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शुल्क कटौती और डिजिटल सहयोग से भारत–अमेरिका व्यापार संबंधों में नया अध्याय

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 प्रमुख बिंदु (Key Takeaways)

  • भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के अमेरिकी बाजार में तरजीही पहुँच मिली

  • वस्त्र एवं परिधान पर शुल्क 50% से घटाकर 18%, जबकि रेशम पर 0% शुल्क

  • मशीनरी निर्यात पर शुल्क घटाकर 18%, जिससे 477 अरब डॉलर के बाजार में अवसर

  • 1.36 अरब डॉलर के भारतीय कृषि निर्यात पर शून्य अतिरिक्त शुल्क

  • मसाले, चाय, कॉफी, फल, मेवे और प्रोसेस्ड फूड पर शून्य शुल्क

  • डेयरी, मांस, पोल्ट्री और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित

  • 232 सेक्शन टैरिफ में भारत को विशेष तरजीही लाभ

भारत को क्या मिला?

  • 900 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात पर 18% प्रतिस्पर्धी शुल्क दर

  • 150 अरब डॉलर के आयात पर शून्य शुल्क

  • 720 अरब डॉलर के आयात पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं

  • 350 अरब डॉलर के आयात पर छूट जारी

  • 232 टैरिफ पर विशेष तरजीही व्यवहार

परिचय

भारत–अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता भारत के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार में स्थायी तरजीही पहुँच मिलेगी। समझौते में व्यापक शुल्क कटौती, बड़े उत्पाद वर्गों में शून्य शुल्क, डिजिटल और तकनीकी सहयोग तथा किसानों, MSME और घरेलू उद्योग की सुरक्षा के प्रावधान शामिल हैं।

2024 में भारत का अमेरिका को कुल निर्यात 86.35 अरब डॉलर था, जिसे यह समझौता वस्त्र, चमड़ा, आभूषण, कृषि, मशीनरी, होम डेकोर, फार्मा और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में नई प्रतिस्पर्धी बढ़त देगा।

शुल्क कटौती से भारतीय निर्यात को लाभ

पारस्परिक शुल्क में बड़ी राहत

पहले कई उत्पादों पर 50% तक शुल्क था।

  • 30.94 अरब डॉलर के निर्यात पर शुल्क 50% से घटाकर 18%

  • 10.03 अरब डॉलर के निर्यात पर शुल्क 0%
    ➡️ इससे भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे।

अतिरिक्त शुल्क से छूट

  • 1.04 अरब डॉलर के निर्यात को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं

  • कृषि निर्यात के 1.035 अरब डॉलर को पूर्ण शुल्क छूट

सेक्शन 232 टैरिफ राहत

  • 28.30 अरब डॉलर के उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क शून्य

प्रमुख क्षेत्रों को लाभ

वस्त्र एवं परिधान

  • शुल्क 50% → 18%

  • रेशम पर 0% शुल्क

  • रेडीमेड कपड़े, कालीन, कपास, बेडशीट, पर्दे आदि को बड़ा लाभ

चमड़ा और फुटवियर

  • शुल्क 50% → 18%

  • चमड़ा और जूते के निर्यात में बड़ी वृद्धि की संभावना

रत्न एवं आभूषण

  • शुल्क 50% → 18%

  • हीरे, प्लैटिनम और सिक्कों पर 0% शुल्क

होम डेकोर

  • फर्नीचर, लैंप, कुशन, सजावटी वस्तुओं को लाभ

खिलौने

  • शुल्क घटाकर 18%

  • MSME को वैश्विक सप्लाई चेन में अवसर

मशीनरी

  • शुल्क 50% → 18%

  • 477 अरब डॉलर के अमेरिकी बाजार में प्रवेश आसान

कृषि क्षेत्र: अवसर और सुरक्षा

शून्य शुल्क कृषि निर्यात (1.36 अरब डॉलर)

लाभान्वित उत्पाद:

  • मसाले, चाय, कॉफी

  • नारियल तेल, मेवे, फल-सब्जियां

  • अनाज, बेकरी उत्पाद, कोको

  • फल जूस, जैम और प्रोसेस्ड फूड

संवेदनशील कृषि क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित

  • दूध, मांस, पोल्ट्री

  • अनाज, दालें, तेल बीज

  • GM खाद्य, शराब, तंबाकू
    किसानों के हित सुरक्षित रखे गए हैं।

औद्योगिक निर्यात पर 38 अरब डॉलर का शून्य शुल्क

  • विमान पार्ट्स, फार्मा, मशीनरी

  • हीरे, घड़ियाँ, रसायन, लकड़ी, रबर उत्पाद

डिजिटल और टेक्नोलॉजी सहयोग

  • सेमीकंडक्टर, AI चिप्स, डेटा सेंटर तकनीक तक आसान पहुँच

  • डिजिटल इंडिया को मजबूती

  • क्लाउड, फिनटेक, AI, हेल्थ-टेक में निवेश बढ़ेगा

स्वास्थ्य और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर

  • उन्नत मेडिकल उपकरणों तक बेहतर पहुँच

  • सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

रणनीतिक साझेदारी

यह समझौता भारत को वैश्विक व्यापार में मजबूत स्थिति देगा।
➡️ निर्यात बढ़ेगा
➡️ उद्योग मजबूत होंगे
➡️ किसानों और MSME की सुरक्षा रहेगी
➡️ डिजिटल और तकनीकी विकास को गति मिलेगी

निष्कर्ष

भारत–अमेरिका व्यापार समझौता भारत के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम है। यह विकास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाते हुए भारत को निर्यात आधारित आर्थिक वृद्धि और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाता है।


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