Media24Media.com: नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) की 105वीं बैठक में 8 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन

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नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) की 105वीं बैठक में 8 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन

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आज नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) की 105वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PMGS NMP) के अनुरूप मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया।

बैठक में रेल मंत्रालय की 7 परियोजनाओं और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 1 परियोजना की समीक्षा की गई। इन सभी परियोजनाओं को एकीकृत मल्टीमॉडल अवसंरचना, अंतिम मील कनेक्टिविटी और “सम्पूर्ण सरकार दृष्टिकोण (Whole of Government Approach)” के सिद्धांतों के अनुरूप परखा गया। इन पहलों से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, यात्रा समय में सुधार और परियोजना क्षेत्रों में उल्लेखनीय सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की अपेक्षा है।

रेल मंत्रालय (MoR) की प्रमुख परियोजनाएं

  1. अरक्कोणम–रेणिगुंटा तीसरी व चौथी रेल लाइन (76.559 किमी)

    तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली इस परियोजना से भीड़भाड़ कम होगी, लाइन क्षमता बढ़ेगी और माल परिवहन को गति मिलेगी। यह “मिशन 3000 MT” और हाई डेंसिटी ट्रैफिक रूट (अमृत चतुर्भुज) का अहम हिस्सा है।

  2. एरोड–करूर सेक्शन में दोहरीकरण (66.67 किमी)

    इस परियोजना से यात्री और माल ढुलाई दोनों में परिचालन दक्षता बढ़ेगी तथा कोयला, सीमेंट, स्टील और ग्रेनाइट जैसी प्रमुख वस्तुओं की आवाजाही सुगम होगी।

  3. गुंतकल–बेल्लारी तीसरी व चौथी लाइन (45.92 किमी)

    आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के बीच स्थित यह खंड प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को सेवा देता है। क्षमता वृद्धि से खनिज-समृद्ध क्षेत्र में माल ढुलाई को बड़ा लाभ मिलेगा।

  4. गुंतकल–वाडी तीसरी व चौथी लाइन (230 किमी)

    कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से गुजरने वाली यह परियोजना कोयला और सीमेंट उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और बड़े स्तर पर रेल भीड़भाड़ कम करेगी।

  5. सेलम–करूर–दिंडीगुल दोहरीकरण (159.26 किमी)

    तमिलनाडु के औद्योगिक और ऊर्जा गलियारों को मजबूत करने वाली यह परियोजना लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगी।

  6. यादाद्री–काज़ीपेट तीसरी व चौथी लाइन तथा घाटकेसर–यादाद्री चौथी लाइन

    तेलंगाना का यह उच्च यातायात घनत्व गलियारा है, जो हैदराबाद सहित प्रमुख महानगरों को जोड़ता है। इससे यात्री और माल परिवहन दोनों में सुधार होगा।

  7. तालेगांव–उरुली तीसरी व चौथी विद्युतीकृत मल्टी-ट्रैक लाइन (महाराष्ट्र)

    पुणे क्षेत्र में औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब को सुदृढ़ करने वाली यह परियोजना प्रमुख बंदरगाहों, ड्राई पोर्ट्स और ऑटोमोबाइल उद्योगों को जोड़ेगी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की परियोजना

  1. एनएच-544D (विनुकोण्डा–गुंटूर–अमरावती आउटर रिंग रोड) का उन्नयन
    आंध्र प्रदेश में लगभग 85.9 किमी लंबी इस परियोजना के तहत दो लेन सड़क को चार लेन में बदला जाएगा। इससे यात्रा समय में लगभग 52% की कमी, लॉजिस्टिक्स लागत में गिरावट और अमरावती सहित प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

बैठक का नेतृत्व

यह बैठक डीपीआईआईटी (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) के संयुक्त सचिव (लॉजिस्टिक्स) की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से पीएम गतिशक्ति के तहत देश में एकीकृत, कुशल और भविष्य-उन्मुख बुनियादी ढांचा नेटवर्क को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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