Media24Media.com: डीजीसीए ने जारी की फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों की नई रैंकिंग, पायलट प्रशिक्षण में पारदर्शिता पर जोर

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डीजीसीए ने जारी की फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों की नई रैंकिंग, पायलट प्रशिक्षण में पारदर्शिता पर जोर

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नागर विमानन मंत्रालय (MoCA) ने मंत्री राम मोहन नायडू के नेतृत्व में अप्रैल 2026 के लिए डीजीसीए द्वारा अनुमोदित फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) की दूसरी चरण की रैंकिंग जारी की है। इससे पहले रैंकिंग का पहला चरण 1 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित किया गया था।

यह नई रैंकिंग प्रणाली नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा तैयार की गई एक महत्वपूर्ण सुधार पहल है, जिसका उद्देश्य पायलट प्रशिक्षण में गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही को मजबूत करना है। यह डेटा-आधारित प्रणाली संस्थानों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करती है।

पायलट प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इस रैंकिंग प्रणाली का मुख्य उद्देश्य पायलट प्रशिक्षण को अधिक पारदर्शी बनाना और युवाओं के लिए इसे आकर्षक करियर विकल्प बनाना है। उन्होंने बताया कि आने वाले 10 वर्षों में देश को लगभग 30,000 नए पायलटों की आवश्यकता होगी।

तेजी से बढ़ रहा है एविएशन सेक्टर

मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी नीति के तहत:

  • अगले 5 वर्षों में 50 नए एयरपोर्ट बनेंगे

  • भारतीय एयरलाइंस करीब 500 नए विमान शामिल करेंगी

  • बड़े एयरपोर्ट ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होंगे

  • संशोधित UDAN योजना के तहत 29,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है

रैंकिंग के प्रमुख निष्कर्ष (अप्रैल 2026)

  • पहली बार एक FTO को Category ‘A’ मिला: Avyanna Aviation Pvt. Ltd

  • Category ‘B’ में संस्थानों की संख्या बढ़ी

  • Category ‘C’ में कमी आई, जो बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA) ने रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया

Category ‘B’ में शामिल प्रमुख संस्थान

  • Academy of Carver Aviation

  • FSTC Flying School Pvt. Ltd

  • National Flying Training Institute Pvt. Ltd

  • Indira Gandhi Rashtriya Uran Akademi

  • Flytech Aviation Academy

  • Chimes Aviation Academy

  • The Bombay Flying Club

  • The Gujarat Flying Club सहित अन्य

सुधारों के सकारात्मक परिणाम

  • ट्रेनिंग फ्लाइंग घंटे 32% से बढ़कर 50% हुए

  • FTOs में विमान संख्या में वृद्धि

  • CPL (Commercial Pilot License) प्राप्त करने का समय कम हुआ

  • पिछले 8 वर्षों में CPL जारी होने की संख्या 2.5 गुना बढ़ी

‘Train in India, Fly in India’ पर जोर

सरकार का लक्ष्य भारतीय FTOs को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना और देश में ही पायलट प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है। इसके लिए:

  • FTO नीति को उदार बनाया गया

  • एयरपोर्ट रॉयल्टी समाप्त की गई

  • जमीन किराया कम किया गया

  • CPL परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया

यह रैंकिंग प्रणाली भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे छात्रों को बेहतर विकल्प चुनने और संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

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