Media24Media.com: रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस को मिली हरी झंडी, कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन शुरू

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रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस को मिली हरी झंडी, कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन शुरू

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नई दिल्ली- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वर्चुअल माध्यम से रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस की पहली सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। यह पहली बार है जब रामनगर और देहरादून के बीच सीधी एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू हुई है, जिससे क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है और कुमाऊँ तथा गढ़वाल के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।

ट्रेन का संचालन और समय

  • यह एक्सप्रेस हर बुधवार और शुक्रवार संचालित होगी।

  • ट्रेन संख्या 15310 रामनगर से सुबह 05:50 बजे रवाना होकर 12:40 बजे देहरादून पहुंचेगी।

  • वापसी में ट्रेन संख्या 15309 देहरादून से 15:55 बजे प्रस्थान कर 23:30 बजे रामनगर पहुंचेगी।

  • मार्ग में ट्रेन काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार स्टेशनों पर रुकेगी।

सभी वर्गों के यात्रियों के लिए सुविधाएं

ट्रेन में एसी द्वितीय श्रेणी, एसी तृतीय श्रेणी, एसी चेयर कार, स्लीपर क्लास, द्वितीय बैठक (सेकंड सिटिंग) तथा सामान्य द्वितीय श्रेणी के डिब्बे उपलब्ध होंगे, जिससे विभिन्न श्रेणी के यात्रियों को आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

यात्रियों को होगा बड़ा लाभ

इस नई सेवा से उत्तराखंड के नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर जिलों के लोगों को लाभ मिलेगा। छात्र, किसान, व्यापारी और आम नागरिक एक ही दिन में देहरादून या हरिद्वार जाकर अपने सरकारी, शैक्षणिक, व्यावसायिक या व्यक्तिगत कार्य पूरे कर वापस लौट सकेंगे।

पर्यटन और तीर्थाटन को मिलेगा बढ़ावा

नई ट्रेन सेवा से जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, गिरिजा देवी मंदिर, सीतामढ़ी/सीतावनी जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही हरिद्वार और देहरादून के माध्यम से चारधाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के लिए भी बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन उत्तराखंड के कुमाऊँ और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क को नई मजबूती देगी। उन्होंने बताया कि:

  • ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को हरिद्वार पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए फीडर स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।

  • इसके लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त क्षमता विकसित होगी और हरिद्वार–ऋषिकेश के बीच यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य तेजी से चल रहा है। राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों—देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, किच्छा, कोटद्वार, रुड़की, काठगोदाम, लालकुआं जंक्शन, रामनगर और टनकपुर—का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

रेल मंत्री ने कहा कि हरिद्वार और देहरादून स्टेशनों के पुनर्विकास में गरीब और मध्यम वर्ग के यात्रियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भीड़भाड़ न बढ़े। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में शुरू हुई टनकपुर–नांदेड़ एक्सप्रेस को अच्छा प्रतिसाद मिला है और क्षेत्र में चल रही वंदे भारत सेवाएं भी सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वक्तव्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस की शुरुआत उत्तराखंड में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने राज्यवासियों को इस नई सेवा के लिए बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में उत्तराखंड में कई नई ट्रेन सेवाएं शुरू होने से रेल संपर्क में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो राज्य के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए जीवनरेखा साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को ₹4,769 करोड़ का रिकॉर्ड रेल बजट मिला है, जबकि राज्य में ₹40,000 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार में नई रेल अवसंरचना और ट्रेन सेवाओं की योजनाओं का भी उल्लेख किया।

इस अवसर पर हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी तथा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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