Media24Media.com: महासमुंद में ₹1.5 करोड़ का एलपीजी घोटाला: भाजपा नेता और खाद्य अधिकारियों समेत 4 हिरासत में

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महासमुंद में ₹1.5 करोड़ का एलपीजी घोटाला: भाजपा नेता और खाद्य अधिकारियों समेत 4 हिरासत में

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 ​छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में करीब 1.5 करोड़ रुपये के बड़े एलपीजी घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में पुलिस ने गौरव गैस एजेंसी के संचालक और भाजपा नेता पंकज चंद्राकर समेत चार मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। 


​ ऐसे रचा गया साजिश का जाल

​पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरा घोटाला मार्च के आखिरी हफ्ते से लेकर 8 अप्रैल 2026 के बीच अंजाम दिया गया। इस खेल में खाद्य विभाग के अधिकारी और प्लांट मैनेजर भी शामिल थे। ​ मुख्य साजिश: महासमुंद जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर ने प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव के साथ मिलकर योजना बनाई।

पंकज चंद्राकर

​ गैस की हेराफेरी: इन्होंने गैस से भरे 6 बड़े कैप्सूल को अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को सौंप दिया। वहां से गैस को धीरे-धीरे निकालकर अलग-अलग टैंकरों के जरिए खुले बाजार में अवैध रूप से बेच दिया गया।


​जीपीएस (GPS) ने खोल दी पोल

आरोपियों ने पूरी सावधानी बरती थी, लेकिन कैप्सूल वाहनों में लगे GPS सिस्टम ने उनका राज खोल दिया। ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि:
​31 मार्च से 5 अप्रैल के बीच कुल 6 बार गैस निकाली गई। ​कुल 90 मीट्रिक टन गैस की अवैध रूप से चोरी की गई।

​रिकॉर्ड में मिला बड़ा झोल

​जब पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए: ​रिकॉर्ड के मुताबिक, सिर्फ 47 टन गैस खरीदी गई थी। ​स्टॉक पहले से ही जीरो था, फिर भी 107 टन गैस की बिक्री दिखा दी गई। ​यह भारी अंतर ही चोरी और कालाबाजारी का सबसे बड़ा सबूत बना।

​ कर्मचारियों ने कबूला सच

​प्लांट के कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने उच्च अधिकारियों के दबाव में यह काम किया। गैस को पहले बड़े बुलेट टैंक में भरा जाता था और फिर कच्चे बिलों के आधार पर रायपुर और आसपास के इलाकों में सप्लाई कर दिया जाता था।

​ वर्तमान स्थिति: कौन अंदर, कौन बाहर?

​पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है:-
​पंकज चंद्राकर (संचालक, गौरव गैस एजेंसी)
​निखिल वैष्णव (प्लांट मैनेजर)
​अजय यादव (खाद्य अधिकारी)
​मनीष यादव (सहायक खाद्य अधिकारी)
​वहीं, ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

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