Media24Media.com: मिजोरम और असम में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, 15 किलो मेथामफेटामाइन, 11 टन पोस्ता दाना और 10 टन तस्करी की सुपारी जब्त

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मिजोरम और असम में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, 15 किलो मेथामफेटामाइन, 11 टन पोस्ता दाना और 10 टन तस्करी की सुपारी जब्त

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नई दिल्ली/आइजोल- भारत की उत्तर-पूर्वी सीमाओं पर सीमा पार तस्करी और मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही के खिलाफ जारी अभियान के तहत राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मिजोरम और असम में कई खुफिया आधारित अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इन कार्रवाइयों में 15 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (याबा) टैबलेट, करीब 11 मीट्रिक टन विदेशी मूल का पोस्ता दाना तथा 10 मीट्रिक टन तस्करी की विदेशी सुपारी जब्त की गई है।

डीआरआई अधिकारियों ने आइजोल-चम्फाई मार्ग पर साकेई बंगला के पास एक एंबुलेंस को रोका, जिस पर मादक पदार्थों की तस्करी का संदेह था। जांच के दौरान एंबुलेंस में मरीज के बिस्तर के पास रखे एक बैग से 15 ईंटनुमा पैकेटों में छिपाकर रखी गई 15 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद हुई। तस्करी को छिपाने के लिए बिस्तर पर एक डमी मरीज भी लिटाया गया था।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह खेप म्यांमार से चम्फाई–जोकहावथर सीमा के रास्ते मिजोरम लाई गई थी और इसे आगे असम भेजने की तैयारी थी। डीआरआई ने मादक पदार्थ, एंबुलेंस और अन्य सामान को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर लिया है। इस मामले में एंबुलेंस चालक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मेथामफेटामाइन, जिसे "याबा" के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यधिक नशीला सिंथेटिक मादक पदार्थ है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके सेवन से लत, आक्रामकता, मानसिक विकार और लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल नुकसान होने का खतरा रहता है।

इसी क्रम में 5 और 6 अगस्त 2026 की रात डीआरआई ने असम राइफल्स के सहयोग से असम के करीमगंज जिले के बदरपुर स्थित एक गोदाम में छापेमारी की। यहां से करीब 11 मीट्रिक टन विदेशी मूल का पोस्ता दाना बरामद किया गया, जिसे चाय की खेप और अन्य पैकेजों के बीच छिपाकर रखा गया था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.67 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह खेप म्यांमार से भारत में तस्करी कर लाई गई थी।

डीआरआई ने इससे पहले 5 अगस्त 2026 को रंगिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 22411 के पार्सल वैन से 120 बोरियों में भरी 10 मीट्रिक टन विदेशी सुपारी भी जब्त की थी। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच में सामने आया कि यह सुपारी भी म्यांमार से तस्करी कर भारत लाई गई थी और इसे उत्तर-पूर्व से बाहर के बाजारों में भेजा जा रहा था।

डीआरआई के अनुसार विदेशी सुपारी और पोस्ता दाने की तस्करी से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है तथा देश के वैध व्यापार और किसानों के हित भी प्रभावित होते हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि भारत की उत्तर-पूर्वी सीमा पर सक्रिय संगठित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

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