

बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के आधुनिकीकरण और सुशासन सुधारों से संबंधित अनुभवों का भी आदान-प्रदान हुआ। मलेशिया ने ‘पीपल, प्रोसेस और टेक्नोलॉजी’ पर आधारित सार्वजनिक क्षेत्र परिवर्तन की अपनी रणनीति साझा की, जिसमें नवाचार को प्रमुख सक्षम कारक माना गया है। डिजिटल सरकार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड सेवाओं, साझा डिजिटल बुनियादी ढाँचे, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, डेटा-आधारित निर्णय लेने और कनेक्टेड गवर्नमेंट जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसमें सरल, तेज और नागरिक-केंद्रित सार्वजनिक सेवाएँ प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया।

भारतीय पक्ष ने केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) के तहत नागरिक शिकायतों के केंद्रीकृत निवारण की जानकारी साझा की। CPGRAMS को दुनिया के सबसे बड़े 24x7 डिजिटल नागरिक इंटरफेस प्लेटफॉर्मों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया गया। DARPG द्वारा अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग के प्रयासों के तहत ‘समाधान दीदी’ का उल्लेख किया गया।

30 मई 2026 को शुरू किया गया AI-सक्षम वॉयस चैटबॉट ‘समाधान दीदी’, CPGRAMS को अधिक सुलभ, बहुभाषी और नागरिक-केंद्रित बनाने में सहायता करता है। यह चैटबॉट संवादात्मक AI का उपयोग कर नागरिकों को त्वरित, सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल जानकारी एवं प्रतिक्रियाएँ प्रदान करता है।

मलेशियाई पक्ष ने ‘Malaysia-India Governance Partnership: 2027–2029 Strategic Roadmap’ की कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस पर चर्चा के माध्यम से शासन संबंधी सहयोग के लिए कार्यान्वयन एवं संस्थागत ढाँचा तैयार करने तथा समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत सहयोग के क्षेत्रों के लिए तीन वर्षीय रोडमैप बनाने की दिशा में आगे बढ़ा गया।

मलेशियाई पक्ष ने DARPG, NCGG और भारतीय उच्चायोग द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। दोनों पक्षों ने अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का स्वागत किया तथा सहयोग के लिए ठोस, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख क्षेत्रों की पहचान करने पर सहमति व्यक्त की।

बैठक का समापन संस्थागत सहभागिता, ज्ञान साझाकरण और क्षमता निर्माण को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। इसका उद्देश्य सार्वजनिक संस्थानों को सुदृढ़ करना, सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना और नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाना है।

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