Media24Media.com: बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय पहुंचे डॉ. जितेंद्र सिंह, SATHI केंद्र की अत्याधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं का किया निरीक्षण

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बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय पहुंचे डॉ. जितेंद्र सिंह, SATHI केंद्र की अत्याधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं का किया निरीक्षण

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डॉ. जितेंद्र सिंह ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का दौरा कर भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सहयोग से स्थापित बहु-विषयक वैज्ञानिक सुविधा “साथी” (SATHI) का निरीक्षण किया।

मंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. चतुर्वेदी तथा संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान देश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए प्रेरणादायक सफलता की कहानी है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग देशभर के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक अधोसंरचना और शोध सहायता प्रणाली का विस्तार कर रहा है, ताकि उन्नत तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक सुविधाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि SATHI, FIST, ARRF आधारित शोध सहायता तंत्र और अन्य संस्थागत कार्यक्रमों के माध्यम से शोध, नवाचार, स्टार्टअप्स तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत किया जा रहा है, जिससे विशेष रूप से युवा शोधकर्ताओं, MSMEs और उभरते उद्यमों को लाभ मिल रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि DST की विभिन्न योजनाएं विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही हैं। इसके तहत कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अंतरिक्ष आधारित प्रयोगशालाओं एवं शोध कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार आधारित शिक्षा और उभरती तकनीकों की क्षमता विकसित हो सके।

मंत्री ने Sophisticated Analytical & Technical Help Institute (SATHI) का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों, विश्लेषणात्मक क्षमताओं, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, संकाय सदस्य तथा SATHI केंद्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

लगभग 72 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित SATHI-BHU एक राष्ट्रीय स्तर की साझा वैज्ञानिक अधोसंरचना सुविधा है, जो शिक्षण संस्थानों, शोध संगठनों, उद्योगों, MSMEs और स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक उपकरण, विश्लेषणात्मक सेवाएं और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराती है। यह केंद्र विश्वविद्यालय परिसर में सेक्शन-8 कंपनी मॉडल के तहत संचालित हो रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक अधोसंरचना को मजबूत करना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को उभरती तकनीकों एवं उन्नत शोध के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संस्थागत शोध क्षमता, स्वदेशी नवाचार और तकनीक आधारित विकास को लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

SATHI-BHU में सुपर रेजोल्यूशन कॉन्फोकल माइक्रोस्कोपी विद लाइव सेल इमेजिंग, उन्नत NMR स्पेक्ट्रोस्कोपी सिस्टम, हाई रेजोल्यूशन मास स्पेक्ट्रोमेट्री, क्लीन रूम सुविधाएं, इलेक्ट्रोकेमिकल वर्कस्टेशन, क्रोमैटोग्राफी प्लेटफॉर्म और आइसोटोप विश्लेषण प्रणाली जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनका उपयोग जीवन विज्ञान, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, सेमीकंडक्टर, खाद्य विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और उन्नत सामग्री अनुसंधान में किया जा रहा है।

मंत्री को बताया गया कि SATHI-BHU ने अब तक अकादमिक संस्थानों, शोध संगठनों और उद्योगों के लगभग 1,100 उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान की हैं, 30,000 से अधिक नमूनों का विश्लेषण किया है तथा लगभग 1,000 शोधकर्ताओं और हितधारकों को प्रशिक्षण दिया है। इसके अतिरिक्त क्षमता निर्माण के लिए लगभग 60 अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने NABL मान्यता प्राप्त करने तथा उद्योग एवं शोध क्षेत्रों के साथ मजबूत सहभागिता के माध्यम से टिकाऊ विश्लेषणात्मक सेवा मॉडल विकसित करने के लिए SATHI-BHU की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र उच्च प्रभाव वाले शोध प्रकाशनों, पेटेंट और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं एवं औद्योगिक संस्थानों के साथ सहयोग के जरिए विज्ञान, नवाचार और आर्थिक विकास के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहा है।

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