Media24Media.com: लव मैरिज की सजा… 4 साल तक सामाजिक बहिष्कार, अब कोर्ट ने FIR दर्ज करने के दिए आदेश

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

लव मैरिज की सजा… 4 साल तक सामाजिक बहिष्कार, अब कोर्ट ने FIR दर्ज करने के दिए आदेश

Document Thumbnail

 कोरबा। प्रेम विवाह करने वाले बंजारा समाज के एक दंपती और उनके परिवार को कथित तौर पर चार साल तक सामाजिक बहिष्कार झेलना पड़ा। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट, कोरबा ने समाज के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ तीन दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।


प्रेम विवाह बना विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक मूल रूप से Pathalgaon का रहने वाला है और वर्तमान में Korba जिले के पोड़ीबहार क्षेत्र में एक निजी ठेका कंपनी में काम करता है। युवक ने 26 अगस्त 2022 को **Arya Samaj मंदिर, रायपुर में अपनी ही जाति की युवती से प्रेम विवाह किया था। युवक का कहना है कि वह कनावत गोत्र से है, जबकि पत्नी तिलावत गोत्र की है। इसके बावजूद समाज के कुछ पदाधिकारियों ने दोनों को एक ही गोत्र का बताते हुए शादी का विरोध किया।

दंपती और परिवार का किया गया सामाजिक बहिष्कार
आरोप है कि विवाह के तुरंत बाद दंपती और उनके परिवार को समाज से बाहर कर दिया गया। इसके चलते परिवार को सामाजिक कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों से दूर रखा गया। पीड़ित का कहना है कि समाज में दोबारा शामिल करने के नाम पर दोनों पक्षों से 11-11 हजार रुपये भी लिए गए, लेकिन बहिष्कार खत्म नहीं किया गया।

2 लाख जुर्माना लिया, फिर मांगे 3 लाख और
दंपती के मुताबिक जब उन्होंने समाज में दोबारा स्वीकार किए जाने की मांग की तो समाज के पदाधिकारियों ने 2 लाख रुपये जुर्माना जमा करने की शर्त रखी। परिवार ने यह रकम भी जमा कर दी, लेकिन इसके बाद भी सामाजिक मान्यता नहीं दी गई। आरोप है कि बाद में 3 लाख रुपये अतिरिक्त की मांग कर परिवार पर लगातार आर्थिक दबाव बनाया गया।

पुराने और नए पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप
मामले में मार्च 2024 तक पद पर रहे तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव की भूमिका सामने आई है। वहीं अप्रैल 2024 में नए पदाधिकारी बने, लेकिन पीड़ित दंपती का आरोप है कि उन्होंने भी सामाजिक बहिष्कार खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

थाने में सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचे पीड़ित
पीड़ित ने पहले सिविल लाइन थाना, कोरबा में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ता Prince Agrawal के माध्यम से CJM कोर्ट में परिवाद दायर किया गया।

कोर्ट सख्त… 3 दिन में FIR दर्ज करने का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सिविल लाइन थाना पुलिस को समाज के चार पदाधिकारियों के खिलाफ 3 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।

सामाजिक बहिष्कार पर कोर्ट का सख्त संदेश
न्यायालय के इस आदेश को सामाजिक बहिष्कार और अवैध जुर्माना वसूली जैसे मामलों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। अब पुलिस को तय समयसीमा के भीतर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करनी होगी।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.