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सहकारी आंदोलन एवं समाजवाद के अग्रणी- भूषणलाल

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अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त काशी विश्वविद्यालय कांशी (बनारस) के उपकुलपति सर्वपल्ल्ली डॉ. राधाकृष्णन के सानिध्य में सन् 1944 में वकालत की शिक्षा उपरांत स्व. भूषणलाल चन्द्रनाहू किसान आंदोलन और सहकारी आंदोलन में रचनात्मक कार्य प्रारंभ किये। सन् 1946 में धान के दाम में शोषण के विरूद्ध अविभाजित जिला रायपुर (जिला धमतरी, गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुन्द) क्षेत्र के 90 किसानों को संगठित कर 115000 रु. (एक लाख पंद्रह हजार रुपये) एकत्र कर महासमुन्द में व्यावसायिक कंपनी बनाकर चांवल मिल की स्थापना किये। स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता ठा. प्यारेलाल सिंह (सी.पी. एण्ड बरार प्रदेश के प्रथम नेताप्रतिपक्ष) के प्रेरणा से चांवल मिल को सहकारी आंदोलन से संबद्ध कर दिया गया। यह देश का प्रथम सहकारी चांवल मिल था। किसान सहकारी चांवल मिल महासमुन्द का अनुकरण कर मध्यप्रदेश शासन के द्वारा छत्तीसगढ़ के सभी विकासखण्डों में सहकारी चांवल मिल की स्थापना किया गया।

सन् 1956 में अजजा बाहुल्य ग्राम बनपचरी (महासमुन्द) में स्वयं के व्यय से प्राथमिक शाला संचालित करवाये। सन् 1965-66 के गंभीर सूखा अकाल में भूखमरी से राहत के लिए स्वयं के व्यय से ग्राम बनपचरी में तालाब का निर्माण करवाये। सन् 1974 में सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में सूखा अकाल के समय म.प्र. शासन के द्वारा किसानों से जबरन धान की लेव्ही की वसूली के विरूद्ध आरंग जिला रायपुर में व्यापक किसान आंदोलन के प्रथम जत्था का नेतृत्त्व करते हुए जेल गये। सन् 1975 के आपत्तकाल में मीसा के तहत समाजवादी नेता स्व. मधुलिमये के साथ रायपुर जेल में बंद थे। देश के प्रथम आम चुनाव सन् 1952 में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे। तत्पश्चात चुनाव नहीं लड़ने और संगठन में ही कार्य करने का सार्वजनिक घोषणा के प्रण के पालन में सन् 1977 के विधानसभा चुनाव में महासमुन्द से जनता पार्टी के प्रत्याशी के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिये। वहीं अनेको राज (क्षेत्र) में बिखरे हुए चन्द्रनाहू कुर्मी समाज को सन् 1964-65 में एकीकृत कर संगठित किये। उन्हें छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहू कुर्मी समाज का निर्विरोध प्रथम अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। उन्होंने स्वयं के व्यय से डंगनिया रायपुर में छात्रावास के लिए भूमि खरीदी किये और चन्द्रनाहू कुर्मी समाज के सहयोग से छात्रावास का निर्माण किये। छात्रावास में सभी जाति के कमजोर वर्ग के छात्र लाभांवित हो रहे है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अजजा/अजा एवं अन्य सभी वर्ग के विद्यार्थियों को आर्थिक मदद कर उच्च शिक्षा दिलवाये। शिक्षा और सहकारिता एवं समाजवाद के प्रति निःस्वार्थ जनसेवक का जन्म 13 फरवरी 1919 ग्राम फरफौद (आरंग) में किसान अर्जुन प्रसाद कुर्मी के घर में जन्म हुआ। प्राथमिक शिक्षा फरफौद, माध्यमिक शिक्षा मिशन स्कूल महासमुन्द में और उच्चतर शिक्षा सेंट पॉल स्कूल रायपुर एवं मारिस कालेज नागपुर एवं कांशी विश्वविद्यालय में हुई थी। उनके जन्म दिवस 13 फरवरी 2025 को किसान सहकारी चांवल मिल महासमुन्द में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सर्वहिन्दु समाज महासमुन्द के श्री देवेन्द्र दुबे एवं छ.ग. जनादेश के संपादक के.पी. साहू और नई दुनिया के ब्यूरो चिफ आशुतोष शर्मा के द्वारा दीप प्रज्वलीत किया गया। कार्यक्रम में किसान मिल के संचालकगण ललित चन्द्रनाहू, पंकज साहू (पूर्व पार्षद), योगेश चन्द्रनाहू मन्नू लाल पटेल, योगेन्द्र चन्द्राकर, बलदाऊ चन्द्राकर, मलकित मक्कड़, अभयराम भास्कर, मोहन साहू उपस्थित थे।

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