Media24Media.com: द्वितीय WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन में आयुष एक्सपो होगा प्रमुख आकर्षण, भारत मंडपम में 17–19 दिसंबर को आयोजन

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द्वितीय WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन में आयुष एक्सपो होगा प्रमुख आकर्षण, भारत मंडपम में 17–19 दिसंबर को आयोजन

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भारत सरकार का आयुष मंत्रालय विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सहयोग से द्वितीय WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन (Global Traditional Medicine Summit) के अंतर्गत आयुष एक्सपो का आयोजन करेगा। यह शिखर सम्मेलन 17 से 19 दिसंबर 2024 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

आयुष एक्सपो इस शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख और केंद्रीय मंच होगा, जिसमें भारत की आयुष प्रणालियों के साथ-साथ दुनिया भर की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक संवाद, नीति विमर्श और नवाचार को बढ़ावा देना है, ताकि पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों में सुरक्षित, समावेशी और प्रमाण-आधारित तरीके से एकीकृत किया जा सके।

आयुष की समग्र और वैज्ञानिक प्रस्तुति

आयुष एक्सपो में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी का व्यापक और क्यूरेटेड प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनी में इमर्सिव अनुभव, वैज्ञानिक व्याख्याएं और डिजिटल इंटरफेस के माध्यम से भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को वैश्विक संदर्भ में प्रस्तुत किया जाएगा, जो आधुनिक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ा होगा।

प्रो. (डॉ.) तनुजा मनोज नेसरी, निदेशक, आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (ITRA) ने कहा कि यह एक्सपो भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैज्ञानिक आधार और वैश्विक प्रासंगिकता के साथ प्रस्तुत करने के लिए डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय ज्ञान, प्रमाण-आधारित अभ्यास और उभरती तकनीकों को एक मंच पर लाकर यह एक्सपो शोध सहयोग को मजबूत करेगा और पारंपरिक चिकित्सा के जिम्मेदार एकीकरण को बढ़ावा देगा।

प्रमुख आकर्षण

आयुष एक्सपो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं:

  • औषधीय पौधे एवं बीज मंडप, जिसमें लगभग 40 जीवित औषधीय पौधों और दुर्लभ बीजों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो भारत की वनस्पति विरासत और पारंपरिक चिकित्सा की पारिस्थितिक नींव को दर्शाएगा।

  • स्पाइसेज़ ऑफ इंडिया पवेलियन, जिसमें आमतौर पर उपयोग होने वाले मसालों के वैज्ञानिक गुणों और निवारक स्वास्थ्य में उनकी भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा।

  • मेटालोथेरेप्यूटिक्स ज़ोन, जहां शोधन प्रक्रियाओं, भस्म निर्माण और सुरक्षा मानकों की वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी।

  • दिनचर्या, ऋतुचर्या और पंचकर्म से जुड़े अनुभाग, जो निवारक स्वास्थ्य देखभाल और उपचारात्मक पद्धतियों को पारंपरिक उपकरणों और व्याख्यात्मक प्रारूपों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।

  • पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (TKDL), जिसे जैव-चोरी रोकने और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पहल के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।

परंपरा और तकनीक का संगम

एक्सपो में आयुष नेक्स्टजेन स्टार्ट-अप्स पवेलियन भी होगा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रेडिक्टिव डायग्नोस्टिक्स, वेलनेस डिवाइसेज़ और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म्स से जुड़े नवाचार प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही, होलोग्राफिक डिस्प्ले, वर्चुअल रियलिटी आधारित योग और पंचकर्म अनुभव तथा आयुष ग्रिड का प्रदर्शन किया जाएगा, जो शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारत की डिजिटल संरचना को दर्शाता है।

आगंतुक सहभागिता और वैश्विक सहभाग

आगंतुकों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण (स्वास्थ्य परीक्षा), प्रकृति परीक्षण, ध्यान एवं योग सत्र, पोषण आधारित प्रदर्शन और बच्चों के लिए वेलनेस लर्निंग ज़ोन जैसी सहभागितापूर्ण गतिविधियां भी होंगी।

इसके अतिरिक्त, एक्सपो में एक विशेष WHO ज़ोन भी होगा, जहां WHO सदस्य देशों की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों, सामुदायिक स्वास्थ्य मॉडल और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को प्रदर्शित किया जाएगा। ये वैश्विक प्रदर्शन स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र, सामाजिक नवाचार और प्रकृति-आधारित स्वास्थ्य समाधानों पर केंद्रित होंगे।

वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा लाइब्रेरी का शुभारंभ

आयुष एक्सपो का एक प्रमुख आकर्षण WHO द्वारा वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा लाइब्रेरी (GTML) का शुभारंभ होगा। यह डिजिटल रिपॉजिटरी दुनिया भर की पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित ज्ञान, डेटा और शोध साक्ष्यों को एक मंच पर लाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्रमाण-आधारित नीति निर्माण और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की वैश्विक पहचान को बढ़ावा मिलेगा।

वैश्विक स्वास्थ्य में भारत की भूमिका

अधिकारियों के अनुसार, आयुष एक्सपो अपनी वैश्विक रूपरेखा, वैज्ञानिक क्यूरेशन, उन्नत डिजिटल तकनीकों और नवाचार व जवाबदेही पर जोर के कारण विशिष्ट है। यह प्रदर्शनी दर्शाएगी कि कैसे पारंपरिक ज्ञान, जब प्रमाण, नैतिकता और जिम्मेदार शासन से समर्थित हो, तो आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

आयुष मंत्रालय ने द्वितीय WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के अंतर्गत आयुष एक्सपो में भाग लेने के लिए प्रतिनिधियों, वैश्विक भागीदारों और मीडिया को आमंत्रित किया है, जिससे भारत और WHO की साझेदारी में पारंपरिक चिकित्सा को समान, सतत और जन-केंद्रित वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों का हिस्सा बनाने की प्रतिबद्धता को और सशक्त किया जा सके।

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