Media24Media.com: पेट की चर्बी सामान्य मोटापे से अधिक खतरनाक: डॉ. जितेंद्र सिंह

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पेट की चर्बी सामान्य मोटापे से अधिक खतरनाक: डॉ. जितेंद्र सिंह

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केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी (एब्डॉमिनल या सेंट्रल ओबेसिटी) सामान्य मोटापे से कहीं अधिक खतरनाक होती है। उन्होंने बताया कि भारतीय संदर्भ में कई बार दुबले-पतले दिखने वाले लोगों में भी अंदरूनी चर्बी (विसरल फैट) अधिक होती है, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।



डॉ. सिंह ने “Advances in Obesity and Lipid Management in CVD” नामक कार्डियोलॉजी की एक पुस्तक के विमोचन के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि सेंट्रल ओबेसिटी डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, फैटी लिवर और लिपिड संबंधी विकारों का बड़ा कारण है, भले ही व्यक्ति बाहर से मोटा न दिखे।

भारतीयों में अधिक जोखिम

मंत्री ने कहा कि भारतीयों में पेट की चर्बी का प्रतिशत अधिक होता है, जो हृदय और मेटाबोलिक बीमारियों का स्वतंत्र जोखिम कारक है। इसलिए समय पर जांच और सही इलाज जरूरी है।

बढ़ती जीवनशैली बीमारियाँ चिंता का विषय

उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतें और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण युवाओं में भी डायबिटीज और हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।

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संतुलित जीवनशैली पर जोर

डॉ. सिंह ने लोगों से संतुलित जीवनशैली अपनाने, पर्याप्त नींद लेने और वैज्ञानिक तरीके से फिटनेस बनाए रखने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि बिना तैयारी के अत्यधिक व्यायाम भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

आधुनिक उपचार और नई तकनीक

इस पुस्तक में आधुनिक उपचार पद्धतियों जैसे GLP-1 दवाएं (Semaglutide, Tirzepatide), स्टैटिन्स, PCSK9 inhibitors और AI आधारित चिकित्सा निर्णय प्रणाली को शामिल किया गया है, जो हृदय रोगों के इलाज में मददगार होंगी।

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जागरूकता और रोकथाम जरूरी

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोटापा और लिपिड असंतुलन आज बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने 2050 तक भारत में मोटापे के बढ़ते खतरे को देखते हुए जागरूकता, समय पर जांच और रोकथाम पर जोर दिया।


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