Media24Media.com: भीषण गर्मी में बेजुबानों की प्यास बुझाने जनसहयोग से रख रहे जलपात्र, लोग नियमित डाल रहे पानी

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भीषण गर्मी में बेजुबानों की प्यास बुझाने जनसहयोग से रख रहे जलपात्र, लोग नियमित डाल रहे पानी

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मूक पशुओं के लिए वरदान बना जलदान अभियान, 4 साल से बांटे जा रहे जलपात्र


आरंग से शुरू हुई मुहिम महासमुंद, रायपुर, दुर्ग सहित दर्जनों शहरों और गांवों में फैली

आरंग/महासमुंद। कड़ाके की धूप और भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां इंसान पानी के लिए बेहाल हैं, वहीं मूक पशु-पक्षियों के लिए पानी की तलाश और भी बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे समय में स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन का जलदान अभियान बेजुबानों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है।


विगत चार वर्षों से लगातार चलाए जा रहे इस सेवाभावी अभियान की आज छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में जमकर सराहना हो रही है। इस अभियान के तहत संस्था द्वारा जनसहयोग से जगह-जगह मूक पशुओं के लिए बड़े जलपात्र (कुंड) रखे जा रहे हैं। संस्था न केवल ये पात्र रख रही है, बल्कि स्थानीय नागरिकों से इनमें नियमित रूप से साफ पानी डालने का विनम्र आग्रह भी करती है, ताकि कोई भी बेजुबान प्यासा न रहे। फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य महेंद्र पटेल ने बताया कि इस मानवीय पहल की शुरुआत कुछ वर्ष पहले आरंग क्षेत्र से एक छोटे स्तर पर की गई थी। संस्था के सदस्यों ने जब मूक पशुओं को पानी के लिए तड़पते देखा, तो उन्होंने आपसी सहयोग से मिट्टी और सीमेंट के जलपात्र रखवाने शुरू किए। देखते ही देखते यह मुहिम एक बड़े जन-आंदोलन में तब्दील हो गई।


आज पीपला वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आरंग के साथ-साथ रायपुर, नया रायपुर, भिलाई, दुर्ग, मंदिर हसौद, धरसींवा, तिल्दा, राजिम, अभनपुर, महासमुंद, पिथौरा, सरायपाली और तुमगांव सहित आसपास के सैकड़ों गांवों में हजारों जलपात्र रखवाए जा चुके हैं। पीपला फाउंडेशन के इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह है कि अब इसके लिए संस्था को लोगों से मिन्नतें नहीं करनी पड़तीं। संस्था की ईमानदारी और बेजुबानों के प्रति समर्पण को देखकर आम जनता अब स्वप्रेरित होकर इस कार्य में हाथ बंटा रही है।

बड़ी संख्या में लोग खुद आगे आकर पशुओं के लिए जलपात्र खरीदने हेतु सहयोग राशि दान कर रहे हैं। कई लोग अपने घरों, दुकानों और चौक-चौराहों के सामने इन पात्रों को रखवाकर उनकी सुरक्षा और रोज पानी भरने की जिम्मेदारी खुद संभाल रहे हैं। इस अभियान ने समाज में जीव दया और आपसी सहयोग की एक अनूठी मिसाल पेश की है।

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