Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

सुकन्या समृद्धि योजना के 11 वर्ष: करोड़ों बेटियों के सपनों को मिली आर्थिक उड़ान

Document Thumbnail

8.2% ब्याज दर, 4.53 करोड़ से अधिक खाते और ₹3.33 लाख करोड़ से ज्यादा जमा—बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की सशक्त मिसाल

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) ने 22 जनवरी 2026 को अपने 11 वर्ष पूरे कर लिए। वर्ष 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई यह योजना आज देशभर में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। सरकार द्वारा अधिसूचित इस लघु बचत योजना के तहत वर्तमान में 8.2 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर दी जा रही है, जो बेटियों के लिए समर्पित बचत योजनाओं में सबसे ऊंची दरों में शामिल है।

योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2025 तक इसके अंतर्गत 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और कुल जमा राशि ₹3.33 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। हर खाता एक परिवार के उस विश्वास का प्रतीक है, जो अपनी बेटी की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश कर रहा है।

सुकन्या समृद्धि योजना केवल एक वित्तीय योजना नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम है। यह योजना माता-पिता और अभिभावकों को बेटी की शिक्षा और विवाह जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों के लिए समय से बचत करने को प्रेरित करती है। न्यूनतम ₹250 से खाता खोलने की सुविधा, ₹1.5 लाख तक की वार्षिक जमा सीमा, आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कर लाभ और शिक्षा के लिए आंशिक निकासी जैसी सुविधाएं इसे अत्यंत व्यावहारिक और भरोसेमंद बनाती हैं।

योजना के अंतर्गत खाता बेटी के जन्म से 10 वर्ष की आयु तक खोला जा सकता है और 21 वर्षों में परिपक्व होता है। 18 वर्ष की आयु के बाद उच्च शिक्षा के लिए 50 प्रतिशत तक की राशि निकाली जा सकती है, जिससे बेटियों को अपने सपनों को साकार करने में आर्थिक सहारा मिलता है।

सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। सुकन्या समृद्धि योजना यह संदेश देती है कि जब एक बेटी सशक्त होती है, तो पूरा परिवार, समाज और देश मजबूत होता है। 11 वर्षों की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि SSY केवल एक योजना नहीं, बल्कि बेटियों के भविष्य में किया गया भरोसेमंद निवेश है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.