Media24Media.com: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सम्राट पेरुम्बिदुगु मुथरैयार द्वितीय को समर्पित स्मारक डाक टिकट का विमोचन किया

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सम्राट पेरुम्बिदुगु मुथरैयार द्वितीय को समर्पित स्मारक डाक टिकट का विमोचन किया

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भारत के उपराष्ट्रपति,सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में सम्राट पेरुम्बिदुगु मुथरैयार द्वितीय (सुवर्ण मरण) को समर्पित स्मारक डाक टिकट का विमोचन किया।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तमिल संस्कृति और भाषा के प्रति भारत सरकार के निरंतर समर्थन की सराहना की। उन्होंने काशी तमिल संगम और तमिल राजाओं, नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को मान्यता देने एवं सम्मानित करने के प्रयासों की प्रशंसा की, जिन्हें अतीत में पर्याप्त मान्यता नहीं मिली थी।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सम्राट पेरुम्बिदुगु मुथरैयार पर स्मारक डाक टिकट का विमोचन इस निरंतर मान्यता प्रक्रिया का हिस्सा है।

सम्राट पेरुम्बिदुगु मुथरैयार के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्राचीन तमिलनाडु के सबसे विख्यात शासकों में से एक थे और मुथरैयार वंश के प्रतिष्ठित शासक थे, जिन्होंने 7वीं से 9वीं शताब्दी ईस्वी के बीच तमिलनाडु के मध्य क्षेत्रों पर शासन किया। उन्होंने बताया कि सम्राट ने लगभग चार दशकों तक तिरुचिरापल्ली से शासन किया और उनका राज्य प्रशासनिक स्थिरता, क्षेत्रीय विस्तार, सांस्कृतिक संरक्षण और सैन्य कौशल के लिए जाना जाता था।

उपराष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि तमिलनाडु के विभिन्न स्थानों पर पाए गए शिलालेख सम्राट के मंदिरों के दान, सिंचाई कार्यों और तमिल साहित्य में योगदान का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट का शासन दक्षिण भारतीय इतिहास में एक विशिष्ट स्थान रखता है।

प्रधानमंत्री की दृष्टि ‘विकसित भारत @2047’ का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर और महान नेताओं की विरासत का दस्तावेजीकरण, सम्मान और संरक्षण राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने आज़ादी का अमृत महोत्सव के दौरान सभी क्षेत्रों के स्वतंत्रता सेनानियों और महान शासकों को सम्मानित करने के प्रयासों का उल्लेख किया, जिसमें तमिलनाडु भी शामिल है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक तमिलनाडु सहित लगभग 642 चोरी हुई मूर्तियाँ और प्राचीन वस्तुएँ वापस प्राप्त की गई हैं।

इस अवसर पर वित्त और कॉर्पोरेट मामले की केंद्रीय मंत्री, निर्मला सीतारमण; राज्यसभा के उपाध्यक्ष, हरिवंश; और सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री, डॉ. एल. मुरुगन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


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