Media24Media.com: लद्दाख के सीमावर्ती गांवों में पहुंचीं रक्षा खडसे, युवाओं को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति

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लद्दाख के सीमावर्ती गांवों में पहुंचीं रक्षा खडसे, युवाओं को बताया विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति

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लद्दाख- केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 11 से 13 जून तक लद्दाख के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा सफलतापूर्वक पूरा किया। यह दौरा केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास, युवा सशक्तिकरण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

दौरे की शुरुआत लेह स्थित प्रसिद्ध हॉल ऑफ फेम स्मारक से हुई, जहां मंत्री ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का साहस, अनुशासन और देशभक्ति हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

12 जून को रक्षा खडसे ने सीमावर्ती गांव हेम्या का दौरा किया, जहां स्थानीय लोगों और MY Bharat के स्वयंसेवकों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने लद्दाख की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।

इस दौरान वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम से जुड़े युवाओं ने अपने अनुभव, आकांक्षाएं और गांवों के विकास के लिए सुझाव साझा किए। मंत्री ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

रक्षा खडसे ने आईटीबीपी के डीआईजी ताशी नामग्याल, डिप्टी कमांडेंट प्रियंजन, ग्राम सरपंच और स्थानीय कलाकारों को सामुदायिक विकास एवं राष्ट्रीय एकता में योगदान के लिए सम्मानित भी किया।

मंत्री ने आईटीबीपी शिविर का दौरा कर जवानों से बातचीत की और कठिन परिस्थितियों में उनकी सेवा, समर्पण और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी केवल सीमा सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और स्थानीय समुदायों के विश्वास को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

दौरे के अंतिम दिन रक्षा खडसे ने प्रसिद्ध थिकसे मठ में प्रार्थना सभा में भाग लिया और देश की शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के सीमावर्ती गांव अब देश के "पहले गांव" और विकास के प्रवेश द्वार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल, कौशल विकास, सामुदायिक भागीदारी और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती गांवों के युवा केवल विकास के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार हैं। MY Bharat और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम जैसी पहलें उन्हें देश की प्रगति में सार्थक योगदान देने के अवसर प्रदान कर रही हैं।


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