Media24Media.com: Air War में बढ़ी टेंशन: ईरान के हमले से अमेरिका के 16 विमान तबाह

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Air War में बढ़ी टेंशन: ईरान के हमले से अमेरिका के 16 विमान तबाह

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 नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब पूरी तरह हवाई युद्ध में बदलता नजर आ रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव में अमेरिकी वायुसेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक अमेरिका के कम से कम 16 सैन्य विमान नष्ट हो चुके हैं, जिनमें फाइटर जेट, ड्रोन और रिफ्यूलिंग टैंकर शामिल हैं।


रीपर ड्रोन को बड़ा झटका

युद्ध के दौरान 10 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हुए हैं। इनमें से 9 को ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया, जबकि एक ड्रोन जॉर्डन के एयरफील्ड पर मिसाइल हमले में क्षतिग्रस्त हुआ। दो अन्य ड्रोन तकनीकी खराबी के कारण नष्ट हो गए।

तकनीकी खामियां और मानवीय भूल भी बनी वजह

रिपोर्ट में सामने आया है कि नुकसान केवल दुश्मन हमलों से नहीं हुआ, बल्कि तकनीकी खराबी और संचालन में कमी भी बड़ी वजह रही।

  • एक KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर क्रैश हुआ, जिसमें 6 क्रू मेंबर की मौत हो गई
  • कुवैत में गलत पहचान के चलते अपनी ही सेना ने 3 F-15 जेट नष्ट कर दिए
  • सऊदी अरब के बेस पर ईरानी मिसाइल हमले में 5 KC-135 विमान क्षतिग्रस्त हुए

अमेरिकी वायुसेना के सामने चुनौती

आमतौर पर किसी भी युद्ध में हवाई बढ़त हासिल करने वाली अमेरिकी वायुसेना इस बार मुश्किल में नजर आ रही है। अधिकारियों के मुताबिक, वे अभी केवल सीमित इलाकों में ही प्रभावी कार्रवाई कर पा रहे हैं और पूरे ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण नहीं बना पाए हैं।

हाल ही में एक अत्याधुनिक F-35 फाइटर जेट को भी भारी गोलाबारी के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, हालांकि पायलट सुरक्षित रहे।

ईरान का पलटवार तेज

ईरान ने अपने ‘साउथ पार्स’ गैस फील्ड पर हुए हमलों के जवाब में कतर और सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाया है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों की सुरक्षा अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि ईरान का सक्रिय एयर डिफेंस सिस्टम वहां लगातार खतरा पैदा कर रहा है।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में यह संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।

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