Media24Media.com: सहकारिता और समाजवाद के अग्रदूत भूषणलाल चन्द्रनाहू को जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि

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सहकारिता और समाजवाद के अग्रदूत भूषणलाल चन्द्रनाहू को जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि

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महासमुंद- देश की पहली सहकारी चावल मिल के प्रणेता और प्रखर समाजवादी नेता स्व. भूषणलाल चन्द्रनाहू की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई।

उनके जीवन को सहकारिता, शिक्षा और किसान संघर्ष का प्रतीक बताया गया। 13 फरवरी 2026 को किसान सहकारी चावल मिल, महासमुंद में उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि सभा हुई।

दीप प्रज्वलन सर्वहिन्दू समाज के देवेन्द्र दुबे, छत्तीसगढ़ जनादेश के संपादक के.पी. साहू और नई दुनिया के ब्यूरो चीफ आशुतोष शर्मा ने किया।

वक्ताओं ने कहा कि स्व. चन्द्रनाहू का जीवन सेवा, संघर्ष और सिद्धांतों की मिसाल है।

उन्होंने सहकारिता की जो मशाल जलाई, वह आज भी मार्गदर्शक है।


चन्द्रनाहू का जीवनवृत्त 

भूषण लाल चन्द्रनाहू का जन्म 13 फरवरी 1919 को ग्राम फरफौद (आरंग) में किसान अर्जुन प्रसाद कुर्मी के घर में  हुआ। प्राथमिक शिक्षा फरफौद, माध्यमिक शिक्षा मिशन स्कूल महासमुन्द में और उच्चतर शिक्षा सेंट पॉल स्कूल रायपुर एवं मारिस कालेज नागपुर एवं कांशी विश्वविद्यालय में हुई थी।

  • स्व. चन्द्रनाहू ने सन् 1944 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से वकालत की शिक्षा प्राप्त की।
  • तत्कालीन उपकुलपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन के सानिध्य ने उनके चिंतन को दिशा दी।
  • सन् 1946 में उन्होंने धान के शोषण के विरुद्ध 90 किसानों को संगठित किया।
  • एक लाख पंद्रह हजार रुपये एकत्र कर महासमुंद में चावल मिल की स्थापना की।
  • स्वतंत्रता सेनानी ठा. प्यारेलाल सिंह की प्रेरणा से इसे सहकारी आंदोलन से जोड़ा गया।
  • यह देश की पहली सहकारी चावल मिल बनी।
  • सन् 1956 में बनपचरी गांव में अपने खर्च से प्राथमिक शाला शुरू करवाई।
  • 1965-66 के सूखे में तालाब निर्माण कर राहत कार्य कराया।
  • 1974 में धान लेवी के विरोध में किसान आंदोलन का नेतृत्व किया और जेल गए।
  • आपातकाल के दौरान मीसा के तहत वे समाजवादी नेता मधु लिमये के साथ रायपुर जेल में रहे।
  • 1952 में वे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे। बाद में उन्होंने कभी चुनाव नही लड़ने का संकल्प लिया।
  • 1977 में जनता पार्टी का प्रस्ताव भी अस्वीकार किया।
  • उन्होंने चन्द्रनाहू कुर्मी समाज को संगठित किया।
  • उन्हें प्रथम निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। रायपुर में छात्रावास के लिए भूमि खरीदी।
  • निर्माण में स्वयं सहयोग किया।
  • सभी वर्गों के जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा में मदद दी।

जयंती कार्यक्रम में किसान मिल के संचालकगण ललित चन्द्रनाहू, पंकज साहू (पूर्व पार्षद), योगेश चन्द्रनाहू, मन्नू लाल पटेल, योगेन्द्र चन्द्राकर, बलदाऊ चन्द्राकर, मलकित मक्कड़, अभयराम भास्कर, मोहन साहू आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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