Media24Media.com: राशन कार्डधारकों को बड़ी राहत: अब मिलेगा बेहतर गुणवत्ता वाला चावल, 90% खड़ा और सिर्फ 10% कनकी होगी शामिल

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राशन कार्डधारकों को बड़ी राहत: अब मिलेगा बेहतर गुणवत्ता वाला चावल, 90% खड़ा और सिर्फ 10% कनकी होगी शामिल

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 रायपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत एक रुपये किलो में मिलने वाले राशन चावल की गुणवत्ता में जल्द बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। केंद्र सरकार खरीफ सीजन 2026 से नई ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत राशन में वितरित होने वाले चावल में 90 प्रतिशत खड़ा चावल और केवल 10 प्रतिशत कनकी (ब्रोकन राइस) शामिल होगी।


वर्तमान व्यवस्था में 75 प्रतिशत खड़ा चावल और 25 प्रतिशत कनकी की अनुमति है। नई नीति लागू होने के बाद राशन उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में बेहतर गुणवत्ता का चावल मिलेगा।

राइस मिलों को करनी होगी तकनीकी तैयारी

नई गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए प्रदेश की राइस मिलों को आधुनिक मशीनों और उन्नत तकनीक से लैस करना होगा। मिलिंग प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव कर निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप चावल तैयार किया जाएगा।

राइस मिलर्स से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि योजना उपभोक्ताओं के हित में है, लेकिन प्रदेश की कई मिलों में अभी आधुनिक तकनीक की कमी है। ऐसे में नए मानकों को लागू करने के लिए समय और निवेश की आवश्यकता होगी।

एथेनॉल उत्पादन में होगा कनकी का उपयोग

नई व्यवस्था के तहत बचने वाली अतिरिक्त 15 प्रतिशत कनकी का उपयोग एथेनॉल उत्पादन में किया जाएगा। इसके लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी और ब्रोकन राइस को एथेनॉल प्लांटों तक पहुंचाया जाएगा। इससे कनकी का बेहतर उपयोग होने के साथ-साथ मिलर्स को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

लाखों परिवारों को मिलेगा फायदा

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर वर्ष करीब 25 लाख मीट्रिक टन चावल का वितरण किया जाता है। राज्य के 82 लाख से अधिक राशन कार्डधारी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। नई नीति लागू होने से लाखों परिवारों को बेहतर गुणवत्ता का चावल उपलब्ध हो सकेगा।

AI आधारित होगी राशन वितरण व्यवस्था

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ‘सार्थक पीडीएस योजना-फेज 2’ के तहत राशन वितरण, परिवहन और निगरानी व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा।

मिलर्स से मांगे गए सुझाव

खाद्य विभाग की सचिव Reena Baba Saheb Kangale ने बताया कि नई इम्प्रूव्ड राइस स्कीम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राइस मिलर्स से सुझाव और व्यवहारिक समस्याओं की जानकारी मांगी गई है। परीक्षण और समीक्षा के बाद विस्तृत प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

नई नीति को गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर गुणवत्ता वाला खाद्यान्न उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 
 
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