Media24Media.com: भूपेंद्र यादव ने गिर में ‘लायन’ स्पीशीज स्पॉटलाइट इवेंट का उद्घाटन किया; भारत करेगा IBCA समिट 2026 की मेजबानी नई दिल्ली में

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भूपेंद्र यादव ने गिर में ‘लायन’ स्पीशीज स्पॉटलाइट इवेंट का उद्घाटन किया; भारत करेगा IBCA समिट 2026 की मेजबानी नई दिल्ली में

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केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज गुजरात के सासन गिर में ‘लायन’ स्पीशीज स्पॉटलाइट इवेंट का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) समिट 2026 के प्री-सम्मिट स्पीशीज इवेंट्स की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया।

इस अवसर की अध्यक्षता गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वर्चुअल माध्यम से की। कार्यक्रम में गुजरात के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, राज्य के वन राज्य मंत्री प्रवीण माली सहित आईबीसीए, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वसुधैव कुटुम्बकम्” के विजन के लिए आभार व्यक्त किया, जिसके कारण आईबीसीए की स्थापना एक वैश्विक बिग कैट संरक्षण पहल के रूप में संभव हुई। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण ने दुनिया भर में बिग कैट संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई है।

उन्होंने गिर क्षेत्र में एशियाटिक शेर के संरक्षण में समुदाय की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि गिर इस बात का उदाहरण है कि आर्थिक विकास और वन्यजीव संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने बताया कि बर्दा वन्यजीव अभयारण्य को भी एशियाटिक शेरों के प्राकृतिक विस्तार क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि भारत 1–2 जून 2026 को नई दिल्ली में पहली बार IBCA समिट 2026 की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि “Save Big Cats, Save Humanity, Save Ecosystem” थीम के साथ यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर संरक्षण सहयोग को मजबूत करेगा।

उन्होंने कहा कि सासन गिर भारत की जैव विविधता और संरक्षण प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक है। गिर का शेर केवल गुजरात की पहचान नहीं, बल्कि पूरे देश की शान, साहस और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एशियाटिक शेर जनसंख्या आकलन, जूनागढ़ में राष्ट्रीय वन्यजीव रेफरल सेंटर और बर्दा वन्यजीव अभयारण्य के विकास जैसे कदम मिशन मोड में आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 2025 में ग्रेटर गिर क्षेत्र में शेरों की संख्या बढ़कर लगभग 891 हो गई है, जो 2020 की तुलना में 32 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। एशियाटिक शेर को CITES के Appendix-I और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के Schedule-I के तहत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। ‘प्रोजेक्ट लायन’ के तहत दीर्घकालिक संरक्षण के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में ‘लायन कंजर्वेशन ब्रोशर’ का भी विमोचन किया गया तथा बिग कैट संरक्षण पर आधारित प्रस्तुतियाँ और फिल्में प्रदर्शित की गईं।


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