Media24Media.com: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: ‘टिन्नू यादव ने गलत किया, मेरी कोई भूमिका नहीं’ — चंपत राय

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: ‘टिन्नू यादव ने गलत किया, मेरी कोई भूमिका नहीं’ — चंपत राय

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 अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। सूत्रों के अनुसार चंपत राय ने स्पष्ट कहा कि चढ़ावे की कथित चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने अपने ड्राइवर टिन्नू यादव के संबंध में कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह इस तरह की हरकत करेगा और उसने गलत किया है।


चोरी की जानकारी मिलते ही की कार्रवाई

चंपत राय ने पुलिस को बताया कि जैसे ही उन्हें चढ़ावे में गड़बड़ी और चोरी की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत मामले की पड़ताल शुरू कराई और चोरी गई रकम को रिकवर कराने की प्रक्रिया भी शुरू की। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए वह जवाबदेह जरूर हो सकते हैं, लेकिन सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं।

‘टिन्नू यादव पर भरोसा था, ऐसी उम्मीद नहीं थी’

पुलिस पूछताछ के दौरान ड्राइवर टिन्नू यादव के बारे में पूछे जाने पर चंपत राय ने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि टिन्नू यादव इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी कर सकता है। मामले की जानकारी मिलने के बाद उस पर कार्रवाई की गई और उसके घर से भी रकम बरामद हुई है।

कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

पुलिस ने कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी चंपत राय से सवाल किए। इस पर उन्होंने कहा कि केवल उनकी ही नहीं, बल्कि ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों जैसे Anil Mishra और Gopal Rao की सिफारिश पर भी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में किसी की मंशा गलत नहीं थी।

क्या तीन महीने पहले ही लग गया था चोरी का शक?

मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि State Bank of India (SBI) को करीब तीन महीने पहले ही मंदिर में दान राशि की गिनती में गड़बड़ी का संदेह हो गया था। सूत्रों के मुताबिक बैंक ने नकदी गिनने वाले कर्मचारियों को बदलने का प्रस्ताव दिया था, जिन्हें एक निजी कंपनी के जरिए नियुक्त किया गया था। हालांकि ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने कर्मचारियों को बदलने की अनुमति नहीं दी।

सूत्रों के अनुसार बैंक ने इन कर्मचारियों को 12 से 15 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा था। संदेह होने के बाद SBI ने दान पेटियों की राशि गिनने में लगे कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी, लेकिन उस समय तक चोरी का मामला सार्वजनिक नहीं हुआ था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

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