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BREAKING NEWS-किसानों को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख 5 फरवरी तक बढ़ी

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के धान किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तारीख को दो दिन और बढ़ा दिया है। अब किसान 5 फरवरी 2026 तक अपनी धान सरकारी खरीदी केंद्रों में बेच सकेंगे।

  1. अब 4 और 5 फरवरी को खरीदा जाएगा किसानों का धान
  2. प्रदेश में अब तक 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
  3. 25.11 लाख से अधिक किसानों को 33 हजार 149 करोड़ रूपए का भुगतान

VIDEO में सुनिये: मुख्यमंत्री की घोषणा


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह फैसला उन किसानों को राहत देने के उद्देश्य से लिया है, जिनका धान किसी कारणवश तय समय सीमा में नहीं खरीदा जा सका था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस बढ़ाई गई अवधि में केवल उन्हीं किसानों से धान की खरीदी की जाएगी, जो पहले किसी वजह से वंचित रह गए थे।

गौरतलब है कि प्रदेशभर में पिछले करीब दो महीनों से धान खरीदी का काम चल रहा था। इस दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी उपज सरकारी केंद्रों में बेची। कई खरीदी केंद्रों पर भारी भीड़ देखने को मिली और कई जगहों पर 31 जनवरी तक टोकन के आधार पर खरीदी होती रही।

इसके बावजूद कुछ किसान ऐसे रह गए थे, जिनका धान तय समय में नहीं खरीदा जा सका। इन्हीं किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने धान खरीदी की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि कोई भी पात्र किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।

यह निर्णय खासतौर पर उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जो अब तक किसी कारण से धान नहीं बेच पाए थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में किसानों के हित और मांग को ध्यान में रखकर धान खरीदी की तिथि में दो दिवस की वृद्धि का अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय पर अब राज्य शासन द्वारा आगामी दो दिवस 4 और 5 फरवरी को राज्य के ऐसे किसान जो पंजीकृत है और जिनका टोकन कट चुके है, उन किसानों का धान खरीदा जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के वास्तविक किसानों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से धान खरीदी केन्द्रों में पारदर्शी व्यवस्था शुरू की थी जो सार्थ सिद्ध हुआ है। 

उल्लेखनीय है कि 15 नवम्बर 2025 से शुरू धान खरीदी का महाभियान के तहत 31 जनवरी 2026 तक 25 लाख 11 हजार से अधिक किसानों से लगभग 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को 33 हजार 149 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत किया जा चुका है। सरकार द्वारा धान खरीदी की तिथि बढ़ाये जाने से अब उन छूटे हुए किसान भी सुगमतापूर्वक अपना धान बेच सकेंगे। 

इस वर्ष  छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था और किसान-हितैषी व्यवस्था से किसानों के हितों की रक्षा के साथ ही वास्तविक किसानों को लाभान्वित करने का संकल्प सार्थक हो रहा है। राज्य में इस खरीफ सीजन के लिए 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया है। 

प्रदेशभर में संचालित सभी 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, डिजिटल निगरानीयुक्त और पूर्णतः पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। शासन की यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसान को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे।

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