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फिनेक्स इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड – ZED के साथ गुणवत्ता और सतत विकास की ओर अग्रसर

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महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी स्थित फिनेक्स इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड, जो धातु एवं लकड़ी के फर्नीचर का निर्माण करती है, ने 14 जुलाई 2025 को ZED सिल्वर प्रमाणन प्राप्त किया। इसके बाद कंपनी ने कॉस्ट ऑफ पुअर क्वालिटी (COPQ) में 11% की कमी, रीवर्क में 10% की कमी तथा दोषों (Defects) में 1% की कमी हासिल की। साथ ही कार्यस्थल सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ।

ऊर्जा दक्षता, स्थान के बेहतर उपयोग तथा उपभोग्य सामग्रियों की खपत कम होने से कंपनी को लागत में भी बचत हुई। कंपनी के अनुसार, ZED प्रमाणन ने उत्पादकता, उत्पाद गुणवत्ता और परिचालन दक्षता में वृद्धि की है, जिससे यह सिद्ध हुआ है कि "जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट" की अवधारणा एमएसएमई को सतत एवं प्रतिस्पर्धी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में प्रभावी है।

कॉन्सेप्ट क्लोदिंग प्राइवेट लिमिटेड – ZED के माध्यम से गुणवत्ता और दक्षता को नई मजबूती

पंजाब के जालंधर स्थित कॉन्सेप्ट क्लोदिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 14 जून 2025 को ZED सिल्वर प्रमाणन प्राप्त किया, जिससे गुणवत्ता, सतत विकास और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और मजबूत हुई।

ZED प्रथाओं को अपनाने के बाद कंपनी ने कार्यस्थल दुर्घटनाओं में 80% की कमी, मीन टाइम टू रिपेयर (MTTR) में 50% की कमी, रीवर्क में 7.4% की कमी तथा रिजेक्शन में 4% की कमी दर्ज की। इसके अतिरिक्त गुणवत्ता, पर्यावरण और कार्यस्थल सुधार पहलों के माध्यम से उल्लेखनीय लागत बचत भी हुई।

कंपनी के अनुसार, ZED प्रमाणन ने परिचालन अनुशासन को मजबूत किया, प्रक्रियाओं की दक्षता बढ़ाई तथा समग्र प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार किया। यह दर्शाता है कि "जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट" की अवधारणा एमएसएमई के लिए अत्यंत लाभकारी है।

जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट (ZED) प्रमाणन के माध्यम से एमएसएमई को सशक्त बनाना

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) एमएसएमई सस्टेनेबल–ZED प्रमाणन योजना के माध्यम से गुणवत्ता आधारित और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी विनिर्माण को बढ़ावा दे रहा है। यह पहल एमएसएमई को उत्पादन प्रक्रियाओं में सुधार, बेहतर गुणवत्ता मानकों को अपनाने तथा पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में सहायता प्रदान करती है, जिससे घरेलू और वैश्विक बाजारों में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत होती है।

इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाना है। महिला-स्वामित्व वाले एमएसएमई के लिए ZED प्रमाणन की लागत को समाप्त करने हेतु सरकार ने ZED प्रमाणन शुल्क पर 100% सब्सिडी प्रदान की है। यह प्रावधान 11 नवंबर 2023 से प्रभावी है, जिसके कारण पात्र महिला-स्वामित्व वाले एमएसएमई के लिए प्रमाणन की लागत शून्य हो गई है।

यह सहायता महिला उद्यमियों को गुणवत्ता, उत्पादकता, सुरक्षा तथा पर्यावरणीय सततता के मानकों के आधार पर अपनी विनिर्माण प्रणालियों का मूल्यांकन और सुदृढ़ीकरण करने में सक्षम बनाती है। संरचित मूल्यांकन और प्रमाणन तक आसान पहुंच के माध्यम से महिला-नेतृत्व वाले उद्यम अपनी प्रक्रियाओं को मजबूत कर सकते हैं, बाजार में विश्वसनीयता बढ़ा सकते हैं तथा व्यापक व्यावसायिक अवसरों के लिए स्वयं को तैयार कर सकते हैं।

पृष्ठभूमि

जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट (ZED) पहल एमएसएमई को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण करने के साथ-साथ पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालने के लिए प्रेरित करती है। यह उद्यमों को गुणवत्ता, उत्पादकता और सतत विकास को बढ़ाने के लिए अपनी तकनीक, प्रणालियों और विनिर्माण प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार करने हेतु प्रोत्साहित करती है।

ZED केवल एक प्रमाणन कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एमएसएमई को मूल्यांकन, सुधार, प्रोत्साहन और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए एक संरचित मार्ग प्रदान करता है। प्रमाणन प्रणाली में ब्रॉन्ज, सिल्वर और गोल्ड स्तर शामिल हैं, जिससे उद्यम क्रमिक रूप से गुणवत्ता और सततता के उच्च मानकों तक पहुंच सकते हैं।

पात्र एमएसएमई को निम्नलिखित वित्तीय सहायता भी उपलब्ध है—

  • परीक्षण/प्रणाली/उत्पाद प्रमाणन की लागत का 75% तक (अधिकतम ₹50,000)।

  • हैंडहोल्डिंग एवं परामर्श सहायता के लिए अधिकतम ₹2 लाख।

  • जीरो इफेक्ट समाधान, प्रदूषण नियंत्रण उपायों तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए अधिकतम ₹3 लाख।

बढ़ती पहुंच और प्रभाव

7 जुलाई 2026 तक लगभग 9.49 लाख एमएसएमई इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत हो चुके थे। इनमें से 6.67 लाख से अधिक को ब्रॉन्ज, 6,700 को सिल्वर तथा 4,800 को गोल्ड प्रमाणन प्रदान किया गया।

इसके अतिरिक्त, गुणवत्ता और सतत विनिर्माण प्रथाओं को अपनाने में सहायता के लिए इस योजना के अंतर्गत ₹913 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

ZED का प्रभाव केवल प्रमाणन तक सीमित नहीं है। 22 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी औद्योगिक नीतियों में ZED को शामिल किया है और प्रमाणित एमएसएमई को अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान कर रहे हैं।

साथ ही, 19 वित्तीय संस्थान ZED प्रमाणित एमएसएमई को प्रोसेसिंग शुल्क और ब्याज दरों में रियायत जैसी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे उन्हें वित्तीय सहायता प्राप्त करना अधिक आसान हो गया है।

इस योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता महिला-स्वामित्व वाले एमएसएमई के लिए ZED प्रमाणन पर 100% सब्सिडी है, जो प्रमाणन की लागत की बाधा को समाप्त कर महिला उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।

गुणवत्तापूर्ण विनिर्माण, संसाधनों के कुशल उपयोग और पर्यावरणीय सततता को बढ़ावा देकर ZED योजना एमएसएमई को अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने, बाजार में विश्वसनीयता बढ़ाने तथा घरेलू एवं वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Value Chains) में अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ने में सहायता कर रही है।

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