Media24Media.com: भारत इनोवेट्स 2026 का दूसरा दिन: डीपटेक इनोवेशन, निवेश और वैश्विक सहयोग पर रहा केंद्रित

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भारत इनोवेट्स 2026 का दूसरा दिन: डीपटेक इनोवेशन, निवेश और वैश्विक सहयोग पर रहा केंद्रित

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भारत इनोवेट्स 2026 (15 जून 2026) के दूसरे दिन वैश्विक निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के बीच व्यापक और गहन संवाद हुआ। इस दिन का मुख्य फोकस नवाचार को गति देना, तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना और डीपटेक समाधानों के व्यावसायीकरण को आगे बढ़ाना रहा।

भारत सरकार की पहल और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित यह कार्यक्रम भारत के तेजी से बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक पूंजी, उद्योग विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में उभर रहा है।

इनोवेशन शोकेस में अत्याधुनिक तकनीकें प्रदर्शित

दिन की शुरुआत एक इनोवेशन शोकेस से हुई, जिसमें भारतीय स्टार्टअप्स और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। इनमें बायोटेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, ऊर्जा, मोबिलिटी, स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र शामिल रहे।

वैश्विक विशेषज्ञों की भागीदारी

मुख्य वक्ता के रूप में एशियन पेंट्स लिमिटेड के को-प्रमोटर और एंजेल निवेशक जलज दानी ने वैज्ञानिक नवाचार को बाजार की जरूरतों और औद्योगिक साझेदारियों से जोड़ने पर जोर दिया।

पैनल चर्चाओं में प्रो. चेतन चिटनिस (इंस्टिट्यूट पाश्चर), ऑरेलि गिरो (CEO, Safran Reosc), बर्ट्रांड डेनिस (थेल्स अलेनिया स्पेस), फ्रेडरिक पेरिसोट (CEO, GIFAS), योको फुकाता (Sony Innovation Fund) और सुनील बख्शी (Mizuho Financial Group) जैसे वैश्विक विशेषज्ञ शामिल रहे।

स्टार्टअप–निवेशक संवाद

80 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप्स ने 50 से अधिक वैश्विक निवेशकों के सामने अपने इनोवेशन प्रस्तुत किए। ये प्रस्तुतियाँ छह प्रमुख क्षेत्रों में आयोजित की गईं—

  • स्पेस और डिफेंस

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर्स

  • हेल्थकेयर और मेडटेक

  • बायोटेक और एग्रीटेक

  • एनर्जी और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी

  • एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग

इन सत्रों के दौरान 40 से अधिक स्टार्टअप्स को निवेशकों से आगे की बातचीत के लिए प्रतिबद्धता प्राप्त हुई।

प्रमुख उपलब्धियां

दूसरे दिन तक कार्यक्रम में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गईं—

  • 1,350 से अधिक B2B बैठकें

  • 50 से अधिक सहयोग समझौते

  • 10 से अधिक देशों के 50+ निवेशकों के साथ 80+ स्टार्टअप पिच

  • 40+ स्टार्टअप्स को निवेशक फॉलो-अप

  • लगभग 254.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश व फंडिंग की घोषणा

भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूती

इस आयोजन ने भारत को डीपटेक इनोवेशन और वैश्विक तकनीकी सहयोग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत, यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बीच नवाचार आधारित साझेदारी को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम के अंतिम दिन टेक्नोलॉजी पार्क्स, एक्सेलेरेटर, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन और वैश्विक स्केलिंग रणनीतियों पर फोकस रहेगा।

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