Media24Media.com: जंतर-मंतर हिंसा: 'हमारे पति पर पत्थर से हमला हुआ, क्या हमें न्याय का हक नहीं?'

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जंतर-मंतर हिंसा: 'हमारे पति पर पत्थर से हमला हुआ, क्या हमें न्याय का हक नहीं?'

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 नई दिल्ली : राजधानी के जंतर-मंतर पर हाल ही में सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों का दर्द शुक्रवार को छलक पड़ा। परिजनों ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे भी इस देश के नागरिक हैं और उन्हें भी न्याय पाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि इस मामले को संसद में भी जोर-शोर से उठाया जाए।


घायल दिल्ली पुलिस के एएसआई (ASI) की पत्नी सीमा ने पत्रकारों से बातचीत में अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया, "मेरे पति बीते 33 वर्षों से दिल्ली पुलिस में सेवा दे रहे हैं। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी तैनाती की गई थी। सुबह 11 बजे जब मेरी उनसे बात हुई, तब उन्होंने बताया था कि प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद शाम 7 बजे जब दोबारा संपर्क हुआ, तो पता चला कि वे अस्पताल में भर्ती हैं।"

सीमा के अनुसार, उग्र भीड़ और असामाजिक तत्वों ने सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और ड्यूटी पर तैनात जवानों पर जानलेवा हमला कर दिया। उनके पति पर भी पत्थरों से हमला किया गया, हालांकि हेलमेट पहने होने के कारण उनकी जान बच सकी।

परिजनों ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई की घटना के बाद से केवल एकतरफा पक्ष दिखाया जा रहा है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने सांसदों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि संसद में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा अधिकारों पर भी चर्चा की जाए।

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