Media24Media.com: बिलासपुर हाईकोर्ट का अहम फैसला: 51 लाख गुजारा भत्ता और बेटियों के लिए FD के बाद तलाक मंजूर

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बिलासपुर हाईकोर्ट का अहम फैसला: 51 लाख गुजारा भत्ता और बेटियों के लिए FD के बाद तलाक मंजूर

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 बिलासपुर। Chhattisgarh High Court की डिवीजन बेंच ने पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी दे दी है। जस्टिस Sanjay K. Agrawal और जस्टिस Arvind Kumar Verma की खंडपीठ ने यह निर्णय दंपती के बीच सुलह की संभावनाएं समाप्त होने और उनकी दो बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुनाया।


मध्यस्थता केंद्र में हुए समझौते के अनुसार पति ने पत्नी को 51 लाख रुपये गुजारा भत्ता देने और दोनों बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 15-15 लाख रुपये की एफडी कराने पर सहमति जताई।

मामले के अनुसार महाराष्ट्र के राजोली निवासी व्यक्ति की शादी Chhattisgarh की निवासी महिला से 21 मई 2006 को हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी। शादी के बाद दोनों की दो बेटियां हुईं, लेकिन कुछ वर्षों बाद दोनों के बीच वैचारिक मतभेद शुरू हो गए और अक्टूबर 2018 से दोनों अलग रहने लगे थे।

अलग रहने के दौरान पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन 6 जुलाई 2024 को फैमिली कोर्ट ने क्रूरता साबित नहीं होने का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी थी।

इसके बाद पति ने हाई कोर्ट में अपील दायर की। अदालत ने मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को मध्यस्थता के लिए भेजा। लंबी चर्चा के बाद 18 अगस्त 2025 को दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया।

समझौते के तहत पत्नी को अलग-अलग किस्तों में डिमांड ड्राफ्ट के जरिए राशि दी गई और 23 फरवरी 2026 तक शेष 46 लाख रुपये का भुगतान भी पूरा कर दिया गया। राशि मिलने के बाद पत्नी ने इसे स्वीकार कर लिया।

मध्यस्थता केंद्र में हुए इस समझौते के आधार पर हाई कोर्ट ने पति-पत्नी के आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी दे दी।

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