Media24Media.com: कांग्रेस शिविर पर सियासी घमासान, भाजपा विधायक ने उठाए प्रशिक्षण की मंशा पर सवाल

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कांग्रेस शिविर पर सियासी घमासान, भाजपा विधायक ने उठाए प्रशिक्षण की मंशा पर सवाल

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के हालिया बयानों को लेकर अब भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत करने के बजाय पार्टी के लिए आर्थिक संसाधन जुटाने की रणनीति सिखाने का माध्यम बन गया है।


रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान पुरंदर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता अमरजीत भगत लगातार भाजपा सरकार पर निशाना साध रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले अपने कार्यकाल का मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमरजीत भगत उनके “प्रिय छोटे भाई” हैं और जिस तरह वह कांग्रेस में खुलकर अपनी बात रखते हैं, उसी तरह वे भी भाजपा में अपनी राय बेबाकी से रखते हैं।

भाजपा विधायक ने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के पांच साल और भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल की तुलना खुद कर सकती है। उनके मुताबिक विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों के आधार पर दोनों सरकारों के कामकाज में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।

पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस के संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस शिविर का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना नहीं, बल्कि पार्टी के लिए आर्थिक संसाधन जुटाने के तरीकों पर चर्चा करना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की बैठकों में कार्यकर्ताओं को यह सिखाया जा रहा है कि पार्टी के लिए चंदा कैसे एकत्र किया जाए और आर्थिक व्यवस्था को कैसे मजबूत बनाया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस संगठन इस समय आंतरिक चुनौतियों से जूझ रहा है और पार्टी के कई नेता बड़ी जिम्मेदारियों की दौड़ में सक्रिय हैं। मिश्रा का दावा है कि अमरजीत भगत भी संगठन में बड़ी भूमिका पाने की कोशिश कर रहे हैं और इसी वजह से भाजपा सरकार पर लगातार आक्रामक बयान देकर पार्टी नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं।

भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर राजनीतिक विचारधारा से ज्यादा राजनीतिक रणनीति और संसाधन जुटाने पर केंद्रित दिखाई देता है। उनके अनुसार जनता अब राजनीतिक दलों के दावों और जमीनी हकीकत के बीच फर्क समझने लगी है, जिसका असर आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों पर भी दिखेगा।

दरअसल, इससे पहले अमरजीत भगत ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि सत्ता पक्ष के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। उनका दावा था कि भाजपा नेतृत्व के पास ऐसी रिपोर्टें हैं, जिनमें सरकार की दोबारा वापसी को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

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