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एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियमों के बीच भारत को यूरोपीय संघ के बाज़ार में निरंतर पहुँच सुनिश्चित

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एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के मद्देनज़र, यूरोपीय संघ ने EU विनियमन (EU) 2021/405 में संशोधन की अधिसूचना जारी की है, जिसे यूरोपीय आयोग के कार्यान्वयन विनियमन (EU) 187/2026/EC के माध्यम से अधिसूचित किया गया है। यह संशोधित विनियमन सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। यदि भारत उस समय तक इस विनियमन की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता, तो भारतीय पशु-उत्पादों के निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। वर्तमान में यूरोपीय संघ को भारत से मछली और मत्स्य उत्पादों का निर्यात लगभग 1.125 अरब अमेरिकी डॉलर का है।

भारत सरकार द्वारा समयबद्ध और सक्रिय कदम उठाए जाने के परिणामस्वरूप, भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया गया है जिन्हें सितंबर 2026 के बाद भी यूरोपीय संघ में एक्वाकल्चर उत्पादों, अंडों, शहद और पशु आवरण (animal casings) के प्रवेश की अनुमति प्राप्त है। वहीं, दूध और पोल्ट्री उत्पादों के लिए सशर्त प्रावधान लागू रहेंगे। इस निर्णय से कड़े नियामक प्रावधानों के बावजूद यूरोपीय संघ के बाज़ार में भारतीय पशु-उत्पादों की निरंतर पहुँच सुनिश्चित हुई है।

यह महत्वपूर्ण उपलब्धि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग, भारत सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जो निर्यात निरीक्षण परिषद (EIC) और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ घनिष्ठ समन्वय में किए गए। वाणिज्य विभाग यूरोपीय आयोग के साथ नियामक और बाज़ार पहुँच से जुड़े मुद्दों पर लगातार संवाद करता रहा है, जबकि EIC ने भारत की आधिकारिक नियंत्रण प्रणाली (Official Control System) — जिसमें निरीक्षण, परीक्षण और प्रमाणन तंत्र शामिल हैं — को यूरोपीय संघ के नियामक मानकों के अनुरूप सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वाणिज्य विभाग, निर्यात निरीक्षण परिषद, तथा समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) सहित अन्य हितधारकों के साथ मिलकर, यूरोपीय संघ द्वारा अनुमोदित प्रतिष्ठानों और वहाँ की नियामक संस्थाओं के साथ निकट सहयोग जारी रखेगा, ताकि संशोधित विनियमों का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके और यूरोपीय संघ सहित वैश्विक बाज़ारों के लिए खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा आश्वासन को और सुदृढ़ किया जा सके।

संशोधित यूरोपीय संघ विनियमन के अंतर्गत भारत की यह सहभागिता भारतीय निर्यातकों के लिए बाज़ार पहुँच को बेहतर बनाएगी, व्यापार प्रवाह को प्रोत्साहित करेगी और पशु-उत्पाद क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगी। भारत सरकार निर्यात को बढ़ावा देने, संस्थागत क्षमताओं को सुदृढ़ करने और यूरोपीय संघ सहित प्रमुख व्यापारिक भागीदारों के साथ आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।


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