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उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने गांधी आश्रम में महादेव देसाई पुस्तकालय विस्तार का किया उद्घाटन

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नई दिल्ली- भारत के उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गांधी आश्रम में हरिजन सेवक संघ का दौरा किया और महादेव देसाई पुस्तकालय के विस्तारित भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर को उन्होंने केवल एक भौतिक संरचना के विस्तार के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के सबसे सशक्त माध्यम ज्ञान के प्रति आस्था की पुनः पुष्टि बताया।

उप-राष्ट्रपति ने आश्रम परिसर में स्थित कस्तूरबा संग्रहालय का भी भ्रमण किया, जहां 1930 और 1940 के दशक में महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी दिल्ली प्रवास के दौरान ठहरे थे। उन्होंने इस यात्रा को भावनात्मक बताते हुए कहा कि कस्तूरबा बा द्वारा उपयोग किए गए सादे घर और रसोई को देखकर देश के महान नेताओं के त्याग, सादगी और अटूट संकल्प की गहरी अनुभूति होती है।

अपने संबोधन में उप-राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी के जीवन में आए परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि मदुरै रेलवे स्टेशन पर भारतीय किसानों की गरीबी को देखकर गांधीजी ने पश्चिमी परिधान त्यागने और केवल लंगोट या धोती पहनने का संकल्प लिया। यह परिवर्तन आम जन से तादात्म्य स्थापित करने और उनके उत्थान के लिए आजीवन समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने स्वदेशी आंदोलन का भी उल्लेख किया और कहा कि गांधीजी भारत की कपास को मैनचेस्टर में प्रसंस्कृत कर वापस बेचने के विरोधी थे तथा स्वदेशी को आत्मनिर्भरता का आधार मानते थे।

हरिजन सेवक संघ को महात्मा गांधी द्वारा रोपा गया एक बीज बताते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि इस संस्था ने शिक्षा, जागरूकता और सेवा के माध्यम से अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी व्यक्ति की अच्छाई या बुराई जन्म से नहीं, बल्कि उसके चरित्र से तय होती है।

पूर्व राष्ट्रपति के. आर. नारायणन के जीवन का स्मरण करते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि हरिजन सेवक संघ ने उनकी शिक्षा में अहम योगदान दिया और उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्था भविष्य में भी अनेक प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को गढ़ती रहेगी।

उप-राष्ट्रपति ने व्यक्ति और समाज के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज व्यक्ति को गढ़ता है और प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह समाज को कुछ लौटाए। समाज सेवा को उन्होंने नैतिक दायित्व के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण का मार्ग बताया।

उन्होंने गुजरात की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस धरती ने देश को तीन महान व्यक्तित्व दिए—स्वतंत्रता के लिए महात्मा गांधी, राष्ट्रीय एकता के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल और विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

इस अवसर पर उप-राष्ट्रपति ने प्रो. डॉ. शंकर कुमार सान्याल द्वारा लिखित पुस्तक “एज ऑफ एनलाइटनमेंट: महात्मा गांधीज़ विज़न” का विमोचन किया। उन्होंने महात्मा गांधी, ठक्कर बापा और विनोबा भावे को पुष्पांजलि भी अर्पित की।

कार्यक्रम में हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष प्रो. डॉ. शंकर कुमार सान्याल, पूर्व सांसद एवं उपाध्यक्ष नरेश यादव, पूर्व केवीआईसी अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष लक्ष्मी दास सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




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