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ड्रोन परीक्षण एवं प्रमाणन में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम, एनटीएच और एसटीक्यूसी के बीच समझौता

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मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विज़न 2047 के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करते हुए, नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) ने भारत को सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रमाणित ड्रोन प्रौद्योगिकियों का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है।

इसी क्रम में नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत मानकीकरण परीक्षण एवं गुणवत्ता प्रमाणन निदेशालय (STQC) – इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रीय परीक्षण प्रयोगशाला (उत्तर) [ERTL (North)] के साथ सरकार-से-सरकार सहयोग स्थापित किया है। इस सहयोग के तहत ड्रोन के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस (EMI) और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी (EMC) परीक्षण किए जाएंगे, जिससे भारत के ड्रोन परीक्षण और प्रमाणन ढांचे को और मजबूती मिलेगी।

यह सहयोग ड्रोन नियम, 2021 तथा मानवरहित विमान प्रणालियों के लिए प्रमाणन योजना (CSUAS), 2022 के तहत एक महत्वपूर्ण नियामक आवश्यकता को पूरा करता है और सुरक्षित, भरोसेमंद तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप ड्रोन प्रणालियों के प्रमाणन की भारत की क्षमता को सशक्त करेगा।

इस संबंध में समझौता ज्ञापन (MoU) पर 2 फरवरी 2026 को हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर उपभोक्ता कार्य विभाग की सचिव निधि खरे, नेशनल टेस्ट हाउस के महानिदेशक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव, एसटीक्यूसी निदेशालय के वैज्ञानिक ‘जी’ विवेक कश्यप तथा ईआरटीएल (उत्तर) के निदेशक एवं वैज्ञानिक ‘एफ’ प्रदीप गुंज्याल उपस्थित रहे।

समझौते के तहत ड्रोन एवं उनके उप-प्रणालियों का EMI/EMC तथा इम्युनिटी परीक्षण ईआरटीएल (उत्तर) में आईईसी 61000 / आईएस 14700 मानकों के अनुसार किया जाएगा, जबकि अन्य परीक्षण एनटीएच द्वारा अपने परिसरों में संपन्न किए जाएंगे। इस सहयोग से तैयार परीक्षण रिपोर्ट्स को टाइप सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे विशेषकर स्टार्टअप्स और एमएसएमई को एक पारदर्शी, सरल, विश्वसनीय और सरकारी समर्थन वाला प्रमाणन मार्ग उपलब्ध होगा।

यह साझेदारी महंगे परीक्षण अवसंरचना की अनावश्यक पुनरावृत्ति से बचाते हुए राष्ट्रीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करती है तथा ड्रोन सुरक्षा और विश्वसनीयता के लिए भारत के नियामक ढांचे को मजबूत बनाती है। साथ ही, एनटीएच के माध्यम से प्रमाणित ड्रोन अंतरराष्ट्रीय मानकों जैसे IEC/ISO, MIL-STD, ASTM और RTCA के अनुरूप होंगे, जिससे भारतीय ड्रोन की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ेगी।

सरकारी सुविधाओं के माध्यम से कम लागत पर विश्वस्तरीय ड्रोन परीक्षण और प्रमाणन उपलब्ध होने से कृषि, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, अवसंरचना निगरानी और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में नवाचार को नई गति मिलेगी।

एनटीएच और एसटीक्यूसी–ईआरटीएल (उत्तर) के बीच यह सहयोग भारत के लिए एक मजबूत, स्वदेशी और भविष्य के अनुरूप ड्रोन प्रमाणन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

उल्लेखनीय है कि नेशनल टेस्ट हाउस को डीजीसीए और क्यूसीआई द्वारा सीएसयूएएस के तहत प्रमाणन निकाय / अधिकृत परीक्षण संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है और यह ड्रोन सहित उभरती प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा, गुणवत्ता और नियामक अनुपालन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

1912 में स्थापित नेशनल टेस्ट हाउस, भारत सरकार का एक प्रमुख वैज्ञानिक एवं परीक्षण संस्थान है, जो उपभोक्ता कार्य विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। देशभर में एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के साथ एनटीएच विभिन्न क्षेत्रों में परीक्षण, निरीक्षण, गुणवत्ता आश्वासन और प्रमाणन सेवाएं प्रदान करता है।

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