Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

खाद्य तेल क्षेत्र में नियामक निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए सरकार के सख्त कदम

Document Thumbnail

भारत सरकार ने वनस्पति तेल उत्पाद, उत्पादन एवं उपलब्धता (नियमन) संशोधन आदेश, 2025 (VOPPA आदेश, 2025) के माध्यम से खाद्य तेल मूल्य श्रृंखला में नियामक निगरानी को और अधिक मजबूत किया है। संशोधित आदेश के तहत सभी खाद्य तेल निर्माताओं, प्रसंस्करणकर्ताओं, ब्लेंडरों एवं री-पैकर्स के लिए राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली (NSWS) तथा VOPPA पोर्टल (https://www.edibleoilindia.in) पर अनिवार्य पंजीकरण और उत्पादन, भंडारण एवं उपलब्धता से संबंधित विस्तृत मासिक विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।

संशोधित VOPPA आदेश, 2025 के अंतर्गत सभी पंजीकृत इकाइयों को कच्चे एवं परिष्कृत वनस्पति तेल, सॉल्वेंट-एक्सट्रैक्टेड तेल, मिश्रित तेल, वनस्पति घी, मार्जरीन तथा अन्य अधिसूचित उत्पादों के उत्पादन, भंडार, आयात, प्रेषण, बिक्री और उपभोग से संबंधित मासिक विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। इस ढांचे का उद्देश्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना, डेटा-आधारित नीतिगत निर्णयों को सक्षम बनाना तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।

देशव्यापी अनुपालन अभियान के तहत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) द्वारा हरियाणा के करनाल और राजस्थान के जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण अभियान चलाए गए। इन अभियानों के दौरान NSWS/VOPPA पंजीकरण की पुष्टि, मासिक विवरणों की समयबद्धता एवं शुद्धता का आकलन किया गया तथा खाद्य तेल उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद कर अनुपालन को प्रोत्साहित किया गया। यह पहल खाद्य तेल क्षेत्र की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

प्रवर्तन के साथ-साथ विभाग द्वारा अनुपालन को सुगम बनाने के लिए क्षमता निर्माण गतिविधियाँ भी की जा रही हैं। इस क्रम में 30 जनवरी 2026 को RIC, जयपुर में एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें सटीक डेटा रिपोर्टिंग, NSWS पंजीकरण, VOPPA पोर्टल के उपयोग और समय पर मासिक विवरण दाखिल करने पर जोर दिया गया। इसी प्रकार की कार्यशालाएँ अन्य प्रमुख राज्यों में भी आयोजित की जाएंगी। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए 16 फरवरी 2026 को राजकोट, गुजरात में तीसरी जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव है, क्योंकि इस क्षेत्र में खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाइयों की संख्या अधिक है।

निरीक्षणों और उसके बाद की समीक्षाओं के आधार पर, विभाग ने कुछ बड़ी खाद्य तेल कंपनियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notices) जारी किए हैं, जिन्होंने ईमेल और टेलीफोन के माध्यम से बार-बार स्मरण कराने के बावजूद अनिवार्य मासिक उत्पादन विवरण प्रस्तुत नहीं किए। इस प्रकार की चूक आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 के अंतर्गत जारी VOPPA आदेश, 2025 का उल्लंघन है।

संबंधित इकाइयों को सूचित किया गया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6A के अंतर्गत उल्लंघन की स्थिति में निरीक्षण एवं जब्ती जैसी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, धारा 6B के अनुसार, किसी भी जब्ती आदेश से पूर्व संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना अनिवार्य है। इसी क्रम में, संबंधित इकाइयों को यह बताने के लिए सात दिन का समय दिया गया है कि उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि VOPPA ढांचे के अंतर्गत पंजीकरण न कराने वाली अथवा अनिवार्य विवरण दाखिल न करने वाली सभी इकाइयों को इसी प्रकार के कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि पूरे क्षेत्र में समान और एकरूप अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाइयों में आवश्यकता के आधार पर निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

सरकार ने प्रभावी नीतिगत निर्माण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के हित में खाद्य तेल क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और कड़े अनुपालन को सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.