Media24Media.com: “पहले हम खारा कुएँ का पानी पीते थे, अब सभी लोग पेयजल के लिए विलोसित पानी का उपयोग कर रहे हैं”

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“पहले हम खारा कुएँ का पानी पीते थे, अब सभी लोग पेयजल के लिए विलोसित पानी का उपयोग कर रहे हैं”

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कवायद्वीप- जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को लो टेम्परेचर थर्मल डीसैलिनेशन (LTTD) प्लांट का दौरा किया और वहां स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की। इस दौरान कवायद्वीप के निवासी अब्दुल रहमान ने बताया कि पहले क्षेत्र में लोग खारा कुएँ का पानी पीते थे, लेकिन अब सभी के घरों में विलोसित (desalinated) पानी उपलब्ध है।

रहमान उन कई स्थानीय निवासियों में से थे जिन्होंने मंत्री को अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि LTTD तकनीक समुद्र के ऊपरी गर्म पानी और गहरे समुद्र के ठंडे पानी के तापमान के अंतर का उपयोग कर समुद्र के पानी को पीने योग्य पानी में बदलती है। इस तकनीक से अब पानी सीधे नलों के माध्यम से घरों तक पहुँचता है।

दूसरे निवासी वालिया बी ने कहा कि पहले उन्हें पानी रोज़ाना कुएँ से घर तक लाना पड़ता था, लेकिन अब पानी उनके दरवाजे तक उपलब्ध है।

मंत्री सिंह ने कहा कि कवायद्वीप में शुरू हुए यह परियोजना धीरे-धीरे अन्य द्वीपों तक भी फैल चुकी है। उन्होंने ओशन थर्मल एनर्जी कन्वर्ज़न (OTEC) परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की, जो न केवल स्वच्छ बिजली उत्पादन करेगी बल्कि ताजे पानी का उत्पादन भी करेगी।

सिंह ने बताया कि ये तकनीकें विशेष रूप से उन द्वीप क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं, जहां ताजे पानी के स्रोत सीमित हैं लेकिन समुद्र पानी प्रचुर मात्रा में है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएँ डीज़ल आधारित आपूर्ति पर निर्भरता को भी कम करेंगी, जो मानसून के दौरान अक्सर प्रभावित होती है।

लक्षद्वीप में ताजे पानी की सीमित उपलब्धता, खारेपन और वर्षा पर भारी निर्भरता के कारण हमेशा पेयजल की चुनौती रही है। अधिकारियों ने बताया कि डीसैलिनेशन सुविधाएँ आने वाले वर्षों में द्वीपवासियों के लिए स्थायी और विश्वसनीय पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


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